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रेलवे का नया नियम लागू, UDID कार्ड धारक अब कर सकेंगे अनारक्षित कोच में यात्रा

Railway: रेलवे ने साफ़ कर दिया है कि अब जिन यात्रियों के पास UDID कार्ड है, वे मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित दिव्यांग कोच में सफर कर सकते हैं. यह फैसला उन लोगों के लिए काफी राहत लेकर आया हैं, जिन्हें पहले यात्रा के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था.

रेलवे का नया नियम लागू, UDID कार्ड धारक अब कर सकेंगे अनारक्षित कोच में यात्रा
Image Source: Canva
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Railway Rules: देश में लाखों लोग रोजाना ट्रेन से सफर करते है, क्योंकि यह एक किफायती और सुविधाजनक माध्यम है. खासकर लंबी दूरी तय करने के लिए भारतीय रेलवे पर लोगों का भरोसा हमेशा से बना हुआ है. अब इसी बीच दिव्यांगजनों ( PwDs ) के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है, जो उनके सफर को और आसान बना सकती है. रेलवे ने साफ़ कर दिया है कि अब जिन यात्रियों के पास UDID कार्ड है, वे मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित दिव्यांग कोच में सफर कर सकते हैं. यह फैसला उन लोगों के लिए काफी राहत लेकर आया हैं, जिन्हें पहले यात्रा के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था. 

वैध टिकट और UDID कार्ड जरूरी

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों के पास दो चीज़ें होना बेहद जरूरी है, पहला, वैध ट्रेन टिकट और दूसरा, यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड. UDID कार्ड रखने वाले यात्रियों को अब इन विशेष कोचों में यात्रा करने की अनुमति दी गई है. इसके साथ ही वे लोग भी इस सुविधा के पात्र होंगे, जिन्हें रेलवे की तरफ से किराए में छूट मिलती है. अगर आपके पास सही दस्तावेज और टिकट है, तो अब सफर पहले से ज्यादा आसान और सम्मानजनक होगा.

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खास कोच, खास सुविधाएं

दिव्यांग यात्रियों के लिए ट्रेन में जो कोच लगाए जाते हैं, उन्हें खासतौर पर उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है. इनमें SLRD और LSLRD जैसे कोच शामिल होते हैं, जिनमें अलग से जगह और सुविधाएं दी जाती हैं. इन कोचों में चढ़ने-उतरने में आसानी, ज्यादा जगह, और सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी इंतजाम किए जाते हैं, ताकि सफर के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो. यह कदम न सिर्फ सुविधा बढ़ाता है, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक यात्रा का अनुभव भी देता है.

नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

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रेलवे ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति इन दिव्यांग कोचों में यात्रा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह कार्रवाई रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत की जाएगी. इसका उद्देश्य यही है कि जिन लोगों के लिए ये कोच बनाए गए हैं, उन्हें बिना किसी परेशानी के इसका फायदा मिल सके. इसलिए सभी यात्रियों से उम्मीद की जा रही है कि वे नियमों का पालन करें और दूसरों की जरूरतों का सम्मान करें.

क्या होता है दिव्यांगजन (UDID) कार्ड?

UDID यानी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड एक ऐसा सरकारी पहचान पत्र है, जो दिव्यांग व्यक्तियों को उनकी पहचान और अधिकार दिलाने में मदद करता है. इसी कार्ड के जरिए उन्हें ट्रेन यात्रा में छूट और अन्य सुविधाएं मिलती हैं. यह कार्ड वैध विकलांगता प्रमाणपत्र के आधार पर बनाया जाता है और इसे ऑनलाइन सरकारी पोर्टल के जरिए आसानी से बनवाया या रिन्यू कराया जा सकता है.

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एक छोटा कदम, बड़ा बदलाव

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रेलवे का यह फैसला दिखाता है कि धीरे-धीरे सिस्टम को ज्यादा समावेशी (inclusive) बनाया जा रहा है. दिव्यांगजनों के लिए यह सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि उनके सम्मान और स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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