Advertisement
US Strikes Iran: होर्मुज हमले के बाद अमेरिका का पलटवार, ईरान के कई ठिकानों पर एयर स्ट्राइक
US Strikes Iran: अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर हवाई हमले किए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक को निशाना बनाया गया. इन इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया.
Advertisement
Hormuz: पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध ने विकराल रूप ले लिया हैं. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में एक दिन पहले तीन जहाजों पर हुए हमलों के बाद हालात और गंभीर हो गए है. अमेरिका ने इन हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी. अब अमेरिका ने चेतावनी के बाद सैन्य कार्यवाई भी शुरू कर दी है. इस घटनाक्रम ने पूरे इलाके में एक बाद फिर युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और दुनिया की नजरें इस टकराव पर टिक गई हैं. अब देखना होगा की फिर से शुरू हुआ युद्ध अब कितने महीनों में खत्म होता हैं..
ईरान के कई इलाकों में अमेरिकी हवाई हमले
अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर हवाई हमले किए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक को निशाना बनाया गया. इन इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया.
ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर कई तेज विस्फोट हुए, जबकि सीरिक में भी लगातार धमाकों की आवाजे सुनाई दीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीरिक के ताहेरुई पियर इलाके में कई प्रोजेक्टाइल गिरे हैं. हालांकि, इन हमलों में कितना नुकसान हुआ है या कितनी जनहानि हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
Advertisement
नौसेना का बड़ा भरोसा! मिनीरत्न HSL अब बनेगी रणनीतिक पार्टनर, दुश्मनों की खैर नहीं
Advertisement
अमेरिका ने खुद दी हमलों की जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इन सैन्य हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम का कहना है कि होर्मुज से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई है.
अमेरिका का आरोप है कि जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ है. अमेरिकी सेना ने इसे बेहद खतरनाक कदम बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि पहले से लागू सीजफायर की भावना के भी खिलाफ है. अमेरिका का कहना है कि समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखना उसकी प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर वह आगे भी जवाबी कार्रवाई करेगा.
Advertisement
ईरान ने आरोपों को किया खारिज, अमेरिका पर लगाए नियम तोड़ने के आरोप
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों की कड़ी आलोचना की है. ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों और नियमों का उल्लंघन किया है. मंत्रालय ने इस पूरी सैन्य कार्रवाई की जिम्मेदारी सीधे अमेरिकी सरकार पर डालते हुए कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. ईरान का कहना है कि अगर उसके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रहती है तो वह चुप नहीं बैठेगा और अपने हितों की रक्षा के लिए उचित जवाब देगा.
तेल कारोबार पर भी बढ़ा असर
Advertisement
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है. दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ऐसे में यहां बढ़ता तनाव सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है.
जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल के उत्पादन और बिक्री से जुड़ा एक जनरल लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. माना जा रहा है कि इससे ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है.
पूरी दुनिया की नजरें हालात पर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस टकराव ने पश्चिम एशिया में फिर से अस्थिरता बढ़ा दी है. एक तरफ अमेरिका जहाजों पर हुए हमलों का जवाब देने की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा. ऐसे में आने वाले दिनों मे हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है. अगर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है.
Advertisement
यह भी पढ़ें
Input - IANS