घूस के लिए बेजुबानों के 'स्वर्ग' पर बुलडोजर! MCD ने दबंगों के साथ मिलकर उजाड़ा जानवरों का घर, जागृति मिश्रा ने रो-रोकर किया EXPOSE!
Jagriti Mishra Animal Shelter: 'टूटा है, आगे भी टूटेगा', यही कुछ बोला और तोड़ दिया बेसहारा जानवरों के लिए बनाए जा रहे शेल्टर को MCD ने. इतना ही नहीं इसमें MCD की भी संदिग्ध भूमिका सामने आई है.
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दिल्ली में बेजुबान जानवरों के लिए आशियाना बनवा रही जागृति मिश्रा के शेल्टर को तोड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 'Street Worldz Trust' नाम की संस्था चलाने वाली जागृति 'स्वर्ग' नाम से गोशाला बना रही थीं, जिसे कथित तौर पर MCD के कुछ JE द्वारा बुलडोजर लगाकर धराशायी कर दिया गया. जागृति का दावा है कि यह कार्रवाई गैरकानूनी है और राजनीति से प्रेरित है. उन्हें बिना सूचना दिए, उनकी गैरमौजूदगी में इसे ढहा दिया गया. बल्कि होना तो यह चाहिए था कि एक्शन लेने से पहले अधिकारी को उन्हें नोटिस देना था, कॉल करके बुलाना था और कागजात की मांग करनी थी. इतना ही नहीं, बकौल जागृति, यह निर्माण भी उनकी अपनी जमीन पर, संस्था के नाम से ही, बेसहारा जानवरों के लिए ही हो रहा था.
जागृति के शेल्टर होम पर चला बुलडोजर!
आपको बता दें कि जागृति काफी लंबे समय से जानवरों की सेवा में लगी हैं और बेसहारा जानवरों का मुफ्त इलाज व देखभाल करती हैं. इसी कड़ी में इन बेजुबानों को एक सुरक्षित और स्थायी आशियाना देने के लिए जागृति दिल्ली के बाहरी इलाके में एक बड़े एनिमल शेल्टर और गोशाला का निर्माण करवा रही थीं. इस प्रोजेक्ट में उनकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और कई लोगों का डोनेशन लगा हुआ था.
काम तेजी से चल रहा था, बाउंड्री वॉल तक खड़ी हो चुकी थी, शेल्टर का ढांचा करीब-करीब तैयार हो गया था, लेकिन इसे तोड़ दिया गया. इसके बाद जागृति का भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है.
दबंग सोनू ने कहा, 'टूटा है, टूटेगा'
कहा जा रहा है कि जब शेल्टर का काम चल रहा था, तब कथित तौर पर JE, MCD के अधिकारी और एक लोकल व्यक्ति, जिसका नाम सोनू बताया जाता है, वहां धमकते हैं और निर्माण को जागृति की गैरमौजूदगी में तोड़ दिया जाता है. मजदूरों का आरोप है कि सोनू और दूसरे अधिकारियों ने उनके साथ बदतमीजी भी की, गाली दी और उन्हें भगा दिया. इस दौरान सोनू नाम के गांव के दबंग का जागृति की निर्माणाधीन प्रॉपर्टी में खड़े होकर ढांचा तुड़वाने और निगरानी करने का वीडियो भी वायरल हो रहा है. जागृति का दावा है कि उसी के कहने पर यह कार्रवाई हुई है.
MCD की दबंगों के साथ सांठगांठ!
बकौल जागृति, यह मामला रिश्वत और पैसे का भी है. आरोप के मुताबिक स्थानीय पार्षद की ओर से पैसे की मांग की गई थी. सोनू भी निर्माण के टूटने से 4 दिन पहले जागृति के पास पैसे की मांग करने आया था. जब पैसे नहीं दिए गए तो उसने रंजिश में, MCD के अधिकारी के साथ मिलकर इसे धराशायी करवा दिया. सोनू की जागृति के साथ तू-तू, मैं-मैं भी हुई. जिसमें वह दबंगई से बोलता है, "टूटा है, आगे भी टूटेगा." वह यह नहीं बताता कि वह किस हैसियत से कागजात और परमिशन की मांग कर रहा है. उसे इसकी क्या जरूरत? वह कौन है? इतना ही नहीं, वह पूरे दावे से कहता है कि उसका गांव है, वह घूमेगा. जहां मन होगा, जाएगा. उसका इशारा था कि उसका गांव है, वह निर्माण नहीं होने देगा.
जागृति मिश्रा दिल्ली में एक एनिमल शेल्टर और NGO चलाती हैं...उनका सेल्टर गिरा दिया गया...और AAP के कार्यकर्ता उनके साथ बदसलूकी कर रहे है....और इस बात का खुलासा खुद जागृति ने खुद किया...पार्ट-3 #JagritiMishra #Animalshelter #NGO #Delhi https://t.co/Lw1bmoyd2h
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) October 24, 2026Advertisement
जागृति का आरोप है कि बिना किसी पूर्व लिखित नोटिस या कानूनी प्रक्रिया के बुलडोजर लगवाकर निर्माणाधीन शेल्टर तोड़ दिया गया. उनका लाखों का नुकसान कर दिया गया. जब जागृति ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल किया, तो उन्हें पुलिस की ओर से थाने आने और कानूनी प्रक्रिया की दलील दी गई. इस दौरान अधिकारियों के साथ बकझक भी देखने को मिली. प्रशासनिक कार्रवाई, बेबसी और गुस्से के बीच जागृति ने अपने मोबाइल से एक लाइव वीडियो रिकॉर्ड किया. इंस्टाग्राम रील पर वायरल हो रहे इस वीडियो में जागृति रोते, चिल्लाते और टूटे निर्माण को दिखाते हुए प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई और मिलीभगत का आरोप लगा रही हैं.
घूस के लिए चलवा दिया बुलडोजर!
वायरल इंस्टाग्राम वीडियो में देखा जा सकता है कि जागृति MCD अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही हैं. उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्य को बिना रोक-टोक चलने देने के बदले उनसे घूस मांगी गई थी और जब उन्होंने यह घूस देने से साफ मना कर दिया, तो बदले की भावना से उनके शेल्टर को निशाना बनाया गया. वीडियो में वह चीखते हुए एमसीडी के जूनियर इंजीनियर (JE) विकास गुप्ता का नाम ले रही हैं कि वह अचानक पुलिस लेकर आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी. इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक शह मिलने का आरोप लगाते हुए सोनू डबास का नाम लिया, जिसके इशारे पर यह कार्रवाई हुई है.
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जागृति का दावा है कि बेजुबानों के इस आशियाने को जमींदोज करने से उनका लगभग 70 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जो पैसा उन्होंने पाई-पाई जोड़कर, कर्ज लेकर और लोगों से डोनेशन मांगकर इकट्ठा किया था. इस वीडियो के वायरल होने के बाद इंटरनेट पर आम लोगों, गोसेवकों और पशु प्रेमियों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है. सोशल मीडिया पर लोग दिल्ली पुलिस और MCD अधिकारियों की सांठगांठ की जांच और उन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.