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‘बहस की जरूरत नहीं, सरेंडर करो वरना…’ सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, रद्द होगी जमानत!

इस मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने की. इससे पहले मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम की जमानत को बरकरार रखा था.

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21 Jul 2026
( Updated: 21 Jul 2026
04:43 PM )
‘बहस की जरूरत नहीं, सरेंडर करो वरना…’ सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, रद्द होगी जमानत!
Image Source- IANS
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इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ दाखिल मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम को निर्देश दिया है कि या तो सरेंडर करो नहीं तो जमानत रद्द कर देंगे. 

मेघालय में हनीमून के दौरान पति राजा को मारने वाली सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द की जा सकती है. हालांकि कोर्ट ने सरेंडर का ऑप्शन दिया है. शीर्ष अदालत ने सुझाव दिया कि जब निचली अदालत में गवाहों के बयान दर्ज हो रहे हैं, सोनम को सरेंडर कर देना चाहिए. इसके बाद उसकी जमानत पर पुनर्विचार किया जा सकता है. 

सोनम की जमानत रद्द कर सकता है कोर्ट

कोर्ट ने सोनम की जमानत रद्द करने पर विचार कर रहा है हालांकि सोनम खुद सरेंडर करती है तो वह आगे जमानत के लिए अप्लाई कर सकती है. 

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इस मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने की. इससे पहले मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम की जमानत को बरकरार रखा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत में गवाहों के बयान दर्ज होने तक सोनम को अंतरिम अवधि में आत्मसमर्पण कर देना चाहिए. इसके बाद वह उसकी जमानत पर पुनर्विचार कर सकती है. कोर्ट ने कहा, 

‘आपके लिए दो विकल्प हैं, या तो हम विचार करके मैरिट के आधार पर आदेश पारित कर दें या हम आपको गवाहों के बयान और जांच होने तक अंतरिम अवधि में आत्मसमर्पण करने का आदेश दें. हम आपको चौंकाना नहीं चाहते. दूसरा विकल्प आपके लिए बेहतर हो सकता है.’

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये भी कहा कि इसमें इतनी बहस की जरूरत नहीं है. बेंच ने सोनम के वकील से कहा कि अगर आगे बहस करना चाहते हैं तो हम बात सुनेंगे, लेकिन उम्मीद है आप सही रुख अपनाएंगे. 

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इस पर सोनम के वकील ने कहा, निचली अदालत ने आरोपी के शिलांग में रहने और हर कार्यवाही में मौजूद रहने जैसी कड़ी शर्तें लगाई हैं. इस दलील के बाद भी सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को गुरुवार तक सरेंडर के बारे में अपनी इच्छा बताने के लिए कहा है. अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को करेगा. 

सोनम को किस आधार पर मिली थी जमानत? 

मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि सोनम को पता था कि उसकी गिरफ्तारी क्यों हो रही है. यह चुनौती जमानत रद्द करने के खिलाफ नहीं बल्कि जमानत दिए जाने के खिलाफ है. 

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उन्होंने बताया कि सोनम ने कथित तौर पर अपने प्रेमी (राज कुशवाह) और तीन भाड़े के हत्यारों के साथ मिलकर मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार- राजा को पहाड़ियों में एक सुनसान जगह पर ले जाया गया और उसकी हत्या कर दी गई. शव को खाई में फेंक दिया गया. तुषार मेहता ने कहा कि गिरफ्तारी के

दस्तावेज में हुई गलती केवल टाइपिंग की गलती थी. सोनम को पहले से पता था कि उस पर हत्या का आरोप है पुलिस उसे खोज रही है, इसलिए इस गलती से उसके मामले पर कोई खास असर नहीं पड़ता. 

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सोनम ने अपराध में सहयोग करने वाले राज कुशवाहा की गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस के सामने सरेंडर किया था. इस दौरान उसने किसी आरोप का खंडन भी नहीं किया था, लेकिन केस डायरी में हत्या के लिए लगने वाली BNS की धारा 103 की जगह 403 लिख दिया गया. इसी गलती को आधार बनाकर मेघालय हाईकोर्ट से सोनम ने जमानत ली. ये एक टाइपिंग की गलती थी. 

सोनम के वकील ने क्या दलील दी?

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सोनम रघुवंशी के वकील ने कहा कि इस मामले को मीडिया हाइप दिया गया है. यह सर्कमस्टेंशियल एविडेंस का मामला है. इस पर बेंच ने कहा, कोर्ट के पास दो विकल्प हैं, या तो हम मेरिट पर विचार करेंगे और ऑर्डर पास करेंगे, या हम गवाहों की जांच होने तक आपको सरेंडर करने का ऑर्डर पास करेंगे, फिर हम इसे मेरिट पर देखेंगे. हमारा सुझाव है कि आप इंस्ट्रक्शन लें और वापस आएं. 

बताया जा रहा है सोनम ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलील में खुदको बेगुनाह बताया है. उसने कहा है कि वह बेकसूर है और उसे फंसाया जा रहा है. उस पर जो आरोप हैं वह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित हैं. ऐसे में केवल आरोपों के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जा सकता है. 

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जबकि राज्य सरकार की ओर से एसजी तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि दस्तावेज में केवल एक कानूनी धारा का नंबर टाइप करने में गलती हुई थी. इतनी छोटी तकनीकी गलती के आधार पर जमानत नहीं मिलनी चाहिए. तुषार मेहता ने कहा कि जमानत बरकरार रहने की सूरत में सोनम के फरार होने की आशंका है.

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