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ढोंगी अशोक खरात की कोड लैंग्वेज… झूमर की लाइट बंद होते ही शुरू होता था घिनौना कांड, केबिन में No Entry का इशारा

SIT की जांच में खुलासा हुआ है कि अशोक खरात अपने आश्रम में काली करतूतों को अंजाम देने के लिए कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल करता था. वह महिलाओं को शुद्धिकरण और ज्योतिष विद्या के नाम पर केबिन में लेकर जाता था और घिनौनी हरकतें करता था.

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31 Mar 2026
( Updated: 31 Mar 2026
01:28 PM )
ढोंगी अशोक खरात की कोड लैंग्वेज… झूमर की लाइट बंद होते ही शुरू होता था घिनौना कांड, केबिन में No Entry का इशारा
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Maharashtra Ashok Kharat Case: आस्था के नाम पर घिनौनी करतूत को अंजाम देने वाला महाराष्ट्र का ढोंगी बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद उस पर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. करीब 58 महिलाओं के साथ अशोक खरात के आपत्तिजनक वीडियो सामने आए हैं. उसके सफेद चमकदार लिबास के पीछे काले कारनामें थे. SIT की जांच में अशोक खरात पर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. 

SIT की जांच में खुलासा हुआ है कि अशोक खरात अपने आश्रम में काली करतूतों को अंजाम देने के लिए कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल करता था. वह महिलाओं को शुद्धिकरण, तंत्र, मंत्र और ज्योतिष विद्या के नाम पर केबिन में लेकर जाता था और घिनौनी हरकतें करता था. खरात के केबिन में ऐसे कांच लगे थे, जिनसे वो तो बाहर का नजारा देख सकता है, लेकिन बाहर वाले अंदर क्या चल रहा है इससे अंजान रहते थे. 

झूमर के इशारे में स्टाफ को क्या संकेत देता था अशोक खरात? 

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IPS तेजस्वी सातपुते की अगुवाई में बनी SIT की जांच में सामने आया कि जब खरात किसी महिला को शुद्धिकरण के लिए अंदर बुलाता था तो छत पर लगे झूमर की लाइट बंद कर देता था, यह स्टाफ के लिए एक इशारे की तरह होता था. बाहर मौजूद स्टाफ समझ जाता था कि केबिन में क्या चल रहा है और उन्हें अंदर नहीं जाना है. फिर बंद लाइट में अशोक खरात महिला के साथ यौन शोषण को अंजाम देता था.

आरोप ये भी है कि अशोक खरात महिला के साथ यौन शोषण करने से पहले उसे खारा पानी देता था. जिसे पीकर उसे चक्कर आने लगते और फिर घिनौनी वारदात को अंजाम देता था. इतना ही नहीं अशोक खरात के पास जो लाइसेंसी हथियार थे, उसका इस्तेमाल वह लोगों को डराने, धमकाने और ब्लैकमेल करने के लिए करता था. SIT ने खरात के ऑफिस से कई फाइल, दस्तावेज और डायरी बरामद की है. जिसमें की खुलासे हो सकते हैं.

SIT ने नंबर जारी कर मांगी शिकायतें 

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महाराष्ट्र SIT ने अशोक खरात से पीड़ित महिलाओं को सामने आने की अपील की है. टीम ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए दो नंबर जारी किए हैं, इन नंबरों पर 5 दिनों में 50 से ज्यादा कॉल्स के जरिए शिकायतें मिली हैं. महिलाओं ने अशोक खरात के काले कारनामों की जानकारी SIT को दी है. SIT टीम सभी मामलों की जांच कर रही है, वहीं, कॉल करने वाली महिलाओं की पहचान बिल्कुल गोपनीय रखी जा रही है. 

गौरतलब है कि पुलिस ने अशोक खरात के साथ-साथ सोशल मीडिया पर पीड़ित महिलाओं की पहचान उजागर करने वालों को भी अरेस्ट किया है. जिसमें राहुल शिंदे और योगेश अधव शामिल हैं. खरात के खिलाफ अभी तक 10 मामले दर्ज किए गए हैं. जिनमें 8 तो रेप से जुड़ी हैं. 

कैसे खुला भोंदु बाबा उर्फ खरात का भेद? 

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अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा को 18 मार्च को अरेस्ट किया गया था. एक महिला ने खरात पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था, महिला का कहना है कि बाबा उसके साथ तीन साल से रेप कर रहा है. इसके बाद मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने SIT का गठन किया. टीम अशोक खरात के भूते से लेकर वर्तमान तक की सभी फाइल्स खंगाल रही है. 

नाम के आगे कैप्टन क्यों लगाता है अशोक खरात? 

बताया जाता है कि अशोक खरात ने मर्चेंट नेवी में 22 साल तक नौकरी की है, ये ही वजह है कि वह अपने नाम के आगे कैप्टन भी लगाता है. वह स्कूल में पढ़ाई के दौरान अचानक गायब हो गया था. मर्चेंट नेवी से रिटायर होने के बाद वह नासिक लौटकर बाबा बन गया और ज्योतिष विद्या के नाम पर लोगों को ठगने लगा. उसने लोगों को ठगने की शुरूआत भविष्यवाणी से की. देखते ही देखते वह स्वयंभू भगवान बन गया. न केवल आम लोग बल्कि राजनेता से लेकर बड़ी हस्तियां तक उसके आगे नतमस्तक होने लगीं. महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर भी खरात की भी खरात के साथ कनेक्शन की बात सामने आई थी. जिसके बाद उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया. 

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