जहां धधकता है ज्वालामुखी, वहीं विराजते हैं गणपति! इंडोनेशिया में 700 साल पुरानी प्रतिमा
माउंट ब्रोमो पर गणेश जी की यह प्रतिमा यहां रहने वाले लोगों की विश्वास का प्रतीक है. स्थानीय लोग मानते हैं कि गणेश जी इस खतरनाक ज्वालामुखी से आसपास के गांवों की रक्षा करते हैं. इसलिए यहां भगवान गणेश को एक तरह से संरक्षक के रूप में भी देखा जाता है. भक्त यहां फूल, फल और अन्य सामग्री चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं और इलाके की खुशहाली की कामना करते हैं. यह आस्था पीढ़ियों से चली आ रही है.
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गणेश चतुर्थी आते ही भारत में हर तरफ गणपति बप्पा की धूम देखने को मिलती है. मंदिरों से लेकर घरों और पंडालों तक गणेश जी की पूजा होती है. लेकिन, भगवान गणेश की आस्था सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. हजारों किलोमीटर दूर इंडोनेशिया में भी गणेश जी को ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि से जोड़कर पूजा जाता है. वहां एक ऐसी जगह भी है, जो गणेश भक्तों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है. यहां भगवान गणेश की एक प्रतिमा ज्वालामुखी के किनारे विराजमान है और लोगों की मान्यता है कि गणेश जी उन्हें ज्वालामुखी के खतरे से बचाते हैं.
ज्वालामुखी के किनारे विराजमान गणेश जी
यह अनोखी प्रतिमा इंडोनेशिया के पूर्वी जावा में स्थित माउंट ब्रोमो पर है. माउंट ब्रोमो एक सक्रिय ज्वालामुखी है और अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ धार्मिक मान्यताओं के लिए भी दुनियाभर में मशहूर है.
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करीब 700 साल पुरानी बताई जाती है प्रतिमा
स्थानीय मान्यता के अनुसार, यह प्रतिमा करीब 700 साल पुरानी है और इसे इस इलाके में रहने वाले तेंगर समुदाय के पूर्वजों ने स्थापित किया था. इस क्षेत्र में गणेश पूजा और हिंदू परंपराओं की जड़ें सदियों पुरानी हैं.
माउंट ब्रोमो पर गणेश जी की यह प्रतिमा यहां रहने वाले लोगों की विश्वास का प्रतीक है. स्थानीय लोग मानते हैं कि गणेश जी इस खतरनाक ज्वालामुखी से आसपास के गांवों की रक्षा करते हैं. इसलिए यहां भगवान गणेश को एक तरह से संरक्षक के रूप में भी देखा जाता है. भक्त यहां फूल, फल और अन्य सामग्री चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं और इलाके की खुशहाली की कामना करते हैं. यह आस्था पीढ़ियों से चली आ रही है.
जावा में आज भी जिंदा है हिंदू परंपरा
इंडोनेशिया में हिंदू संस्कृति का इतिहास बहुत पुराना है. भले ही आज देश की आबादी में हिंदुओं की संख्या कम है, लेकिन हिंदू धर्म और संस्कृति का असर देश के कई हिस्सों में साफ दिखाई देता है. खासकर बाली और जावा के कुछ इलाकों में मंदिर, धार्मिक परंपराएं और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी मान्यताएं आज भी लोगों के जीवन का हिस्सा हैं. तेंगर समुदाय भी ऐसी ही पुरानी परंपराओं को बचाकर रखे हुए है.
2,392 मीटर ऊंचा है माउंट ब्रोमो
इंडोनेशिया के पर्यटन विभाग के अनुसार, ब्रोमो इलाके के कई स्थानीय लोग हिंदू मान्यताओं को मानते हैं और ब्रह्मा, विष्णु और शिव सहित हिंदू परंपरा के देवताओं की पूजा करते हैं. माउंट ब्रोमो करीब 800 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और इसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 2,392 मीटर है. यहां का विशाल रेत का मैदान, ज्वालामुखी का धुआं और सूर्योदय का नजारा दुनिया भर से लोगों को अपनी तरफ खींचता है.
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इंडोनेशिया दुनिया के सबसे ज्यादा ज्वालामुखी वाले देशों में शामिल है. यह देश प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां लगातार होती रहती हैं. ऐसे में माउंट ब्रोमो जैसे सक्रिय ज्वालामुखी के बिल्कुल करीब गणेश जी की प्रतिमा का होना स्थानीय लोगों की आस्था को और भी खास बनाता है. लोगों के लिए गणेश प्रतिमा मुश्किल हालात में विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है.