होर्मुज में नया संकट... भारत जा रहे जहाज पर IRGC का हमला, ईरान की सेना ने कब्जे में लिया
ईरान की IRGC ने दो जहाजों को जब्त कर अपने कब्जे में लिया है, जिनमें से एक भारत के गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट जा रहा था. इस घटना से भारत की समुद्री सुरक्षा और सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
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ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष पूरी दुनिया की चिंता लगातार बढ़ा रहा है. दोनों देश के बीच भले ही सीजफ़रायर लागू हो लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते में दोनों अपने-अपने वर्चस्व के चलते अन्य देशों के जहाज़ों को निशाना बना रहे हैं. इसी कड़ी में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दो मालवाहक जहाजों पर हमला कर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है. इन जहाजों में से एक भारत की ओर आ रहा था, जिससे भारत की समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ गई है.
कैसे हुई जहाजों की पहचान?
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, जब्त किए गए जहाजों की पहचान MSC Francesca और Epaminodes के रूप में हुई है. MSC Francesca पनामा के झंडे के साथ चल रहा था, जबकि Epaminodes लाइबेरिया के झंडे वाला जहाज है. खास बात यह है कि Epaminodes दुबई से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था, तभी उसे रास्ते में रोककर कब्जे में ले लिया गया. इस घटना ने भारत के व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
ईरान का आधिकारिक बयान
ईरान की नौसेना ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा है कि दोनों जहाज बिना जरूरी मंजूरी के संचालित हो रहे थे. आरोप है कि जहाजों ने अपने नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ. इसी वजह से IRGC ने उन्हें जब्त कर ईरान के तट की ओर ले जाया. फिलहाल दोनों जहाज ईरान के क्षेत्रीय जल में हैं, जहां उनके दस्तावेज और सामान की जांच की जा रही है.
वेस्ट एशिया में बढ़ता तनाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान का रुख और भी आक्रामक नजर आ रहा है. उसने वेस्ट एशिया में अमेरिकी तेल कंपनियों और उनके तेल कुओं को निशाना बनाने की खुली चेतावनी दी है. ईरान ने साफ कहा है कि अगर उसके बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो वह अमेरिकी स्वामित्व वाले तेल ठिकानों को तबाह कर देगा. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है. गौरतलब है कि इससे पहले भी होर्मुज के पास ईरानी जलक्षेत्र में तीन मालवाहक जहाजों पर फायरिंग की घटना सामने आई थी. रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी से जुड़ी एक गनबोट ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी थी. हैरानी की बात यह रही कि जहाजों के पास ट्रांजिट परमिशन होने के बावजूद कोई चेतावनी नहीं दी गई.
अंतरराष्ट्रीय हालात और कूटनीतिक असर
इस घटनाक्रम से एक दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को दो हफ्ते के लिए बढ़ाने का फैसला किया था, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा भी स्थगित कर दी गई. इन घटनाओं से साफ है कि वेस्ट एशिया में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं.
शनिवार को भी हुआ था हमला
इससे पहले शनिवार को भारत आ रहे दो जहाज़ों पर ईरानी सेना ने गोलीबारी की थी, हालाँकि इस घटना में किसी भी तरह से जानमाल का नुक़सान नहीं हुआ था. इस घटना की जानकारी सामने आते ही नई दिल्ली में भारत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब करते हुए अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की थी.
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बहरहाल, ईरान की इस कार्रवाई ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक व्यापार और भारत की सप्लाई चेन पर भी बड़ा असर डालने के संकेत दे दिए हैं. आने वाले दिनों में इस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है. अब देखना होगा की भारत सरकार की तरफ़ से इस घटना पर कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है.
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