जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

योगी सरकार का ‘पावर मॉडल’ बना महिला सशक्तीकरण का नया आधार, विद्युत सखियों ने जमा कराया रिकॉर्ड 1.80 करोड़ लोगों का बिल

यूपी में योगी सरकार का ‘पावर मॉडल’ महिला सशक्तीकरण का नया आधार बन रहा है. इसी के तहत विद्युत सखियों ने 1.80 करोड़ लोगों का रिकॉर्ड बिल  जमा कराया है. इस लिहाज से देखें तो ये गांवों में महिलाओं के लिए आय का नया जरिया बन रहा है.

Author
25 Oct 2026
( Updated: 25 Oct 2026
06:02 PM )
योगी सरकार का ‘पावर मॉडल’ बना महिला सशक्तीकरण का नया आधार, विद्युत सखियों ने जमा कराया रिकॉर्ड 1.80 करोड़ लोगों का बिल
Image Source-UPPRD/CANVA
Advertisement

उत्तर प्रदेश के गांवों में कभी घर का बिजली बिल परिवार के खर्च का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन अब यही बिल हजारों महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार बन रहा है. योगी सरकार ने बिजली बिल संग्रह को ग्रामीण महिलाओं की आजीविका से जोड़कर सशक्तीकरण का नया रास्ता खोला है. स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 16 हजार से अधिक महिलाएं आज ‘विद्युत सखी’ बनकर न केवल अपने परिवार की आमदनी बढ़ा रही हैं, बल्कि बिजली विभाग और ग्रामीण उपभोक्ताओं के बीच मजबूत कड़ी भी बन रही हैं.

इन महिलाओं ने अब तक 3720 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल जमा कराकर 47 करोड़ रुपये से अधिक कमीशन (लाभांश) अर्जित किया है. प्रदेश में विद्युत सखियों ने रिकॉर्ड 1.80 करोड़ लोगों का बिजली का बिल जमा कराया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह ‘पावर मॉडल’ गांवों में रोजगार, राजस्व संग्रह और जनसुविधा को एक साथ जोड़ने की मिसाल बनकर उभरा है.

गांव में ही रोजगार, घर के पास सुविधा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के समन्वय से संचालित योजना ने ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए हैं. इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि महिलाओं को कमाई के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा. वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में बिजली बिल जमा कराकर आय अर्जित कर रही हैं. इससे घरेलू जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है. दूसरी ओर ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए दूर स्थित विद्युत कार्यालयों और भुगतान केंद्रों तक जाने से राहत मिली है.

विद्युत सखियों की उपलब्धि का अंदाजा उनके जरिए हुए राजस्व संग्रह से लगाया जा सकता है. विद्युत सखियों ने अब तक 3720 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व संग्रह किया है. इसके जरिए 47 करोड़ रुपये से अधिक कमीशन अर्जित किया है. प्रदेश में अब तक 31 हजार से अधिक महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में रजिस्टर्ड किया गया है. इनमें 16 हजार से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से बिल संग्रह का कार्य कर रही हैं. यह नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग की पहुंच बढ़ाने के साथ महिलाओं की आय का माध्यम भी बन रहा है.

Advertisement

ये भी पढ़ें: तकलीफ में था डिलीवरी बॉय… अनंत अंबानी ने कर दिया कुछ ऐसा, भावुक हो गया सोशल मीडिया, Video वायरल

हर बिल के साथ बढ़ रही महिलाओं की आमदनी

विद्युत सखी योजना में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाता है. ई-वॉलेट के माध्यम से वे उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा करती हैं और इसके बदले निर्धारित कमीशन प्राप्त करती हैं. विद्युत सखियों को 2000 रुपये तक का बिल जमा कराने पर 20 रुपये तक कमीशन मिलता है. इस व्यवस्था ने महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर आय अर्जित करने का अवसर उपलब्ध कराया है. साथ ही गांवों में डिजिटल भुगतान की पहुंच भी बढ़ रही है.

Advertisement

ये भी पढ़ें: ‘आपको शर्म आनी चाहिए', BJP को झूठी पार्टी कहने वाले नसीरुद्दीन शाह पर भड़के 'महाभारत' के युधिष्ठिर गजेंद्र चौहान

बिजली विभाग और उपभोक्ताओं के बीच बनीं मजबूत कड़ी

यह भी पढ़ें

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, प्रदेश में 16 हजार से अधिक सक्रिय विद्युत सखियां ग्रामीण उपभोक्ताओं तक सेवाएं पहुंचा रही हैं. कार्यक्रम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ उनका सामाजिक सम्मान भी बढ़ रहा है. वहीं बिजली विभाग को राजस्व संग्रह का अतिरिक्त माध्यम मिला है. उपभोक्ताओं को घर के पास भुगतान सुविधा मिलने से समय और आवागमन का खर्च भी बच रहा है. इस तरह योगी सरकार की यह पहल महिला स्वावलंबन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बेहतर जनसेवा का व्यावहारिक मॉडल बन रही है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें