राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भड़कीं देवोलीना, बोलीं- श्रेय लेने वाले अब जवाब भी दें
Devoleena Statement on Ram Mandir: टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस पूरे विवाद पर नाराजगी जाहिर की है.. उन्होंने कहा कि जब किसी बड़े काम का श्रेय लेने की बात आती है तो कई लोग सबसे आगे दिखाई देते हैं, लेकिन जब उसी काम को लेकर विवाद खड़ा होता है, तब जिम्मेदारी लेने वाला कोई नजर नहीं आता.
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Devoleena Statement on Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर पूरे देश में चर्चा तेज है.. इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और मामले की जांच भी जारी है.. इसी बीच टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस पूरे विवाद पर नाराजगी जाहिर की है.. उन्होंने कहा कि जब किसी बड़े काम का श्रेय लेने की बात आती है तो कई लोग सबसे आगे दिखाई देते हैं, लेकिन जब उसी काम को लेकर विवाद खड़ा होता है, तब जिम्मेदारी लेने वाला कोई नजर नहीं आता...
'श्रेय लेने वाले अब जवाब भी दें'
देवोलीना ने अपने पोस्ट में लिखा कि राम मंदिर का निर्माण देश के लिए एक ऐतिहासिक पल था और इसे लेकर कई नेताओं ने गर्व से अपनी भूमिका बताई. चुनावों के दौरान भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया और इसका राजनीतिक फायदा भी मिला. लेकिन अब जब मंदिर में चढ़ावे को लेकर सवाल उठ रहे हैं और जांच चल रही है, तो जवाबदेही कौन तय करेगा? उन्होंने कहा कि अगर कोई उपलब्धि सबकी है, तो किसी गड़बड़ी की स्थिति मे जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए. सिर्फ अच्छे काम का श्रेय लेना और मुश्किल समय में चुप रह जाना सही नहीं है.
The entire political leadership proudly claimed credit for the construction of the Ram Mandir. It became a major part of election campaigns, and it undoubtedly earned votes. But what comes after that?
— Devoleena Bhattacharjee (@Devoleena_23) June 29, 2026
When allegations of theft, mismanagement, or wrongdoing emerge, where is the…
'भक्तों के विश्वास की हर हाल में रक्षा होनी चाहिए'
एक्ट्रेस ने आगे कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालु पूरी आस्था और विश्वास के साथ मंदिर में चढ़ावा चढ़ाते हैं. यह सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और विश्वास का प्रतीक होता है. ऐसे में अगर किसी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी की बात सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरी पारदर्शिता के साथ सच लोगों के सामने आना चाहिए. उनका कहना था कि लोगों का भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
'देश पहले, व्यक्ति या पार्टी बाद में'
देवोलीना ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि उपलब्धि का श्रेय लेने के लिए सभी तैयार रहते हैं, लेकिन सवाल उठने पर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश होती है. उन्होंने कहा कि उनकी सोच हमेशा से यही रही है कि किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल से ज्यादा देश और उसके मूल्यों के प्रति समर्पित होना चाहिए. अगर कोई गलती करता है, तो उस पर सवाल उठाना गलत नहीं है. लोकतंत्र की असली ताकत यही है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था जवाबदेही से ऊपर नहीं होनी चाहिए.
मामले की जांच जारी
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फिलहाल चढ़ावा विवाद की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं और पूरे मामले की पड़ताल जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है. ऐसे में सभी की नजर अब जांच के नतीजों पर टिकी हुई है.