दौसा का ‘दृश्यम’ कांड… बच्चे के कंकाल के लिए खोदा जाएगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे! 6 साल पहले मारकर दफनाया था
पिता जगमोहन बैरवा ने बच्चे को कहां-कहां नहीं ढूंढा, लेकिन प्रिंस का कुछ पता नहीं चल सका है. पता चलता भी कैसे जब प्रिंस को मारकर दफना दिया गया हो. जहां प्रिंस का शव दफनाया गया है. वहां, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बन गया.
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Rajastha Prince Bairwa Murder Case: सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी तो आपको याद होगी. फिल्म में हत्या, लाश को ठिकाने लगाने और बेहद ही चालाकी से कानून को गुमराह करने के दिमागी खेल को दिखाया गया है. दृश्यम जैसा ही एक सनसनीखेज मामला राजस्थान के दौसा से सामने आया है. जहां एक बच्चे की 6 साल पहले हत्या कर दी थी, लेकिन उसकी लाश अभी तक नहीं मिल पाई.
ये मामला दौसा के बांदीकुई का है. जहां दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के किनारे कई दिनों से खुदाई की जा रही है. एक्सप्रेस वे किनारे 6 साल पहले मारे गए 4 साल के प्रिंस बैरवा की लाश ढूंढी जा रही है. इसके लिए स्वीडन से खास स्कैनिंग मशीन भी मंगाई गई है. कहा जा रहा है बच्चे की लाश के लिए जल्द ही दिल्ली दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की भी खुदाई की जाएगी. यहां सर्च ऑपरेशन जारी है. हत्यारों ने मासूम को एक्सप्रेस-वे के नीचे दफनाया था.
क्या है पूरा मामला?
16 अप्रैल 2020 को बांदीकुई के उनबड़ागांव में चार साल का प्रिंस उर्फ टिल्लू लापता हो गया था. परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन कई साल तक उसका कुछ पता नहीं चल सका. पिता जगमोहन बैरवा ने अपने बच्चे को कहां-कहां नहीं ढूंढा, लेकिन प्रिंस का कुछ पता नहीं चल सका है. पता चलता भी कैसे जब प्रिंस को मारकर दफना दिया गया हो. जहां प्रिंस का शव दफनाया गया है. वहां, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बन गया और एक सवाल जमीन में दफ्न हो गया. वो है कब मिलेगा प्रिंस का कंकाल?
6 साल बाद पता चला है कि बच्चे की हत्या उसी दिन उसके चचेरे भाई-बहनों ने कर दी थी. हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने पड़ोसी युवक को डिटेन कर पूछताछ की. उसने बच्चे की हत्या कर शव गाड़ने की बात कबूल ली. इस वारदात में आरोपी की बहन ने भी उसका साथ दिया था. अब मासूम प्रिंस की तलाश जमीन के अंदर की जा रही है. आरोपी प्रिंस के घर के पास ही रहते हैं.
खोदा जाएगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे?
प्रिंस के कंकाल को खोजने के लिए राजस्थान से निकल रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे एक बड़े हिस्से के खोदा जा सकता है. हाईकोर्ट के आदेश पर हाईवे किनारे खुदाई जारी है. स्वीडन से मंगाई गई मशीनों से पता चला है कि एक्सप्रेस-वे के करीब 15 फीट नीचे कंकाल जैसे कुछ अवशेष दिखे हैं.
6 साल पहले जब आरोपियों ने प्रिंस का शव दफनाया था. उस समय दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिए खुदाई चल रही थी. आरोपियों ने इसी का फायदा उठाया और पास में ही शव को दफना दिया. इसके बाद वहां हाईवे बन गया. अब तक 3 बार टीमें एक्सप्रेस-वे के किनारे टीम 300 मीटर तक खुदाई कर चुकी है लेकिन प्रिंस का शव नहीं मिली. ऐसे में अब पुलिस NHAI को एक्सप्रेस-वे की खुदाई के लिए परमिशन मांगने का प्रोसेस शुरू करेगी. अगर परमिशन मिल जाती है तो इन दो पॉइंट की 15 फीट की गहराई तक खुदाई करवा सकती है.
NHAI से मांगा गया ड्रोन Video
इस मामले में पुलिस ने NHAI से हाईवे निर्माण का ड्रोन Video भी मांगा है. जो साल 2020 का है. ये ड्रोन वीडियो आरोपियों को दिखाया जाएगा. ताकि वे शव को दफनाने की सही जगह बता सकें. वहीं, स्वीडन मशीन की स्कैनिंग रिपोर्ट भी पुलिस को सौंपी जाएगी.
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वहीं, मामले के खुलासे के बाद परिवार आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहा है. इस घटना को दृश्यम फिल्म जैसा कांड बताया जा रहा है. जिसने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया.
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