शिवाजी महाराज पर धीरेंद्र शास्त्री को लेकर टिप्पणी पड़ी भारी, रितेश देशमुख ने सुनाई खरी-खोटी, बोले- बर्दाश्त नहीं...
Dhirendra Shastri: धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महराज को लेकर एक ऐसा बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि महाराज युद्ध करते करते थक गए थे और उन्होंने अपने गुरु के सामने राज्य संभालने की इच्छा जताई थी..इस पूरे मामले पर अभिनेता और फिल्ममेकर रितेश देशमुख ने काफी कड़ा रुख अपनाया.
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Dhirendra Shastri's comment on Shivaji Maharaj: कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महराज को लेकर एक ऐसा बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि महाराज युद्ध करते करते थक गए थे और उन्होंने अपने गुरु के सामने राज्य संभालने की इच्छा जताई थी. यह बात कई लोगों को गलत और इतिहास के साथ छेड़छाड़ जैसी लगी. खासकर शिवाजी महाराज को मनाने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि उनकी आस्था और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बन गया है.
रितेश देशमुख का भावुक और सख्त रिएक्शन
इस पूरे मामले पर अभिनेता और फिल्ममेकर रितेश देशमुख ने काफी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की. उनके शब्दों में गुस्सा भी था और अपने आराध्य के प्रति गहरा सम्मान भी. उन्होंने साफ कहा कि कोई भी व्यक्ति आकर शिवाजी महाराज के बारे में मनगढ़ंत बातें नहीं कर सकता. रितेश ने यह भी जताया कि एक “शिव-भक्त” होने के नाते ऐसी बातें सुनकर खून खौलना स्वाभाविक है. उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि शिवाजी महाराज का नाम और उनकी महानता कभी कम नहीं हो सकती. समय चाहे कितना भी बदल जाए, उनका नाम हमेशा अमर रहेगा.
कोणीतरी येतो आणि आपल्या आराध्य दैवताबद्दल काहीतरी विकृत बरळतो, एक शिवप्रेमी-शिवभक्त म्हणून हे अमान्य आणि संतापजनक आहे.
— Riteish Deshmukh (@Riteishd) April 26, 2026
असले चौकटीत अडकवण्याचे फोल प्रयत्न काळाच्या उदरात गडप होतील. पण सह्याद्रीच्या पर्वतरांगा जशा लाखो वर्ष आधी होत्या तसंच ‘ते’ एकच नाव करोडो वर्ष भविष्यातही राहील.…
शिवाजी महाराज क्यों इतने महत्वपूर्ण हैं?
छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ एक ऐतिहासिक राजा नहीं थे, बल्कि साहस, आत्मसम्मान और “स्वराज्य” के प्रतीक माने जाते हैं. उन्होंने बहुत कम संसाधनों में एक मजबूत साम्राज्य खड़ा किया और लोगों को आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता का रास्ता दिखाया। इसलिए उनके जीवन से जुड़ी हर बात लोगों के लिए बेहद संवेदनशील होती है.
बयान के बाद माफी
जब विवाद बढ़ा, तो धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देते हुए माफी भी मांगी. उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया और अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो उन्हें इसका दुख है. उन्होंने यह भी माना कि शिवाजी महाराज का योगदान बहुत बड़ा है और सभी को उनका सम्मान करना चाहिए.
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दिलचस्प बात यह है कि यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब रितेश देशमुख खुद राजा शिवाजी नाम की फिल्म में शिवाजी महाराज का किरदार निभा रहे हैं. यह फिल्म उनके जीवन के शुरुआती संघर्ष और स्वराज्य की स्थापना की कहानी दिखाएगी.
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