योगी सरकार लगातार कर रही बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज में हो रहे कार्यों की मॉनीटरिंग, 60 पंपों से हो रही जलनिकासी
बाढ़ के बाद मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण के लिए जोन-3 में तीन ड्रोन की मदद से करीब 67 एकड़ क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है. यहां पांच मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों और 15 बैटरी चालित एंटी लार्वा मशीनों का भी उपयोग किया जा रहा है. फॉगिंग के लिए चार बड़ी और 10 छोटी मशीनें लगाई गई हैं.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की जनहितकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप लखनऊ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने के लिए नगर निगम ने राहत, सफाई और जलनिकासी कार्य तेज कर दिए हैं. फैजुल्लागंज समेत जोन-3 और जोन-6 के प्रभावित इलाकों में जलभराव दूर करने, गंदगी हटाने और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है. दोनों जोन में कुल 60 पंपों की मदद से पानी निकाला जा रहा है.
गुरुवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने फैजुल्लागंज के लोहरामऊ और दाउदनगर का निरीक्षण कर बाढ़ का पानी उतरने के बाद चल रहे सफाई एवं जलनिकासी कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर अभी भी पानी जमा है, वहां उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल कर जल्द जलनिकासी सुनिश्चित की जाए. जलस्तर कम होने वाले इलाकों में मड पंपों से मिट्टी, कीचड़ और सिल्ट हटाकर गलियों एवं रास्तों को आवागमन योग्य बनाया जाए.
60 पंपों से जलनिकासी, 12 मशीनों से सफाई
जोन-3 के फैजुल्लागंज क्षेत्र में 40 डीजल और आठ इलेक्ट्रिक समेत कुल 48 पंप लगाए गए हैं. वहीं, जोन-6 में 12 डीजल पंपों के माध्यम से जलनिकासी की जा रही है. इसके अतिरिक्त दोनों जोन में 12 टीएमएक्स डिसिल्टिंग मशीनों से नालों की सफाई और जमा सिल्ट हटाने का काम जारी है. सेप्टिक टैंकों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. नगर आयुक्त ने सड़कों, गलियों और नालियों में जमा गंदगी हटाने, जलनिकासी व्यवस्था सुचारु रखने और सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए. उन्होंने प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने पर जोर दिया.
ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग अभियान तेज
बाढ़ के बाद मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण के लिए जोन-3 में तीन ड्रोन की मदद से करीब 67 एकड़ क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है. यहां पांच मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों और 15 बैटरी चालित एंटी लार्वा मशीनों का भी उपयोग किया जा रहा है. फॉगिंग के लिए चार बड़ी और 10 छोटी मशीनें लगाई गई हैं, जबकि छह टैंकरों से सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव कराया जा रहा है. जोन-6 में सात बड़ी और 24 छोटी फॉगिंग मशीनों के जरिए मच्छर नियंत्रण अभियान चल रहा है. ब्लीचिंग पाउडर, चूना, मैलाथियान और एंटी लार्वा का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. प्रभावित क्षेत्रों की करीब 22 किलोमीटर लंबी गलियों में फॉगिंग कराई गई है.
कूड़ा उठान और स्वच्छता पर विशेष जोर
प्रभावित इलाकों में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए 176 थ्री-व्हीलर वाहनों से घर-घर कूड़ा एकत्र किया जा रहा है. इसके अलावा करीब 55 टाटा ऐस वाहन, आठ ट्रैक्टर और आठ मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं. नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान तेज किया जाए. नालियों, सेप्टिक टैंकों और जलभराव वाले स्थानों की सफाई कराई जाए, ताकि सड़कें और गलियां आवागमन योग्य बन सकें.
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गौरव कुमार ने प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया. नगर निगम की टीमें जलनिकासी, कूड़ा उठान, डीसिल्टिंग और मच्छर नियंत्रण के कार्यों में जुटी हैं. नागरिकों से भी सफाई व्यवस्था बनाए रखने, जलभराव वाले स्थानों पर कूड़ा न डालने और पीने के पानी की स्वच्छता संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की गई है.