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'कान खोलकर सुन लो, मुझे ममता बनर्जी समझने की भूल मत करना...', CM सुवेंदु की चेतावनी के बाद हुमायूं कबीर पर एक्शन शुरू

पश्चिम बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी की चेतावनी के 24 घंटे के भीतर हुमायूं कबीर पर एक्शन शुरू हो गया है. कबीर ने धर्म विशेष के लोगों को गोलबंद करने की धमकी दी थी, जिस पर सीएम ने सदन में चेताया था. बाद में कबीर सफाई पर सफाई देते नजर आए थे.

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01 Jul 2026
( Updated: 01 Jul 2026
04:20 PM )
'कान खोलकर सुन लो, मुझे ममता बनर्जी समझने की भूल मत करना...', CM सुवेंदु की चेतावनी के बाद हुमायूं कबीर पर एक्शन शुरू
Suvendu/Humayun/ Image Source: IANS (File Photo)
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बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की चेतावनी के 24 घंटे के अंदर ही आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर की बैठक के तीन आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया गया. यह गिरफ्तारी नाउदा के विधायक की ओर से दिए गए एक विवादित भाषण के कारण की गई. मुर्शिदाबाद पुलिस ने सोमवार रात दो अलग-अलग ऑपरेशन में गोलम मुस्तफा, मोहम्मद अमीनुल हक और अनीसुर रहमान को गिरफ्तार किया है. हाल ही में, हुमायूं कबीर की ओर से मुर्शिदाबाद के रेजीनगर और शक्तिपुर में बैठकें की गई थीं. इस दौरान उन पर भड़काऊ भाषण के आरोप लगे थे. मुर्शिदाबाद के रेजीनगर और शक्तिपुर पुलिस स्टेशनों में दो एफआईआर भी दर्ज की गई हैं.

"सबक सिखाने का टाइम आ गया है"

बीते दिन विधानसभा सत्र में हुमायूं कबीर की बातों से विवाद खड़ा हो गया था. सोमवार को सदन में भाषण के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर की उन बातों को देखते हुए पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी. हुमायूं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था, "मैं सबसे पहले उन्हें उठाऊंगा जिन्होंने उन्हें बुलाया था, और फिर आपके (कबीर) पास आऊंगा. मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मुझे जो करना है, मैं करूंगा. इसे याद रखिए, यह उनका आखिरी बयान है. यह सरकार कानून का राज कायम करेगी. बहुत हो गया. ऐसे लोगों को सबक सिखाने का समय आ गया है."

हुमायूं कबीर की पार्टी के कार्यकर्ताओं पर क्रैकडाउन शुरू

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मुख्यमंत्री की चेतावनी के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गोलम और अमीनुल को रेजीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया. अनीसुर को शक्तिपुर पुलिस ने पकड़ा. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अमीनुल का घर रेजीनगर के लोकनाथपुर गांव में है. दूसरी ओर, कार्यक्रम के मुख्य आयोजक गोलम काशीपुर इलाके का रहने वाले है. इन्होंने पार्टी की बैठक आयोजित करने के लिए पुलिस से अनुमति मांगी थी. आरोप है कि विधायक ने उस बैठक में भड़काऊ बातें कहीं.

सीएम सुवेंदु की चेतावनी के बाद सफाई देते नज़र आए हुमायूं कबीर

मुख्यमंत्री के भाषण के बाद हुमायूं सफाई देते नज़र आ रहे थे. उनको कहना पड़ रहा था कि उन्होंने सरकार और सीएम सुवेंदु के खिलाफ कुछ नहीं कहा. उन्होंने अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि, "मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा. मैंने उस तरीके के खिलाफ बात की जिससे जो लोग नए भाजपा सदस्य हैं, जो 4 मई के बाद भाजपा में शामिल हुए हैं, उन्होंने इलाके में अशांति फैलाई है. अगर मुझे इसके लिए गिरफ्तार किया जाता है, तो ठीक है. मैंने इन लोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और एक नई पार्टी बनाई और जीता."

हुमायूं कबीर ने क्या धमकी दी थी?

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आपको बता दें कि 6 जून को विधायक ने रेजीनगर में एक जनसभा की, जिसमें उन्होंने बीजेपी नेतृत्व को धमकी दी थी. कबीर ने कहा था, "जिस दिन मैं हज़ारों मुसलमानों को इकट्ठा करके सड़कों पर उतरूंगा, उस दिन मैं इतना ज़ोरदार प्रहार करूंगा कि आपकी पार्टी का झंडा उठाने वाला भी कोई नहीं बचेगा." इससे पहले, 6 जून को उन्होंने शक्तिपुर में एक पुलिस अधिकारी के बारे में टिप्पणी की थी.

मुझे कमजोर सीएम समझने की भूल मत करना: सुवेंदु

इसके अलावा सीएम सुवेंदु ने हुमायूं कबीर को भड़काऊ और अपमानजनक सार्वजनिक भाषण देने के लिए चेतावनी सदन में कहा था कि अब बहुत हो चुका है. उन्होंने कहा था कि उन्हें एक कमजोर मुख्यमंत्री समझने की गलतफहमी ना पालें. सुवेंदु ने आगे कहा कि हाल ही में रेजीनगर और शक्तिपुर में हुए कार्यक्रमों में हुमायूं ने जो भाषण दिए, उन्हें देखते हुए कुछ धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. 

उनके अनुसार, हुमायूं कबीर ये सब इसलिए कह रहे हैं क्योंकि वह रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में अपने बेटे को जिताना चाहते हैं, जिसे उन्होंने खाली छोड़ा था. हालांकि, सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अब ऐसी बातें नहीं की जा सकतीं और हुमायूं से 'संयम बरतने' को कहा.

'मुझे ममता की तरह कमजोर मुख्यमंत्री समझने की भूल मत करना'

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में बोलते हुए अधिकारी ने कहा, "दो घटनाओं के बाद, मुझे लगा कि अब बहुत हो चुका है. ऐसे लोगों को सबक सिखाने का समय आ गया है. मैं आपको साफ-साफ बता रहा हूं, ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं हैं. अब तक एक कमजोर मुख्यमंत्री मिलने के बाद आपने जो चाहा, वह किया." सुवेंदु ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने क्या कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा, "मैंने आपको बताया, मैंने दो एफआईआर दर्ज कराई है." 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जून की घटना के संबंध में रेजीनगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 152, 196, 197, 224, 299, 351 (2), 352, 353 के तहत मामले संख्या 219 और 226 दर्ज किए गए हैं. दूसरी घटना में, शक्तिपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 176 और 226 के तहत एक और मामला दर्ज किया गया है.

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हुमायूं को ऐसी भाषा में बात करने का अधिकार किसी ने नहीं दिया था. सुवेंदु ने यह भी बताया कि नौदा के विधायक ऐसा क्यों कह रहे हैं. मुझे पता है कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं. मुझे राजनीतिक कारण पता हैं. इसके पीछे दो एजेंडे थे. हुमायूं का पहला मकसद मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर, रेजीनगर और नौदा में चुनी गई सभी पंचायतों को अपनी पार्टी में शामिल करना था, चाहे वे किसी भी पार्टी की हों.

सुवेंदु ने हुमायूं कबीर को दिलाई शाहजहां-शौकत मोल्ला और जहांगीर खान की याद

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हुमायूं के दूसरे मकसद के बारे में सुवेंदु ने कहा, "उन्होंने विधानसभा चुनाव में दो सीटें जीतीं. नियमों के मुताबिक उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी. वहां अगले 2-3 महीनों में दोबारा चुनाव होंगे. आप चाहते हैं कि उस सीट से आपका बेटा जीते. उस सीट पर 72 फीसदी मुस्लिम आबादी है. आप मुस्लिम वोटों को एकजुट करने के लिए यह खेल खेल रहे हैं."

उन्होंने चेतावनी दी, "कान खोलकर सुन लीजिए, मैं आपको इस तरह बात नहीं करने दूंगा, मैं आपको ऐसा नहीं करने दूंगा." बिना नाम लिए, मुख्यमंत्री ने उन्हें संदेशखाली के शेख शाहजहां, कैनिंग के शौकत मोल्ला और फलता के जहांगीर खान की भी याद दिलाई, जिन्हें अलग-अलग तरह के अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया है.

हुमायूं कबीर ने अपनी सफाई में क्या कहा था?

इसके बाद सुवेंदु ने कहा, "पुलिस कार्रवाई कर रही है. मैं एक हफ्ते में मुर्शिदाबाद जा रहा हूं. भारत का संविधान और कानून ही सर्वोपरि है. ज्यादा बोलने वालों की बात आखिरी नहीं होती. संयम बरतें. सावधान रहें. ऐसे शब्द वापस लें. भविष्य में ऐसे शब्द बोलने से पहले 25 बार सोचें."

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मुख्यमंत्री के भाषण के बाद हुमायूं ने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा. मैंने उन लोगों के खिलाफ बात की जो नए भाजपा सदस्य हैं, जिन्होंने 4 मई के बाद भाजपा ज्वाइन की और इलाके में अशांति फैलाई. अगर इसके लिए मुझे गिरफ्तार किया जाता है, तो ठीक है. मैंने इन लोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और एक नई पार्टी बनाई. मैं जीता."

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