योगी सरकार का दिव्यांग बच्चों की शुरुआती शिक्षा पर जोर, 28 नए ‘बचपन’ डे केयर सेंटरों की स्थापना को मंजूरी
योगी सरकार दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई पहल कर रही है. इसी दिशा में 28 नए बचपन डे केयर सेंटरों की स्थापना को मंजूरी दी गई है.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में UP सरकार दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. इसी कड़ी में प्रदेश में 3 से 7 साल के आयु वर्ग के दिव्यांग बच्चों के लिए बचपन डे केयर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं.
इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता विकसित करने, उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराने और उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
दिव्यांग बच्चों के लिए डे केयर
प्रदेश में वर्तमान में 25 बचपन डे केयर सेंटर संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 1,490 बच्चों की है. इनमें 1,463 बच्चे नामांकित हैं. इस प्रकार केंद्रों की कुल क्षमता के सापेक्ष लगभग 98 प्रतिशत नामांकन दर्ज किया गया है. योजना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में अवशेष जनपदों में 28 नए बचपन डे केयर सेंटरों की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है. इससे अधिक दिव्यांग बच्चों तक प्रारंभिक शिक्षा और आवश्यक सहयोग की सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी.
18 मंडलीय जनपदों सहित सात आकांक्षी जिलों में संचालन
प्रदेश में लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, बरेली, आगरा, सहारनपुर, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद, बस्ती, मिर्जापुर, आजमगढ़, कानपुर नगर, अयोध्या, गोंडा और गोरखपुर में बचपन डे केयर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं. इसके अतिरिक्त सात आकांक्षी जिलों चंदौली, सिद्धार्थनगर, बहराइच, श्रावस्ती, फतेहपुर, बलरामपुर और सोनभद्र में भी नए केंद्रों का संचालन शुरू हो चुका है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में अवशेष जनपदों में 28 नए केंद्रों की स्थापना को मिली मंजूरी से इस पहल का और विस्तार होगा.
विभिन्न श्रेणियों के 1,463 बच्चों को मिल रहा लाभ
बचपन डे केयर सेंटरों में नामांकित बच्चों में 465 श्रवणबाधित, 342 दृष्टिबाधित, 520 बौद्धिक दिव्यांग और 136 लर्निंग डिसेबिलिटी (एलडी) से संबंधित बच्चे शामिल हैं. इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को उनकी जरूरतों के अनुरूप सीखने का वातावरण उपलब्ध कराना, संवाद और सामाजिक व्यवहार विकसित करने के अवसर देना और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए तैयार करना है.
गुणवत्ता प्रबंधन के लिए ISO प्रमाणन
बचपन डे केयर सेंटरों में सेवाओं की गुणवत्ता और संचालन व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसी क्रम में केंद्रों को गुणवत्ता प्रबंधन और संचालन व्यवस्था के लिए आईएसओ प्रमाणन प्रदान किया गया है. इससे निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाओं के संचालन और प्रबंधन में निरंतर सुधार को प्रोत्साहन मिलेगा.
दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांग बच्चों को शुरुआती उम्र से शिक्षा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है. बचपन डे केयर सेंटरों के माध्यम से 3 से 7 वर्ष तक के बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है. प्रदेश में संचालित 25 केंद्रों में 1,463 बच्चों का नामांकन इस पहल की उपयोगिता को दर्शाता है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में अवशेष जनपदों में 28 नए केंद्रों की स्थापना की मंजूरी से अधिक बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
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उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य दिव्यांग बच्चों को उनकी क्षमताओं के अनुरूप शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मविश्वास के साथ शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है.