बंगाल में बदल जाएगी दूर्गा पूजा की सूरत... DJ, शराब, मूर्ति, पंडाल और विसर्जन को लेकर CM सुवेंदु ने जारी की गाइडलाइंस
Durga Puja 2026: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के जश्न के रंग में भंग डालने वाली हर एक चीज पर सरकार ने बैन लगा दिया है. शराब, डीजे, पंडाल हॉपिंग, कथित सेक्युलर थीम वाले पंडाल, मूर्ति विसर्जन, कॉर्निवाल आदि को लेकर सरकार ने दिशा निर्देश जारी किए हैं.
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दुर्गा पूजा हिंदुओं के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है. वैसे तो ये बंगाल, यूपी, बिहार सहित देश के कई इलाकों में मनाया जाता है, लेकिन पश्चिम बंगाल के लिए इसके बहुत खास मायने हैं. बंगाली लोग इसे पूरे उत्साह और श्रद्धा से मनाते हैं. दुर्गा पूजा बंगालियों के लिए एक त्योहार नहीं, इमोशन है. ये ना सिर्फ एक धार्मिक आयोजन है बल्कि ये हर साल करीब 60000 करोड़ का बड़ा मार्केट तैयार करता है.
बंगाल में बदल जाएगी दुर्गा पूजा की सूरत!
हालांकि बीते कई दशकों से सरकारें ऐसी रहीं कि इस उत्सव के रंग में भंग पड़ती रही और विवादों का इससे चोली और दामन ना नाता रहा. यानी अगर इतिहास को देखें तो दुर्गा पूजा और मूर्तियों को भी सरकार की विचारधारा, सोच और कथित सेक्युलरिज्म की भेंट चढ़ा दिया गया. मूर्तियों के जरिए ऐसे संदेश दिए जाने लगे, जिसकी जरूरत नहीं थी और कम से कम तो प्रतिमाओं के जरिए. उसके लिए सरकार का अच्छा-खासा मंच है, महकमा है, बजट है और जिम्मेदारी भी है.
हालांकि अब बंगाल में बहुत कुछ बदलने वाला है. और ये बदलाव नई सरकार और नई विचारधारा के सत्ता में आने के साथ ही होने लगे हैं. आपको बता दें कि सीएम सुवेंदु के नेतृत्व में सरकार ने आयोजन से लेकर अनुदान तक को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं. इससे ना सिर्फ दूर्गा पूजा में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी बल्कि श्रद्धा और दुर्गा पूजा पंडालों के प्रति नजरिया भी बदलेगा. मसलन सरकार ने DJ, मूर्ति विसर्जन, शराब, बार, कॉर्निवाल आदि को लेकर कई दिशा निर्देश जारी किए हैं. इसमें सबसे बड़े बदलावों में से एक है पूरे पश्चिम बंगाल में महा अष्टमी को 'ड्राई डे' (शराब-मुक्त दिन) घोषित करना
बंगाल में दुर्गा पूजा को लेकर क्या नया नियम आया है, क्या बदलने जा रहा है?
शराब की दुकानों और बार पर पाबंदी: आगामी दुर्गा पूजा के दौरान पश्चिम बंगाल भर में महाअष्टमी के दिन शराब की दुकानें और बार पूरी तरह बंद रहेंगे महाअष्टमी पर राज्य में कहीं भी शराब की बिक्री नहीं होगी और बार में भी शराब उपलब्ध नहीं रहेगी
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध: उत्सव के दौरान और प्रतिमा विसर्जन की शोभायात्राओं में डीजे (DJ) संगीत बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.
परंपरा और भावना का सम्मान: पूजा समितियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी प्रतिमाएं, पंडाल और थीम किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को आहत न करें और सनातन परंपराओं की गरिमा बनी रहे.
थीम-आधारित पूजा: थीम-आधारित पूजा के आयोजन की अनुमति रहेगी.
सड़कों और हाईवे पर रोक: पूजा आयोजन के लिए किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी कोलकाता में रेड रोड और कैथेड्रल रोड सहित 13 प्रमुख सड़कों को चिह्नित किया गया है, जहाँ ऐसे आयोजनों की अनुमति नहीं होगी.
उद्घाटन के नियम: सरकार देवी पक्ष की शुरुआत से पहले पूजा पंडालों के उद्घाटन की अनुमति नहीं देगी.
विसर्जन की समय-सीमा: आयोजकों को लक्ष्मी पूजा से पहले तय समय-सीमा के भीतर विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
सांस्कृतिक कार्यक्रम: छह प्रमुख शहरों में दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे इसके अलावा, छह चिह्नित विसर्जन घाटों पर भी विशेष कार्यक्रम होंगे.
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए व्यवस्था: दिव्यांगजनों, वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों और विभिन्न आश्रमों के निवासियों के लिए सुगम पूजा दर्शन हेतु विशेष प्रबंध किए जाएंगे.
शरद सम्मान: सरकार 'शरद सम्मान' पुरस्कारों के निष्पक्ष चयन के लिए एक स्वतंत्र जूरी (निर्णायक मंडल) का गठन करेगी.
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कुल मिलाकर नए नियम से क्या बदल जाएगा?
आपको बता दें कि अष्टमी के दिन शराब की दुकानें, बार और शराब बेचने वाले अन्य प्रतिष्ठान बंद रहेंगे, दुर्गा पूजा के जश्न और विसर्जन जुलूस के दौरान DJ संगीत पर पूरी तरह रोक रहेगी. इसके अलावा पूजा कमेटियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि महालय से पहले पंडालों का उद्घाटन नहीं किया जा सकता ऐसा इसलिए कि प्रतिस्पर्धी पूजा पंडाल के दौर में प्री सेल, प्री वेडिंग शूट की तरह राज्य में भी कई दिन पहले ही पंडाल-हॉपिंग (एक के बाद एक पंडाल घूमना) का चलन बढ़ गया है. यानी कि कला, राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ऐतिहासिक घटनाओं और समकालीन बहसों से प्रेरणा लेने के नाम पर सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं रोड पर होने वाले सालाना दुर्गा पूजा कार्निवल को बंद करने का फैसला किया गया है.
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ईडन गार्डन्स में एक बड़े कार्यक्रम की योजना!
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इसके बजाय, सरकार ने त्योहारों के मौसम की शुरुआत के लिए ईडन गार्डन्स में एक बड़े कार्यक्रम की योजना बनाई है वहीं महालया के बाद दीघा में भी एक अलग कार्यक्रम की योजना है, जबकि छह शहरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे पूजा के लिए मुख्य सड़कें बंद नहीं होंगी सरकार ने यह भी कहा है कि कमेटियों को जरूरी फायर-सेफ्टी मंजूरी लेने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी.