'तुम्हारा सरेआम नमाज पढ़ना ठीक, तो दुर्गा सूक्तम पाठ गलत कैसे...', BJP नेता माधवी लता ने ऐसा क्या किया, जिसे देख चिढ़ गए कट्टरपंथी
BJP की फायरब्रांड नेत्री माधवी लता ने एयरपोर्ट पर वो किया जिसके बाद कथित सेक्युलर्स चिढ़ गए हैं. उन्होंने अब बवाल काट दिया है. दरअसल माधवी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर प्राथना कक्ष में नमाज क्या पढ़ी कुछ कट्टरपंथियों को बात बुरी लग गई.
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सोशल मीडिया पर BJP की फायरब्रांड नेत्री कोम्पेला माधवी लता का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. दरअसल वो दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रार्थना कक्ष में शांति से ‘दुर्गा सूक्तम’ का पाठ करती दिख रही हैं. यहीं पर कुछ मुस्लिम महिलाएं भी नमाज पढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं. वैसे तो इसे एक कथित गंगा जमुनी तहजीब का अद्भुत उदाहरण माना जाना चाहिए था, लेकिन हुआ इसके उलट. कुछ इस्लामिक कट्टरपंथियों की इससे भी आपत्ति हो गई और उन्होंने X पर ट्रोलिंग शुरू कर दी है. भारत में अपने आपको आए दिन, 24 घंटे सेक्युलर प्रोजेक्ट करने की कोशिश करने वालों की भावनाएं आहत हो गईं. हालांकि हैरानी की बात ये है कि ये वही तबका है जो बहुसंख्यक हिंदुओं से धर्मनिरपेक्षता की अपेक्षा रखते हैं.
इसी बीच माधवी लता का ये वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है. पहले मुस्लिमों के नाम पर बने कुछ छद्म अकाउंट्स ने इसे शेयर किया और इसे यानी कि ‘दुर्गा सूक्तम’ पाठ को मुस्लिमों के उत्पीड़न से जोड़ दिया. इसके बाद कुछ राइट विंग हैंडल्स ने भी काउंटर करना शुरू किया और जवाब दिया कि IGI एयरपोर्ट पर प्रार्थना कक्ष हर धर्म के लोगों को प्रार्थना करने की इजाजत देता है, वहां एक तरफ नमाज और दूसरी तरफ ‘दुर्गा सूक्तम’ पढ़ने से आखिर किसी को क्या समस्या हो सकती है?
वीडियो देख क्यों भड़के मुस्लिम?
आपको बता दें कि मुस्लिमों के नाम से बनाए गए हैंडल ‘द मुस्लिम’ ने सवाल उठाते हुए कहा कि महिला प्रार्थना कक्ष में प्रवेश करते ही, BJP की माधवी लता ने मुस्लिम महिलाओं को देखकर पूजा अर्चना शुरू कर दी और उन्हें परेशान करने का प्रयास किया. आगे कहा कि, “मुस्लिम महिलाओं को देखकर ही उन्हें अपने धर्म की याद आती है.”
वहीं ‘मुस्लिम IT सेल’ नाम से ‘एक्स’ हैंडल ने कहा कि माधवी लता ने महिलाओं के प्रार्थना कक्ष में प्रवेश किया और नमाज अदा कर रही मुस्लिम महिलाओं की उपस्थिति में पूजा अर्चना करने लगीं. आगे लिखा कि, “सार्वजनिक स्थानों पर प्रार्थना कक्ष मौन, सम्मान और व्यक्तिगत भक्ति के लिए निर्धारित होते हैं, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी बाधा के प्रार्थना करने का अधिकार होना चाहिए.” इसके अलावा ‘हरुन खान, अल फारसी नाम के ‘एक्स’ यूजर्स ने भी इसे उकसावे और मुस्लिम उत्पीड़न से जोड़ दिया और कहा कि ये परेशान करने की कोशिश है.
वहीं राइटविंग हैंडल्स और नेटिजन्स ने इन्हें जवाब देते हुए कहा कि बिना एक शब्द कहे इन्हें आपत्ति हो गई. यही तो कट्टरता है. लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर प्रेयर रूम बना है तो सब के लिए ना, ना कि केवल मुस्लिमों के लिए.
राइटविंग हैंडल्स ने क्या जवाब दिया?
इनकॉगनिटो नाम के ‘एक्स’ यूजर ने लिखा, “उन्होंने किसी से एक शब्द भी नहीं कहा. फिर भी, मुस्लिम इसे उत्पीड़न बता रहे हैं. यही वह जिहादी मानसिकता है, जिससे हम लड़ रहे हैं. हवाई अड्डे पर नमाज पढ़ने के कमरे सभी के लिए हैं, केवल मुस्लिमों के लिए नहीं.”
‘एक्स’ यूजर अभिजीत मजूमदार ने लिखा, “दुर्गा स्तुति ने इन कीड़ों को कितना भड़का दिया है, यह देखकर अच्छा लगा. इतनी सी दवा की दो बूँदें, और ये दर्द से चीखने लगते हैं. दिन में 5 बार लाउडस्पीकर से नमाज पढ़ने से भी इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.”
वहीं एडवोकेट विनीत जिंदल ने बड़ा सवाल उठाया कि, “वे सड़कों पर अवैध रूप से नमाज पढ़ते हैं, इस पर कोई सवाल नहीं उठता, लेकिन अर कोई हिंदू निर्धारित स्थानों पर पूजा करता है तो उन्हें आपत्ति होती है और वे खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करते हैं. बेशर्म इस्लामी लोग.”
इसके अलावा अपर्णा सिन्हा ने जोरदार जवाब देते हुए कहा कि है कि मुस्लिम कहते हैं कि गंगा एक बहुधार्मिक नदी है, वे चिकन खाकर उसमें फेंक देंगे और नवराक्षि में गोमांस खाएँगे, यह उनकी मर्जी है. सिन्हा ने आगे कहा कि और यही मुस्लिम कहते हैं कि एयरपोर्ट पर प्रार्थना कक्ष में हिंदू महिला की प्रार्थना करने की हिम्मत कैसे हुई?
कुल मिलाकर सोशल मीडिया यूजर्स ने जवाब देते हुए ये कहा कि अगर धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं उसका पालन भी करें. ये केवल एक ही वर्ग और समुदाय की जिम्मेवारी नहीं है.
कौन हैं माधवी लता?
आपको बता दें कि अपने हिंदुत्व और फायरब्रांड छवि के लिए मशहूर माधवी लता एक व्यवसायी और समाजसेवी मुस्लिम-बहुल पुराने हैदराबाद शहर में लंबे समय से सक्रिय हैं. वो हैदराबाद की विरिंची हॉस्पिटल्स की चेयरपर्सन भी हैं.
A moment of stillness amidst the rush - Pranams to the Divine in the Heart of Bharat
— Kompella Madhavi Latha (@Kompella_MLatha) March 23, 2026
In the pursuit of Loka Kalyan (the well-being of the world), one must first find inner alignment. At the Delhi Airport prayer room, I immersed myself in the celestial verses of the Durgā Sūktam,… pic.twitter.com/z8fmJT0JQx
भाजपा ने उन्हें 2024 लोकसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ उम्मीदवार बनाया था. एक पेशेवर भरतनाट्यम नृत्यांगना, माधवी लता इसके पहले राजनीति में सक्रिय नहीं रही हैं, लेकिन कई कारकों के कारण भाजपा ने उन्हें ओवैसी से मुकाबला करने के लिए उनके गढ़ में अपना उम्मीदवार बनाया है.
तीन तलाक के खिलाफ अभियान चला चुकी हैं माधवी लता!
उनकी छवि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनसे पहले भाजपा ने हैदराबाद में कभी भी किसी महिला को मैदान में नहीं उतारा था. माधवी लता के बारे में कहा जाता है कि वह पुराने शहर के कुछ हिस्सों में परोपकारी गतिविधियों में सक्रिय हैं. अपने हिंदुत्व समर्थक भाषणों के लिए मशहूर माधवी लता ने तीन तलाक के खिलाफ भी अभियान चलाया था. कहा जाता है कि वह विभिन्न मुस्लिम महिला समूहों के संपर्क में हैं.
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49 वर्षीय लता लाथम्मा फाउंडेशन और लोपामुद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी हैं और निराश्रित मुस्लिम महिलाओं की आर्थिक मदद भी करती रहती हैं. वह एक गौशाला भी चलाती हैं. कोटि महिला कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर माधवी लता अपनी संस्था के जरिए, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित करती हैं और अपने मोबाइल नंबर पर मिस्ड कॉल से जरूरतमंदों को मदद भी करती हैं.
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