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स्वतंत्रता दिवस पर CM योगी की बड़ी अपील, कहा-देश अंतर्विरोधों-षड्यंत्रों के कारण हुआ था गुलाम, बांटने वाली ताकतों से रहना होगा सावधान

CM योगी ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश की प्रगति और विकास की रूपरेखा खींचते हुए कहा कि सबको एकसाथ मिलकर चलना होगा. उन्होंने इस दौरान कहा कि देश अंतर्विरोधों-खड्यंत्रों के कारण हुआ गुलाम था, ऐसे में ऐसी ही किसी बांटने वाली, कमजोर करने वाली शक्तियों से बचकर रहना होगा.

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15 Aug 2026
( Updated: 15 Aug 2026
10:09 AM )
स्वतंत्रता दिवस पर CM योगी की बड़ी अपील, कहा-देश अंतर्विरोधों-षड्यंत्रों के कारण हुआ था गुलाम, बांटने वाली ताकतों से रहना होगा सावधान
VIDEOGRAB: YT/@myogiadityanath
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देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. देश को आजाद हुए 79 वर्ष पूरे हो चुके हैं. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ध्वजारोहण किया और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि ' भारत को मिली ये स्वाधीनता देश के महान सपूतों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है.' उन्होंने इस दौरान देशवासियों से अपील की कि देश को बांटने-कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा.

अंतर्विरोधों और षड्यंत्रों के कारण देश गुलाम हुआ

उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि हम सब जानते हैं कि आज ही के दिन 1947 में एक लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप हमारे देश भारत को यह स्वाधीनता प्राप्त हुई. स्वाधीनता का एहसास हर भारतवासी जिस उन्मुक्त वातावरण में आज कर रहा है. यह भारत माता के उन महान सपूतों, बलिदानियों के त्याग, उनकी तपस्या और उनके बलिदान का परिणाम है. यह सच है कि अंतर्विरोधों और खड्यंत्रों के कारण देश गुलाम हुआ. लेकिन हमारे देश ने मनोमस्तिष्के कभी भी इस गुलामी को स्वीकार नहीं किया. देश के अलग अलग क्षेत्रों में इस गुलामी के खिलाफ अलग अलग समय में संघर्ष और आंदोलन हुए.

1857 का प्रथम स्वतंत्र समर सामूहिक रूप से देश की स्वाधीनता के लिए किए गए प्रयास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था. जब बैरकपुर में शहीद मंगल पांडे के नेतृत्व में झांसी में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के नेतृत्व में, मेरठ में धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में हर गांव, हर जनपद, हर प्रांत में इस स्वाधीनता की यह लौ जलती हुई दिखाई दे रही थी. सबके मन में एक ही विश्वास और एक ही भाव कि हमें अपने देश को विदेशी दासता से मुक्त करना है. आजादी का मतलब केवल राजनीतिक आजादी नहीं है, बल्कि आजादी का मतलब उस अराजकता से, उस पिछड़ेपन से, उस गरीबी से, उस अशिक्षा से, उस असमानता से भी सर्वथा मुक्ति है. जिसके कारण यह देश लगातार कमजोर होता गया. 

'भारत के 140 करोड़ लोगों को देना होगा सामूहिक प्रयास'

आज हम सब अपनी आजादी के 79 वर्ष पूरे कर चुके हैं. 80वें स्वाधीनता दिवस के कार्यक्रम के साथ आज हम सब जुड़े हैं. यह दिवस केवल हमें एक समारोह तक सीमित रखने का अवसर नहीं दे रहा है. यह हमें संपूर्ण आजादी के उन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले उन प्रयासों में एक नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों के निर्वहन करने के लिए भी एक नई प्रेरणा प्रदान कर रही है. हर नागरिक को इस बात का आह्वान करने के लिए कि देश की इस आजादी को लंबे समय तक अगर हमें बनाए रखना है. तो इसके लिए किसी एक व्यक्ति का नहीं, किसी एक संप्रदाय का या जाति का नहीं बल्कि पूरे भारत के 140 करोड़ लोगों को सामूहिक रूप से इस प्रयास को आगे बढ़ाने में अपने अपने क्षेत्र में समान रूप से योगदान देना होगा. जो अव्यवस्था, जो अराजकता, जो अशिक्षा, जो पिछड़ापन, जो असमानता 1947 में देश के सामने थी. पिछले आठ दशक में उनमें से बहुत सारी समस्याओं का समाधान हुआ है. बहुत सारी समस्याओं के समाधान का रास्ता निकला है.

'25 करोड़ लोग हुए बहुआयामी गरीबी से मुक्त'

आज उसी का परिणाम है पूरे देश के अंदर बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं, शिक्षा का दायरा बढ़ा है, बिना भेदभाव के शासन की योजना का लाभ समाज के प्रत्येक तबके को मिलना प्रारंभ हुआ है. विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है. हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले उन परिवर्तनों में आज उसके परिणाम हमें दिखाई देते हैं. और इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर के प्रधानमंत्री मोदी जी ने पूरे देशवासियों से इस बारे में कहा कि हमें अराजकता पर विजय प्राप्त करनी है, असमानता पर विजय प्राप्त करनी है, अशिक्षा पर विजय प्राप्त करनी है. तो हमें देश को बांटने वाली ताकतों से पूरी सतर्क रहना होगा. देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा. और इसके लिए उन्होंने कहा कि देश के अंदर केवल चार जातियां हैं.

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'देश के अंदर केवल चार जातियां'

हम उसको Focus करते हुए अगर कार्य करेंगे तो परिणाम और अच्छे आएंगे. ये चार हैं एक गरीब, एक युवा, एक महिला और एक अन्नदाता किसान की. पिछले 12 वर्ष में देश के अंदर इन चारों तबकों को ध्यान में रखकर के शासन की योजनाएं बनी. उन योजनाओं को जमीनी धरातल पर उतारने के लिए उस प्रकार का एक कार्य योजना को जमीनी धरातल पर उतारने के लिए सरकार की इच्छा शक्ति दिखाई दी और उसी का परिणाम था कि 25 करोड़ से अधिक लोग इस बहुआयामी गरीबी से उभरे हैं. उन्हें शासन की योजना से जोड़ने में मदद मिली है.

Direct Benefit Scheme के माध्यम से उन्हें शासन के योजना का शत प्रतिशत लाभ उपलब्ध करवाने का कार्य हुआ है. युवा के लिए मिशन रोजगार से लेकर के आज की Modern Technology केन्द्र रूप भारत का युवा भी अपने आप को तैयार कर सके, इसके लिए नए नए Platform उपलब्ध करवाए गए हैं. संस्थान बनाए गए हैं. अच्छी स्वास्थ्य की सुविधा हो इसके लिए Medical colleges और AIIMS की नई श्रृंखला पूरे देश के अंदर खड़ी हुई है.

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आवागमन सहज और सरल हो इसके लिए पूरे देश के अंदर अत्याधुनिक Infrastructure का विकास भी हुआ है. रेलवे की Connectivity बढ़ी है. Public Transport के लिए Metro और Rapid Rail जैसी सुविधाएं, अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं.

अमृत भारत, वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त बेहतरीन Public Transport की सुविधा आज देश के अंदर आम नागरिक को उपलब्ध करवाने के प्रयास आगे बढ़े हैं. आज भारत हर एक क्षेत्र में नए प्रतिमान को स्थापित करते हुए आगे बढ़ा है और उन सबको इसलिए हम आगे बढ़ाने में सफल हुए हैं.

जब देश के पास सुश्री नेतृत्व होता है, सामयिकता के साथ पूरे देश की ताकत एक स्वर में बोलती है तो परिणाम सामने आते हैं. देश की आजादी की लड़ाई भी इस बात की ओर हम सबका ध्यान आकर्षित करती है. जब हम बंटे थे अलग अलग क्षेत्र में आजादी का संघर्ष तो होता था. कभी राजस्थान से महाराणा प्रताप ने उस लड़ाई को आगे बढ़ाई थी. कभी पंजाब में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने उस लड़ाई को आगे बढ़ाई. कभी महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज उसको नेतृत्व प्रदान करते हैं. अलग अलग क्षेत्र में यह संघर्ष चलता रहा.

सबका उद्देश्य एक ही था विदेशी दासता से मुक्ति, विदेशी दासता से मुक्ति हर हाल में मिले. लेकिन सामयिक रूप से वह प्रयास 1857 में देखने को प्राप्त हुआ और 1857 के बाद लगातार उस संघर्ष को जीवंतता बनाए रखने के लिए देश के क्रांतिकारियों ने अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग प्रकार के संघर्षों को जन्म दिया. कभी गोरखपुर में चोरी चोरा का ऐतिहासिक घटना, कभी लखनऊ में काकोरी की Train Action की घटना और लगातार यह संघर्ष अनवरत रूप से आगे बढ़ता रहा.

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'वीर बलदानियों, क्रांतिकारियों को स्मरण करने का दिन'

उन्होंने आगे कहा कि मैं आज के इस अवसर पर आजादी की इस लड़ाई को जिसे भारत माता के उन वीर बलदानियों ने, क्रांतिकारियों ने आगे बढ़ाया, आज का दिन उनका स्मरण करने का है. मैं इस अवसर पर भारत माता के उन महान सपूतों की स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में, बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के नेतृत्व में भारत माता के उन महान सपूतों नेताजी सुभाष चंद्र बोस हो या आजादी के वे महान क्रांतिकारी जिन्होंने हंसते हंसते फांसी के फंदे को चूमा था केवल देश की आजादी के लिए. उन सभी की स्मृतियों को नमन करते हुए स्वतंत्र भारत में भारत की सुरक्षा के लिए जिन जवानों ने सीमाओं की रक्षा करते हुए भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए अपने आप को बलिदान किया है, उन सभी को भी मैं इस अवसर पर नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. 

इस दौरान उन्होंने यूपी में लॉ एंड ऑर्डर को स्थापित करने के लिए अपनी जान लगा देने वाले जवानों को सैल्यूट किया और कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है. पहली बार उत्तर प्रदेश के एक जवान Inspector श्री सुनील कुमार को भारत का कीर्ति चक्र प्राप्त हुआ है. मैं इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के अंदर कानून व्यवस्था का आज स्थापित करने, अपराध और अपराधियों के प्रति Zero Tolerance की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए बलिदान हुए Inspector सुनील कुमार की स्मृतियों को नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. उत्तर प्रदेश पुलिस को इस उपलब्धि के लिए हृदय से बधाई देता हूं. राष्ट्रपति के वीरता के पुरस्कार उत्तर प्रदेश के तमाम अधिकारी और कार्मिकों को प्राप्त हुए हैं. उन सबको भी मैं बधाई देता हूं.

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उन्होंने अपने संबोधन के अंत में उम्मीद जताई कि आज के इस अवसर पर आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के सामने किए जाने वाले प्रयासों की कड़ी को हम सब अपने अपने क्षेत्र में मिलकर के आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे. यह स्वाधीनता अनंत काल तक भारत की इस यात्रा को और भी यशस्वी तरीके से आगे बढ़ाने में सफल होगी. एक बार फिर से देश की स्वाधीनता दिवस के अवसर पर मैं आप सभी को पूरे प्रदेशवासियों को इस दिवस की हृदय से बधाई और मंगलमय शुभकामनाएं.

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