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पारदर्शी चकबंदी और टाइमली निस्तारण पर योगी सरकार का जोर, गांवों से कोर्ट तक बदली व्यवस्था, 8 वर्षों में 21 लाख से अधिक वादों का निस्तारण

योगी सरकार में चकबंदी व्यवस्था को रफ्तार मिली है. पिछले 8 वर्षों में 21 लाख से अधिक वादों का निस्तारण हुआ है. किसानों के भूमि विवाद सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है. इस दौरान चकबंदी न्यायालयों का डिजिटलीकरण, 531 न्यायालयों को कंप्यूटरीकृत किया गया है.

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25 Oct 2026
( Updated: 25 Oct 2026
05:48 PM )
पारदर्शी चकबंदी और टाइमली निस्तारण पर योगी सरकार का जोर, गांवों से कोर्ट तक बदली व्यवस्था, 8 वर्षों में 21 लाख से अधिक वादों का निस्तारण
Image Source-UPPRD/CANVA
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योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में चकबंदी व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया है. चकबंदी निदेशालय के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2025 तक चकबंदी प्रक्रिया पूरी करने वाले गांवों की संख्या में बड़े स्तर पर वृद्धि हुई है. साथ ही चकबंदी न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण और वादों के निस्तारण में भी प्रगति दर्ज की गई है. इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों की भूमि से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करना और राजस्व अभिलेखों को समय से संबंधित तहसीलों तक पहुंचाना है.

आठ वर्षों में 3,192 गांवों में चकबंदी पूरी

चकबंदी निदेशालय के मुताबिक वर्ष 2017 में प्रदेश के 1,925 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी हुई थी. वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 3,192 गांव हो गई. इन गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया पूरी कर अभिलेख संबंधित तहसीलों को वापस किए गए. इससे भूमि संबंधी अभिलेखों को व्यवस्थित करने और किसानों से जुड़े राजस्व कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है.

21 लाख से अधिक वादों का निस्तारण

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चकबंदी न्यायालयों में वादों के निस्तारण के मामले में भी प्रगति हुई है. वर्ष 2017 में 12.55 लाख से अधिक वादों के निस्तारण की स्थिति थी, जबकि वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 21.12 लाख से अधिक हो गई. निदेशालय के मुताबिक, विगत आठ वर्षों में कुल 21 लाख 12 हजार 784 वादों का निस्तारण किया गया. भूमि विवादों के समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

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531 न्यायालयों का कंप्यूटरीकरण

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चकबंदी व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने के लिए न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया. वर्ष 2017 में इस मद में स्थिति शून्य थी, जबकि वर्ष 2025 तक 531 न्यायालयों का कंप्यूटरीकरण किया गया. इसमें उप संचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी और चकबंदी अधिकारी के न्यायालयों के साथ 180 सहायक चकबंदी अधिकारी न्यायालय भी शामिल हैं. इससे न्यायालय संबंधी कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में मदद मिली है.

नवप्रसार के तहत 1,302 गांव शामिल

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चकबंदी प्रक्रिया के नवप्रसार के अंतर्गत विगत आठ वर्षों में कुल 1,302 गांवों को शामिल किया गया. वर्ष 2017 में इस श्रेणी में 2,468 गांवों की स्थिति दर्ज थी, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 1,302 रही. विभागीय आंकड़ों में इसे आठ वर्षों के दौरान चकबंदी क्रियाओं में शामिल किए गए गांवों के रूप में दर्शाया गया है.

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