हरियाणा के गरीबों के लिए बड़ी खुशखबरी! राशन में बढ़ सकती हैं सुविधाएं, सरकार ने शुरू की तैयारी
Haryana: सरकार ने इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी हैं और दूसरे राज्यों कि राशन वितरण व्यवस्था का अध्ययन कराने का फैसला लिया हैं , ताकि यह समझा जा सके कि वहां गरीबी को किस तरह और कितना राशन दिया जा रहा हैं.
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Haryana Ration Rules: हरियाणा सरकार आने वाले समय में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और अंत्योदय परिवारों को मिलने वाले राशन में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो लाखों जरूतमंदो परिवारों को सिर्फ गेंहू ही नहीं, बल्कि कुछ और जरुरी खाध पदार्थ भी मिल सकते हैं. फिलहाल सरकार ने इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी हैं और दूसरे राज्यों कि राशन वितरण व्यवस्था का अध्ययन कराने का फैसला लिया हैं , ताकि यह समझा जा सके कि वहां गरीबी को किस तरह और कितना राशन दिया जा रहा हैं.
दूसरे राज्यों से सीखेगी हरियाणा सरकार
इस योजना के तहत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की एक टीम उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों का दौरा करेगी. अधिकारी वहां जाकर यह जानेंगे कि सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली कैसे काम करती है, बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को कौन-कौन सी खाद्य सामग्री दी जाती है और उसकी मात्रा कितनी होती है. सरकार का मानना है कि अगर दूसरे राज्यों में गरीब परिवारों को गेहूं के अलावा दाल, चना या अन्य जरूरी खाद्य सामग्री भी दी जा रही है, तो हरियाणा में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा सकता है. इससे जरूरतमंद परिवारों को और बेहतर सहायता मिल सकेगी.
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रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा बड़ा फैसला
खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे दूसरे राज्यों का अध्ययन करके पूरी रिपोर्ट तैयार करें. रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार तय करेगी कि हरियाणा की राशन योजना में क्या बदलाव किए जा सकते हैं. अगर अध्ययन में यह सामने आता है कि दूसरी जगहों पर बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं, तो हरियाणा भी अपनी राशन वितरण व्यवस्था को और मजबूत बना सकता है.
आखिर सरकार यह कदम क्यों उठा रही है?
हरियाणा सरकार का उद्देश्य केंद्र सरकार की 'एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड' योजना को और प्रभावी बनाना है. साथ ही सरकार चाहती है कि गरीब परिवारों को सिर्फ राशन ही नहीं, बल्कि बेहतर पोषण भी मिले. बदलती महंगाई के दौर में जरूरतमंद लोगों को अतिरिक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उनके घरेलू खर्च को कम करने में भी मदद कर सकता है.
हर महीने करोड़ों लोगों तक पहुंचता है राशन
प्रदेश में इस समय करीब 40 लाख बीपीएल और अंत्योदय राशन कार्ड बने हुए हैं. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हर महीने लगभग 1.57 करोड़ लाभार्थियों तक राशन पहुंचाया जाता है. इनमें करीब 2.86 लाख अंत्योदय परिवार और 37 लाख से अधिक बीपीएल परिवार शामिल हैं.
मौजूदा व्यवस्था के तहत अंत्योदय परिवारों को हर महीने 35 किलो मुफ्त गेहूं दिया जाता है, जबकि बीपीएल परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलो मुफ्त गेहूं मिलता है. इसके अलावा सरसों का तेल और चीनी भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती है.
क्या राशन में दाल और चना भी जुड़ सकते हैं?
खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि शुरुआती जानकारी में यह सामने आया है कि कुछ राज्यों में गरीब परिवारों को गेहूं के साथ चना और दाल जैसी खाद्य सामग्री भी दी जाती है. इसी वजह से अधिकारियों को विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं. अगर रिपोर्ट सकारात्मक रहती है, तो भविष्य में हरियाणा के राशन कार्ड धारकों को भी अतिरिक्त खाद्य सामग्री का लाभ मिल सकता है.
लाखों परिवारों की नजर सरकार के फैसले पर
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फिलहाल सरकार ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन अध्ययन शुरू होने से यह उम्मीद जरूर बढ़ गई है कि आने वाले समय में राशन योजना में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा उन लाखों गरीब परिवारों को मिलेगा, जो हर महीने सरकारी राशन पर अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करते हैं.