जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

जन्माष्टमी पर काशी से मथुरा भेजा गया लड्डू गोपाल के लिए विशेष उपहार, 15 देशों के 100 से ज्यादा मंदिरों के शुभकामना संदेश भी शामिल

जन्माष्टमी पर काशी विश्वनाथ धाम से लड्डू गोपाल के लिए विशेष भेंट मथुरा भेजी गई. भेंट को विधि-विधान से पूजित कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रवाना किया गया.

जन्माष्टमी पर काशी से मथुरा भेजा गया लड्डू गोपाल के लिए विशेष उपहार, 15 देशों के 100 से ज्यादा मंदिरों के शुभकामना संदेश भी शामिल
Image Source: Shri Kashi Vishwanath Mandir Administration
Advertisement

Janmashtami 2026: श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव पूरे देश में शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस मौक़े पर बाबा भोले की नगरी काशी और मथुरा के बीच विशेष रिश्ते का प्रमाण भी देखने को मिलता है. दरअसल, काशी और मथुरा के बीच आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम से श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए भगवान लड्डू गोपाल हेतु विशेष भेंट भेजी गई. इस वर्ष इस पहल में देश-विदेश के मंदिरों के शुभकामना संदेश भी शामिल किए गए हैं.

काशी से मथुरा भेजी गई विशेष भेंट सामग्री

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान श्री लड्डू गोपाल के लिए विशेष उपहार सामग्री तैयार की गई. 2 सितंबर 2026 को इस सामग्री को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के समक्ष विधि-विधान से पूजित किया गया. इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच भेंट सामग्री को श्रद्धापूर्वक श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए रवाना किया गया. इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. कार्यक्रम को पारंपरिक गरिमा और श्रद्धाभाव के साथ संपन्न कराया गया.

2024 में शुरू हुई थी यह परंपरा

काशी और मथुरा के बीच भेंट एवं श्रद्धा-संदेशों के आदान-प्रदान की यह परंपरा वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू की गई थी. उस समय श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर से भगवान श्री विश्वेश्वर की ओर से श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा में विराजमान श्री लड्डू गोपाल के लिए उपहार सामग्री भेजी गई थी. इसके बाद रंगभरी एकादशी के अवसर पर भी काशी और मथुरा के बीच भेंट एवं श्रद्धा संदेशों के आदान-प्रदान की परंपरा को आगे बढ़ाया गया.

Advertisement

15 देशों के 100 से ज्यादा मंदिरों के शुभकामना संदेश

इस वर्ष इस पहल को और व्यापक बनाया गया है. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से संस्थागत नॉलेज पार्टनर टेम्पल कनेक्ट के सहयोग से देश-विदेश के विभिन्न देवालयों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए शुभकामना संदेश प्राप्त किए जा रहे हैं. अब तक करीब 15 देशों के 100 से अधिक मंदिरों से शुभकामना संदेश प्राप्त हो चुके हैं. इन संदेशों को भेंट सामग्री के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान न्यास, मथुरा के लिए भेजा जा रहा है.

यह भी पढ़े: जन्माष्टमी की पूजा में इन बातों का रखें खास ध्यान, तुलसी से लेकर कपड़ों तक सबकुछ जरूरी; एस्ट्रोलॉजर करण शर्मा से जानें व्रत के नियम

आध्यात्मिक संवाद और सांस्कृतिक समन्वय पर जोर

Advertisement

इस पहल का उद्देश्य सनातन धर्म के प्रमुख तीर्थों और मंदिरों के बीच आध्यात्मिक संवाद, सांस्कृतिक समन्वय और आपसी श्रद्धा के संबंधों को मजबूत करना है. काशी और मथुरा दोनों ही सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं. श्रीकृष्ण और भगवान शिव सनातन परंपरा के प्रमुख आराध्य स्वरूप हैं. दोनों तीर्थों के बीच श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की यह पहल धार्मिक सौहार्द और सनातन एकात्मता को मजबूत करने का संदेश देती है.

देश-विदेश के मंदिरों ने पहल को सराहा

वर्ष 2024 में शुरू हुई इस परंपरा को देश और विदेश के विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक संस्थाओं की ओर से सराहना मिल रही है. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अलग-अलग मंदिरों और धार्मिक संस्थानों से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास को लगातार शुभकामना एवं बधाई संदेश प्राप्त हो रहे हैं. न्यास के अनुसार, इन संदेशों से इस धार्मिक और सांस्कृतिक पहल की व्यापक स्वीकार्यता का पता चलता है.

यह भी पढ़े: Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर भूलकर भी न करें ये काम, इन बातों का रखें खास ध्यान, एस्ट्रोलॉजर करण शर्मा से जानें लड्डू गोपाल की सेवा के नियम

मथुरा के जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होंगे मुख्य कार्यपालक अधिकारी

Advertisement

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी स्वयं मथुरा में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होंगे. इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मस्थान में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए काशी और मथुरा के बीच स्थापित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा. मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसे धार्मिक, सांस्कृतिक एवं जनहितकारी नवाचारों को लगातार आगे बढ़ाने और उन्हें स्थायी स्वरूप देने के निर्देश भी दिए हैं. अधिकारियों और कर्मचारियों ने इन परंपराओं को आगे जारी रखने में पूर्ण सहयोग का संकल्प व्यक्त किया.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि समारोह के बाद भगवान श्री लड्डू गोपाल के लिए समर्पित सभी भेंट और उपहार सामग्री को विधिवत श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए भेज दिया गया. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने देशवासियों और आस्थावान श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं. न्यास ने भगवान श्रीकृष्ण और बाबा श्री विश्वनाथ से समस्त विश्व के कल्याण, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें