'बोल मैं रहा हूं, पर शब्द उसके हैं', शहबाज शरीफ का हो गया पोपट, US से आया सीजफायर मैसेज किया कॉपी-पेस्ट, लोगों ने पकड़ ली गलती
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के साथ 3 Idiots वाला सीन हो गया. दरअसल ईरान के साथ अमेरिका के सीजफायर वाले मैसेज को, जिसे संभवत: व्हाइट हाउस की ओर से भेजा गया था, उसे शरीफ ने कॉपी-पेस्ट कर दिया. जिस गलती को लोगों ने पकड़ ली. इसके बाद उनकी किरकिरी हो रही है.
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हिंदी में एक कहावत है कि 'नकल के लिए भी अकल की जरूरत होती है.' और ये बात पाकिस्तान पर फिट बैठती है. उसके पास ना अकल है और ना ही वो नकल सही से कर सकता है. इसका खुलासा एक बार फिर हो गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस बार कुछ ऐसा किया है जिससे पूरे मुल्क की फजीहत हो रही है और लोग उनकी हंसी उड़ा रहे हैं.
दरअसल ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम समझौते पर वाहवाही लूटने की कोशिशों में जुटे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की एक गलती ने सोशल मीडिया पर एक बहस छेड़ दी. कई यूजर्स ने दावा किया कि शहबाज शरीफ की ओर से कई गई पोस्ट को किसी बाहरी व्यक्ति ने लिखा था. दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के पीएम ने X पर जो सीजफायर को लेकर मैजेस पोस्ट किया, फिर एडिट किया, फिर पोस्ट किया, उसने उसकी पूरी ब्यूरोक्रेसी के बौद्धिक स्तर की पोल खोल दी है.
शहबाज शरीफ ने करा ली अपने मुल्क की किरकिरी!
हुआ कुछ यूं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट किया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान को दी समय सीमा बढ़ाने की अपील की. हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने इसमें एक ऐसी लिखने की गलती पकड़ ली, जिससे लगा कि यह पोस्ट किसी बाहरी व्यक्ति ने लिखी है.
व्हाइट हाउस ने शहबाज शरीफ के लिए लिखा मैसेज!
शहबाज शरीफ के 'एक्स' अकाउंट से पोस्ट होने के कुछ ही देर बाद, यूजर्स ने 'एडिट हिस्ट्री' के स्क्रीनशॉट शेयर करना शुरू कर दिया. इन स्क्रीनशॉट में दिख रहा था कि शुरुआत में पोस्ट में एक लाइन लिखी थी, "ड्राफ्ट- एक्स पर पाकिस्तान के पीएम का संदेश." लोग इस संबंध में कह रहे हैं कि ये मैसेज शहबाज शरीफ ने नहीं बल्कि अमेरिका, व्हाइट हाउस से लिखकर भेजी गई थी.
'द डेली बीस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा लगता है कि 'ड्राफ्ट' वाला लेबल गलती से मूल पोस्ट में शामिल हो गया था, जिसे बाद में किए गए एक बदलाव में हटा दिया गया. इस मीडिया आउटलेट ने रिपोर्ट किया कि यह घटना इस बात को 'बेनकाब' करती है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने शायद इस संदेश को 'कट और पेस्ट' किया था, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि इस संदेश को असल में किसने लिखा.
क्या टूलकिट का हिस्सा था शहबाज शरीफ का ट्वीट?
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस पोस्ट में अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों को टैग किया गया था, जिनमें ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स और विदेश मंत्री मार्को रूबियो शामिल थे. इससे इस बात की अटकलें और तेज हो गईं कि यह सब किसी आपसी तालमेल के तहत किया गया था. यह भी सवाल उठाया गया कि किसी देश के प्रधानमंत्री की टीम ड्राफ्ट मैसेज में अपने ही देश का नाम क्यों लिखेगी. कुछ यूजर्स ने दावा दिया कि यह शब्द अमेरिकी अधिकारियों की ओर से दिए गए होंगे. यानी कि शहबाज शरीफ का मैसेज भी कथित टूलकिट का हिस्सा है.
PAK पीएम के ऑफिस ने नहीं दिया कोई जवाब!
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'फोर्ब्स' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संदेश की बारीकी से जांच की गई, क्योंकि उनकी अपील का शुरुआती ड्राफ्ट देखकर ऐसा लग रहा था कि इसे पाकिस्तान के बाहर की किसी संस्था ने लिखा है. 'द डेली बीस्ट' की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शहबाज शरीफ ने बाद में एक संशोधित बयान जारी किया, जिसमें 'ड्राफ्ट' वाला संदर्भ हटा दिया गया था और उनके कार्यालय ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोधों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया.
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