चारधाम यात्रियों के लिए बड़ी खबर! केदारनाथ-बद्रीनाथ में VIP दर्शन अब नहीं होंगे मुफ्त
Kedarnath: बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने VIP और प्रोटोकॉल दर्शन को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है. समिति का कहना है कि इस नई व्यवस्था का मकसद आम श्रद्धालुओं और VIP दर्शन करने वालों के बीच बेहतर संतुलन बनाना है, ताकि किसी एक व्यवस्था की वजह से दूसरे श्रद्धालुओं को परेशानी न हो..
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Kedarnath: उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान इस समय लाखों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए पहुंच रहे है. खास तौर पर केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है... हालात ऐसे हैं कि कई श्रद्धालुओं को घंटों लंबी कतारों मे खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है. बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन भी लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े...
इसी को ध्यान में रखते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने VIP और प्रोटोकॉल दर्शन को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है. समिति का कहना है कि इस नई व्यवस्था का मकसद आम श्रद्धालुओं और VIP दर्शन करने वालों के बीच बेहतर संतुलन बनाना है, ताकि किसी एक व्यवस्था की वजह से दूसरे श्रद्धालुओं को परेशानी न हो..
VIP दर्शन के लिए अब देना होगा निर्धारित शुल्क
नई SOP के तहत अब बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में VIP या प्रोटोकॉल दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को प्रति व्यक्ति 1100 रुपये का शुल्क देना होगा.. शुल्क जमा करने के बाद मंदिर समिति की ओर से आधिकारिक रसीद भी दी जाएगी..
मंदिर समिति का मानना है कि इस व्यवस्था से VIP दर्शन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और अनावश्यक भीड़ को भी नियंत्रित किया जा सकेगा.. इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि VIP दर्शन के नाम पर किसी तरह की अव्यवस्था न फैले..
कैसे मिलेगी VIP दर्शन की सुविधा?
मंदिर समिति द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, VIP या प्रोटोकॉल दर्शन की सुविधा केवल निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही उपलब्ध होगी. जिला प्रशासन या बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को राज्य सरकार की ओर से जो प्रोटोकॉल सूचना प्राप्त होगी, उसी के आधार पर दर्शन की पर्ची जारी की जाएगी.
यह पर्ची मिलने के बाद श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्शन करवाए जाएंगे. ऐसे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में अलग प्रवेश व्यवस्था भी की गई है. उन्हें सिंहद्वार के दाहिनी तरफ स्थित सीढ़ियों के रास्ते मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा, जिससे सामान्य दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कतार पर कम असर पड़े.
बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा
मंदिर समिति ने बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा है. नई व्यवस्था के अनुसार, गेट नंबर-2 से केवल 70 वर्ष से अधिक उम्र के श्रद्धालु, दिव्यांग व्यक्ति और समिति द्वारा स्वीकृत विशेष श्रेणी के लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा.
समिति ने साफ कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से इस सुविधा का लाभ लेने की कोशिश करता है या कोई कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसका उद्देश्य वास्तव में जरूरतमंद लोगों को सुविधा उपलब्ध कराना है.
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प्रोटोकॉल कार्यालय की जगह भी बदली गई
नई व्यवस्था के तहत प्रोटोकॉल कार्यालय को भी स्थानांतरित कर दिया गया है.अब यह कार्यालय मंदिर समिति के नीलकंठ विश्रामगृह में संचालित होगा. इसके अलावा सभी संबंधित विभागों और भारतीय सेना के समन्वय अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रोटोकॉल पर्ची के आधार पर दर्शन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग करें. इस बदलाव का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक भागदौड़ या भ्रम का सामना न करना पड़े.
चारधाम यात्रा पर जाने से पहले यह जानकारी जरूर जान लें
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अगर आप आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं और VIP या प्रोटोकॉल दर्शन करना चाहते हैं, तो पहले से इसकी पूरी जानकारी हासिल कर लेना बेहतर रहेगा. अब यह सुविधा तय नियमों और निर्धारित शुल्क के तहत ही मिलेगी.
वहीं, मंदिर समिति का कहना है कि नई SOP लागू होने के बाद दर्शन व्यवस्था पहले से अधिक व्यवस्थित होगी. इससे आम श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी और मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा. यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि सभी भक्त शांतिपूर्वक और सुगमता से भगवान के दर्शन कर सकें.