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Tamil Nadu: विधानसभा में मंत्री की एक गलती से बढ़ा विवाद, थलपति विजय ने तुरंत मांगी माफी

Tamil Nadu: मंत्री के इस बयान पर डीएमके के सदस्यों ने आपत्ति जताई और सदन में विरोध शुरू कर दिया. उनका कहना था कि करुणानिधि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और एक सम्मानित नेता रहे हैं, इसलिए सदन में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाना चाहिए.

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18 Aug 2026
( Updated: 18 Aug 2026
10:56 AM )
Tamil Nadu: विधानसभा में मंत्री की एक गलती से बढ़ा विवाद, थलपति विजय ने तुरंत मांगी माफी
Image Source: IANS/X/@CMOTamilnadu
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Tamil Nadu: तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि का नाम लेने को लेकर उस समय माहौल गरमा गया, जब राज्य के वन मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने अपने भाषण के दौरान उनका नाम बिना किसी सम्मानजनक सबोधन के ले लिया. मंत्री के इस बयान पर डीएमके के सदस्यों ने आपत्ति जताई और सदन में विरोध शुरू कर दिया. उनका कहना था कि करुणानिधि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और एक सम्मानित नेता रहे हैं, इसलिए सदन में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाना चाहिए.

मंत्री की गलती पर CM विजय ने मांगी माफी

विरोध बढ़ता देख मुख्यमंत्री थलपति विजय तुरंत खड़े हुए और मामले को शांत कराने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का नाम जिस तरीके से लिया गया, वह सही नहीं था. मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से माफी मांगते हुए कहा की सदन में ऐसे सम्मानित नेता का जिक्र करते समय उचित शब्दों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद सदन में बढ़ता विवाद शांत हो गया. 

चुनाव में पैसे बांटने का जिक्र करते हुए हुआ विवाद

दरअसल, विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मिलने वाली ग्रांट पर चर्चा चल रही थी. इसी दौरान वन मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने चुनाव के दौरान कथित तौर पर पैसे बांटने की राजनीति पर सवाल उठाया. उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनाव में कांचीपुरम में हर वोट के लिए 1,500 रुपये तक बांटे गए थे. मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार बिना पैसे बांटे सत्ता में आई है.

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इसी दौरान उन्होंने चुनावी रणनीतियों और पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि का नाम सीधे ले लिया. इसके बाद डीएमके नेताओं ने आपत्ति जताई और कहा कि सदन में पूर्व मुख्यमंत्री का नाम इस तरह नहीं लिया जना चाहिए.

किसानों के लिए 75 हजार रुपये तक की कर्ज माफी

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वहीं, मुख्यमंत्री विजय ने सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर किसानों के लिए भी बड़ा ऐलान किया. डेल्टा जिलों में कुरुवई फसल के लिए मेट्टूर बांध से सिंचाई का पानी नहीं छोड़े जाने के कारण किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे किसानों को राहत देते हुए सरकार ने 75 हजार रुपये तक के कृषि ऋण को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की.

अलग-अलग कर्ज पर मिलेगी अलग राहत

विधानसभा में नियम 110 के तहत दिए गए बयान में मुख्यमंत्री ने बताया कि 75 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर 75 हजार रुपये तक की छूट दी जाएगी. वहीं, 1 लाख रुपये से अधिक के कर्ज पर 35 हजार रुपये की राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि राज्य आर्थिक दबाव से गुजर रहा है, इसके बावजूद किसानों को राहत देने की कोशिश की जा रही है.

सरकार के मुताबिक इस अतिरिक्त कर्ज माफी से राज्य के खजाने पर करीब 953.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेग. सरकार का कहना है कि मुश्किल आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद किसानों को राहत देना उसकी प्राथमिकता है.

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