Udta Teer Movie Review: आयुष्मान खुराना की कॉमेडी और कन्फ्यूजन से भरपूर फिल्म, हंसते-हंसते हो जाएंगे लोटपोट
आयुष्मान खुराना फिल्म की कमान संभालते हैं और अपनी कॉमिक टाइमिंग से कहानी को मजेदार बनाए रखते हैं. उनकी परफॉर्मेंस फिल्म के हास्य वाले हिस्सों को मजबूती देती है. सारा अली खान भी अपनी एक्टिंग से फिल्म के मजे को बढ़ाती हैं. दोनों कलाकारों के साथ कई दूसरे कलाकार भी कॉमेडी के रंग में रंगे नजर आते हैं.
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रेटिंग: 4.5 स्टार
कल्पना कीजिए कि पाकिस्तान का एक खुफिया एजेंट भारत में एक हादसे का शिकार हो जाता है और अपनी याददाश्त खो बैठता है. होश में आने पर उसे लगता है कि वह भारत का काउंटर-इंटेलिजेंस ऑफिसर है. बस, इसी गड़बड़ी से शुरू होता है फिल्म 'उड़ता तीर' का मजेदार सफर, जहां गलतफहमियां, उलझनें और हास्यास्पद हालात एक के बाद एक सामने आते हैं.
दर्शकों को हंसाने की कोशिश करती है उड़ता तीर
आकाश ए. कौशिक के निर्देशन और लेखन में बनी यह फिल्म अपनी मजेदार कहानी, चुटीले डायलॉग और शानदार कॉमिक टाइमिंग के दम पर दर्शकों को हंसाने की कोशिश करती है. फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक भी कई मौकों पर कॉमेडी का मजा बढ़ा देता है. 'उड़ता तीर' में जिस तरह की उलझनें दिखाई गई हैं, वे कई बार इतनी अजीब और मजेदार होती हैं कि हंसी अपने आप छूट जाती है. फिल्म के डायलॉग कहानी की जान हैं. कलाकारों की कॉमिक टाइमिंग और एक-दूसरे के साथ उनकी केमिस्ट्री सीन को मजेदार बनाती है. बैकग्राउंड म्यूजिक भी सही समय पर कॉमेडी के साथ मेल मिलाता है और कई सीन का असर बढ़ा देता है.
एक्टिंग
आयुष्मान खुराना फिल्म की कमान संभालते हैं और अपनी कॉमिक टाइमिंग से कहानी को मजेदार बनाए रखते हैं. उनकी परफॉर्मेंस फिल्म के हास्य वाले हिस्सों को मजबूती देती है. सारा अली खान भी अपनी एक्टिंग से फिल्म के मजे को बढ़ाती हैं. दोनों कलाकारों के साथ कई दूसरे कलाकार भी कॉमेडी के रंग में रंगे नजर आते हैं. फिल्म के डायलॉग इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक हैं. वहीं, बैकग्राउंड स्कोर भी तारीफ के काबिल है, जो कई जगह कॉमेडी को मजेदार बनाने का काम करता है.
दिवंगत अभिनेता मुकुल देव ने अजहर मकसूद के किरदार में अपनी छाप छोड़ी है. राम कपूर और गुलशन ग्रोवर भी अपने-अपने अंदाज से कहानी में रंग भरते हैं. राहुल बोस, सुहैल नैय्यर, रघुबीर यादव और बृजेंद्र काला समेत बाकी कलाकार भी फिल्म की कॉमिक दुनिया को मजबूत बनाते हैं.
क्या चीज बेहतर हो सकती थी
फिल्म की एक चीज, जो बेहतर हो सकती थी, वो है इसकी लंबाई. खासकर दूसरे हाफ में कहानी थोड़ी खिंची हुई महसूस होती है. जहां फिल्म की कॉमेडी और डायलॉग दर्शकों को बांधे रखते हैं, वहीं कुछ हिस्सों को छोटा किया जा सकता था. हालांकि, यह कमी फिल्म के मनोरंजक पलों पर पूरी तरह भारी नहीं पड़ती.
आकाश ए. कौशिक के निर्देशन और लेखन में बनी 'उड़ता तीर' को करण जौहर, अदार पूनावाला, अपूर्व मेहता, गुनीत मोंगा कपूर और अचिन जैन ने प्रोड्यूस किया है. रौनक बजाज फिल्म के को-प्रोड्यूसर हैं. धर्मा प्रोडक्शंस और सिख्या एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी फिल्म में आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, राहुल बोस, राम कपूर, सुहैल नैय्यर, दिवंगत मुकुल देव, रघुबीर यादव, बृजेंद्र काला और गुलशन ग्रोवर समेत कई कलाकार हैं. फिल्म का संगीत सचिन-जिगर ने तैयार किया है, जबकि गाने अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे हैं.
क्या देखने लायक है फिल्म
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'उड़ता तीर' एक ऐसी कॉमेडी फिल्म है, जो अपनी मजेदार कहानी और कलाकारों की कॉमिक टाइमिंग के सहारे दर्शकों को हंसाने में कामयाब रहती है. फिल्म का सेकंड हाफ थोड़ा छोटा होता, तो इसका मजा और बढ़ सकता था. इसके बावजूद फिल्म में ऐसे कई पल हैं, जो आपको हंसने पर मजबूर कर देंगे. अगर आप ऐसी कॉमेडी देखना चाहते हैं, जो खुद को बहुत गंभीरता से नहीं लेती और जिसका मकसद सिर्फ मनोरंजन करना है, तो 'उड़ता तीर' आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है.