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'रावण को हीरो, राम को म्यूट कैरेक्टर बना दिया', रणबीर कपूर की 'रामायण' पर क्या बोले 'दुर्योधन' पुनीत इस्सर?

Puneet Issar: टीवी के मशहूर शो ‘महाभारत’ में दुर्योधन का किरदार निभाने वाले एक्टर पुनीत इस्सर ने फिल्म के मेकर्स के विजन पर भरोसा जताया है. उनका मानना है कि किसी भी फिल्म को लेकर अंतिम फैसला सुनाने से पहले उसे देखना जरूरी है.

'रावण को हीरो, राम को म्यूट कैरेक्टर बना दिया', रणबीर कपूर की 'रामायण' पर क्या बोले 'दुर्योधन' पुनीत इस्सर?
Image Source: Punit Issar/ Instagram
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Puneet Issar: रणबीर कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘रामायण’ रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है. फिल्म की कहानी से लेकर इसके विजुअल इफेक्ट्स, कलाकारों की कास्टिंग और किरदारों के चित्रण तक, कई मुद्दों पर सोशल मीडिया पर बहस हो रही है फिल्म को लेकर तरह-तरह की राय सामने आ रही हैं. इसी बीच टीवी के मशहूर शो ‘महाभारत’ में दुर्योधन का किरदार निभाने वाले एक्टर पुनीत इस्सर ने फिल्म के मेकर्स के विजन पर भरोसा जताया है. उनका मानना है कि किसी भी फिल्म को लेकर अंतिम फैसला सुनाने से पहले उसे देखना जरूरी है.

रावण को हीरो और राम को मूक किरदार दिखाने पर जताई चिंता

पुनीत इस्सर ने अमित भाटिया के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों की प्रस्तुति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि आजकल कुछ नाटकों और स्टेज शोज में नकारात्मक किरदारों को हीरो की तरह पेश किया जाने लगा है. उनके मुताबिक, कई प्रस्तुतियों में रावण के व्यक्तित्व को तो प्रमुखता दी जाती है, लेकिन भगवान राम की महानता और उनके आदर्शों को उतनी प्रभावशाली तरीके से नहीं दिखाया जाता. पुनीत ने बताया कि ऐसी प्रस्तुतियों को देखने के बाद उन्होंने रामायण और महाभारत पर आधारित कई नाटक लिखे, ताकि दर्शकों के सामने इन पात्रों का वास्तविक महत्व और उनके चरित्र की गहराई रखी जा सके. उनका मानना है कि भगवान राम को ऐसे किरदार के रूप में दिखाना, जिसके पास करने या कहने के लिए कुछ खास न हो, उनके व्यक्तित्व के साथ न्याय नहीं है.

रणबीर कपूर की ‘रामायण’ से पुनीत को उम्मीदें

फिल्म को लेकर हो रही आलोचनाओं के बावजूद पुनीत इस्सर रणबीर कपूर के अभिनय को लेकर आश्वस्त नजर आए. उन्होंने उम्मीद जताई कि रणबीर ने भगवान राम की भूमिका को पूरी ईमानदारी और प्रभावशाली तरीके से निभाया होगा. साथ ही, उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी के काम पर भी भरोसा जताया. पुनीत का कहना है कि किसी फिल्म की सफलता आखिरकार उसकी कहानी और प्रस्तुति पर निर्भर करती है. उन्होंने ‘कांतारा’ और ‘हनुमान’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छी कहानियों को दर्शकों का प्यार मिलता है, जबकि ‘आदिपुरुष’ को अपेक्षित सफलता नहीं मिली. उनके मुताबिक, फिल्म अच्छी होगी तो दर्शक उसे जरूर पसंद करेंगे.

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पुनीत इस्सर की बातों के बीच एक अहम सवाल भी सामने आता है कि क्या किसी फिल्म को देखे बिना उसकी खूबियों और कमियों पर अंतिम राय बनाना उचित है? एक्टर   का मानना है कि दर्शकों को पहले फिल्म देखने का मौका देना चाहिए और उसके बाद ही उसके कंटेंट, कलाकारों के अभिनय और प्रस्तुति पर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए. अब देखना दिलचस्प होगा कि रणबीर कपूर की ‘रामायण’ दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और बड़े पर्दे पर भगवान राम की कहानी किस अंदाज में पेश की जाती है.. 

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