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Aaj Ka Panchang 26 August 2026: ओणम पर बन रहा शुभ संयोग, जानें अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

बुधवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि सुबह 07:58 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा, इसके बाद शोभन योग लग जाएगा. अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल दोपहर 1:32 से 3:15 बजे तक रहेगा.

Aaj Ka Panchang 26 August 2026: ओणम पर बन रहा शुभ संयोग, जानें अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
Image Credit: AI/IANS
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हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 

26 अगस्त 2026 की तिथि

26 अगस्त 2026 (बुधवार) को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 7:59 बजे तक रहेगी; इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी. इस दिन ओणम का मुख्य दिन (थिरुवोणम) है. इस दिन केरल और देश भर में ओणम त्योहार के अवसर पर भगवान विष्णु के वामन अवतार की विशेष पूजा की जाती है. बुधवार होने से भगवान गणेश की भी पूजा करना विशेष फलदाई रहेगा.

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

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बुधवार सुबह 6:10 बजे सूर्योदय और शाम 6:46 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, शाम 5:47 बजे चंद्रोदय और अगले दिन तड़के 5:08 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 25 अगस्त 2026 को सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मुख्य रूप से श्रवण नक्षत्र में रहेगा.

बुधवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि सुबह 07:58 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा, इसके बाद शोभन योग लग जाएगा. अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल दोपहर 1:32 से 3:15 बजे तक रहेगा.

वहीं, राहुकाल दोपहर 12:28 बजे से 2:03 बजे और गुलिक काल सुबह 10:54 से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 7:45 से 9:19 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है.

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किस दिशा में रहेगा दिशाशूल?

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बुधवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेगा. उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.

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