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सहारनपुर से योगी का बड़ा अभियान, CM योगी बोले- शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 18 हजार रुपए और अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17 हजार रुपए किया है. इसके अलावा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और अन्य कर्मचारियों के लिए पांच लाख रुपए तक की स्वास्थ्य बीमा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है.

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01 Jul 2026
( Updated: 01 Jul 2026
03:13 PM )
सहारनपुर से योगी का बड़ा अभियान, CM योगी बोले- शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला
Image Credits: IANS
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से राज्यव्यापी 'स्कूल चलो अभियान-2026' के द्वितीय चरण का शुभारंभ करते हुए शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला बताया.  

सहारनपुर से सीएम योगी ने शुरू किया 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण

उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा ही अच्छे नागरिक, शिक्षक, चिकित्सक, अधिकारी और जनप्रतिनिधि तैयार करती है. मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और समाज के लोगों से अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए अगले 15 दिनों में हर बच्चे का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित करने की अपील की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार शिक्षा है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न केवल बच्चों को संस्कारित और आत्मनिर्भर बनाती है, बल्कि उन्हें समाज और देश के विकास में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए भी तैयार करती है. वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए 'स्कूल चलो अभियान' का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना था और इसके सकारात्मक परिणाम आज पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं.

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'कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे'

उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता के पीछे सरकार की स्पष्ट नीति, पारदर्शी नीयत और शिक्षा सुधार के प्रति मजबूत संकल्प रहा है. बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र बच्चे तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का लगातार प्रयास किया गया है. वर्ष 2017 में बेसिक शिक्षा परिषद के केवल 36 प्रतिशत विद्यालय ही बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह लैस थे. अधिकांश स्कूलों में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय, रसोईघर और चारदीवारी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था. इन कमियों को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने 'ऑपरेशन कायाकल्प' शुरू किया, जिसके तहत जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाज के सहयोग से सरकारी विद्यालयों का व्यापक कायाकल्प किया गया.

उन्होंने बताया कि अब विद्यालयों में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय, मिड-डे मील की समुचित व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना है. शिक्षा से वंचित रहने वाला बच्चा केवल अपने परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की क्षति है. इसलिए प्रत्येक बच्चे को विद्यालय तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.

सीएम योगी ने 'स्कूल चलो अभियान' में जनभागीदारी का किया आह्वान

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सीएम योगी ने सांसदों, विधायकों, ग्राम प्रधानों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से 'स्कूल चलो अभियान' को जनभागीदारी का अभियान बनाने का आह्वान किया. उन्होंने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि विद्यालय में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक छात्र को समय पर यूनिफॉर्म, बैग, पाठ्यपुस्तक, जूते-मोजे और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. साथ ही विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक शिक्षण संसाधनों का तेजी से विस्तार कर रही है. शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि एक लाख से अधिक दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण देकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है.

 23 हजार दिव्यांग बालिकाओं को मिली छात्रवृत्ति 

उन्होंने बताया कि 2025-26 में करीब 23 हजार दिव्यांग बालिकाओं को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई गई है. नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 'लर्निंग बाय डूइंग' और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि बच्चे व्यवहारिक ज्ञान के साथ आत्मविश्वास भी विकसित कर सकें.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 18 हजार रुपए और अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17 हजार रुपए किया है. इसके अलावा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और अन्य कर्मचारियों के लिए पांच लाख रुपए तक की स्वास्थ्य बीमा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने अगले 15 दिनों तक विशेष नामांकन अभियान चलाने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक और जनप्रतिनिधि गांव-गांव तथा वार्ड-वार्ड जाकर अभिभावकों से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे. उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की.

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