ट्रंप की जुबान पर फिर PM मोदी का नाम, लाइव इवेंट में दिल खोलकर कि तारीफ
Donald Trump Praised PM Modi: अमेरिका के 250 वें स्वतंत्रता समारोह के दौरान ट्रंप ने लाइव कार्यक्रम में फोन पर बात करते हुए कहा कि वह PM मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक है और भारत को बेहद प्यार करते है. उनकी यह बात सिर्फ औपचारिक बयान नहीं लगी, बल्कि उसमें दोस्ती और अपनापन साफ़ महसूस हुआ.
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Donald Trump Praised PM Modi: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर भारत और प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रति अपना खास लगाव दिखाया है. हाल ही में अमेरिका के 250 वें स्वतंत्रता समारोह के दौरान ट्रंप ने लाइव कार्यक्रम में फोन पर बात करते हुए कहा कि वह PM मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक है और भारत को बेहद प्यार करते है. उनकी यह बात सिर्फ औपचारिक बयान नहीं लगी, बल्कि उसमें दोस्ती और अपनापन साफ़ महसूस हुआ. यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में आयोजित समारोह में मौजूद थे.. उसी दौरान पीएम मोदी ने उन्हें फोन किया और फिर ट्रंप भी बातचीत में शामिल हुए. इस दौरान ट्रंप ने जिस गर्मजोशी से भारत और मोदी का जिक्र किया, उसने देशों के रिश्तों कि गहराई को फिर सामने ला दिया...
ट्रंप और मोदी की दोस्ती सिर्फ राजनीति नहीं, भरोसे का रिश्ता
सर्जियो गोर ने कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका और भारत की साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होने वाली है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप और मोदी के बीच जो व्यक्तिगत रिश्ता है, वही दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई दे रहा है.
उन्होंने बताया कि जब भी उनकी बातचीत ट्रंप से होती है, तो PM मोदी का जिक्र जरूर आता है. ट्रंप अक्सर सबसे पहले यही पूछते हैं – “मेरे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी कैसे हैं?” गोर के मुताबिक यह रिश्ता नया नहीं है, बल्कि वर्षों की समझ, विश्वास और आपसी सम्मान पर बना है.
उनकी बातों से साफ झलक रहा था कि अमेरिका भारत को केवल एक साझेदार देश के रूप में नहीं देखता, बल्कि एक भरोसेमंद मित्र के तौर पर भी मानता है. यही वजह है कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं.
व्यापार, तकनीक और सुरक्षा… हर क्षेत्र में बढ़ रही है नजदीकी
सर्जियो गोर ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं. दोनों देशों का फोकस सिर्फ बड़े समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे अवसर पैदा करना है जिससे आम लोगों को भी फायदा पहुंचे.
उन्होंने कहा कि अमेरिका की “America First” नीति का मतलब यह नहीं कि अमेरिका अकेले आगे बढ़ना चाहता है. बल्कि इसका मतलब ऐसे साझेदारों के साथ काम करना है, जिनसे दोनों देशों को फायदा हो. भारत और अमेरिका मिलकर बाजार खोलने, नई तकनीकों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर बनाने पर काम कर रहे हैं.
आज दुनिया तेजी से बदल रही है. टेक्नोलॉजी, रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है. ऐसे में अमेरिका भी भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है.
मार्को रुबियो और PM मोदी की अहम मुलाकात
इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio भी भारत दौरे पर पहुंचे. उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात कर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. बातचीत में व्यापार, रक्षा और नई तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर सहमति बनी. अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से कहा गया कि दोनों देश आने वाले समय में कई बड़े फैसले और घोषणाएं कर सकते हैं.
US President Donald Trump:
— Amit Malviya (@amitmalviya) May 24, 2026
“I love India… I just want to say hello to everybody. I love the Prime Minister. PM Modi is great; he is my friend…”
Further praising India, he added, “We have never been closer to India, and India can count on me and our country 100 per cent. If… pic.twitter.com/YHzABARgya
रुबियो ने भी भारत को अमेरिका का बेहद महत्वपूर्ण साझेदार बताया
उन्होंने कहा कि नेताओं के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध किसी भी साझेदारी की असली ताकत होते हैं. उनके मुताबिक ट्रंप और मोदी दोनों ऐसे नेता हैं जो सिर्फ आज की राजनीति नहीं, बल्कि आने वाले कई वर्षों की रणनीति को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं.
क्वॉड और वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती ताकत
मार्को रुबियो ने क्वॉड समूह को लेकर भी अमेरिका की गंभीरता जाहिर की. क्वॉड यानी भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का वह समूह जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संतुलन और सुरक्षा बनाए रखने के लिए साथ काम कर रहा है.
आज दुनिया की बड़ी ताकतें भारत को सिर्फ एक विकासशील देश नहीं, बल्कि एक मजबूत वैश्विक शक्ति के रूप में देखने लगी हैं. यही कारण है कि अमेरिका भारत के साथ अपने रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करना चाहता है.
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ट्रंप का यह बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं माना जा रहा, बल्कि यह दिखाता है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते अब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहे. दोनों देशों के नेताओं के बीच जो भरोसा और समझ दिखाई देती है, वही इस साझेदारी की असली ताकत बन चुकी है.