शिवसेना UBT में टूट की हैट्रिक! उद्धव ठाकरे की बैठक से 3 MLA, 1 MLC हो गए गायब, 6 सांसद पहले ही हो चुके हैं बागी
पार्टी छोड़ने की चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने विधायकों के साथ बैठक बीती शाम एक बैठक की थी, जिसमें MLA/MLC सहित कुल चार सदस्य नहीं पहुंचे. ये ठीक उस वक्त हुआ जब शिवसेना के ऑफिस से 500 मीटर दूरी पर UBT गुट के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो रहे थे.
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शिवसेना में बगावत और टूट का सामना कर रहे शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की सियासी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. 9 में से 6 सांसदों के शिंदे गुट में औपचारिक तौर पर शामिल होने के बाद उद्धव द्वारा बुलाई गई बैठक से 3 विधायक और 1 MLC ही गायब हो गए. इसके बाद एक बार फिर अफवाहों का बाजार और गर्म हो गया है. आपको बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कई विधायकों के पार्टी छोड़ने की अफवाहों के बीच अपनी पार्टी को एकजुट रखने के लिए सभी विधायकों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी.
उद्धव ठाकरे की बैठक से गायब रहे MLA/MLC
राज्य विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत के साथ हुई यह अहम बैठक रणनीति बनाने और ताकत दिखाने का एक जरिया थी. यह बैठक 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर मची भारी राजनीतिक हलचल के बाद हुई है. कहा जा रहा है कि यह विरोधी एकनाथ शिंदे गुट की एक चाल थी, जिसका मकसद शिवसेना (यूबीटी) के कई लोकसभा सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर करना था.
क्या फिर टूटेगी शिवसेना UBT?
शिवसेना के पार्टी ऑफिस 'शिवालय' में जिस समय यह बैठक हो रही थी, उसी समय कुछ ही दूरी पर मौजूद यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में एक दूसरे कार्यक्रम में यूबीटी के 6 बागी सांसद आधिकारिक तौर पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो रहे थे. पार्टी के कुल 26 विधायकों/ विधान पार्षदों (20 एमएलए और 6 एमएलसी) में से 22 इस बैठक में मौजूद थे.
मौजूदा संकट के बीच एकजुटता का कड़ा संदेश देने के लिए, विधायकों ने ठाकरे के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाकर एक घंटे तक चली बैठक का समापन किया. हालांकि पार्टी में फूट के एक और दौर को लेकर अटकलों का सिलिसिला फिर से शुरू हो गया है.
उद्धव ठाकरे की मीटिंग में कौन-कौन नहीं पहुंचा?
आपको बता दें कि चार विधायक संजय देरकर, राहुल पाटिल और संजय पोटनिस (एमएलए) तथा सुनील शिंदे (एमएलसी) बैठक में शामिल नहीं हुए. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने उनके न आने को ज्यादा तवज्जो नहीं दी. उन्होंने बताया कि इन विधायकों ने निजी कामों, स्थानीय धार्मिक कार्यक्रमों और हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों से जुड़े कामों के कारण नेतृत्व से पहले ही अनुमति ले ली थी. हालांकि ये भी स्पष्ट है कि विधायकों के बागी होने और पार्टी छोड़ने के पहले इसी तरह अनुमति लेकर अनुपस्थित रहने का इतिहास रहा है.
बैठक के दौरान, ठाकरे ने अपने विधायकों को सदन के अंदर आक्रामक और बहुत अच्छी तरह से संगठित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया. विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन की नजर विपक्ष के नेता के पद पर है, इसलिए ठाकरे ने विधायकों को जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर सरकार को व्यवस्थित तरीके से घेरने का निर्देश दिया.
#WATCH | Maharashtra: Shiv Sena (UBT) chief Uddhav Thackeray holds a meeting with party leaders in Mumbai. The meeting is to discuss upcoming political developments, organisational matters, and the legislature's strategy.
— ANI (@ANI) June 22, 2026
(Source: Shiv Sena-UBT) pic.twitter.com/pKLpkeamHJ
बैठक के बाद शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे ने कहा, "हमें आक्रामक तरीके से काम करने के लिए कहा गया है. हम किसानों के मुद्दों, विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे इलाकों में पानी की भारी किल्लत और मुंबई से जुड़ी चिंताओं को मजबूती से उठाएंगे." इसके अलावा, ठाकरे ने अपने एमएलए और एमएलसी को उन बागी सांसदों के चुनाव क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम करने का निर्देश दिया, जिनके पाला बदलने की चर्चा है.
#WATCH | Mumbai: Shiv Sena UBT MPs Sanjay Haribhau Jadhav, Bhausaheb Rajaram Wakchaure, Omprakash Bhupalsingh Nimbalkar, Sanjay Dina Patil, Sanjay Uttamrao Deshmukh and Nagesh Bapurao Patil Ashtikar share the stage with Maharashtra Deputy CM Eknath Shinde as they are set to join… pic.twitter.com/Rp6AQpebQQ
— ANI (@ANI) June 22, 2026
महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर के एक और लहर की चर्चा!
पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुई संसदीय बैठक में पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन के व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई थी. जहां शिंदे गुट ने दावा किया कि बाकी बचे यूबीटी सांसदों को अपने पाले में लाने के "ऑपरेशन" की आखिरी तारीख तय की जा रही है, वहीं यूबीटी लीडरशिप ने इस पर कड़ा पलटवार किया.
सत्ताधारी महायुति गठबंधन की आलोचना करते हुए, पूर्व मंत्री और पार्टी विधायक आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर आरोप लगाया कि वे कामकाज के बजाय पूरी तरह से राजनीतिक जोड़-तोड़ पर ध्यान दे रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास कर्मचारियों की सैलरी और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन सांसदों को खरीदने के लिए पैसे हैं. उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर विपक्ष को तोड़ने और आखिरकार संविधान बदलने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया.
बागी सांसदों के संसदीय क्षेत्रों का दौरा करेंगे उद्धव ठाकरे!
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वहीं, सीनियर लीडर संजय राउत ने पाला बदलने के दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि तीनों लोकसभा सांसद मजबूती से उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं. इससे पहले, ठाकरे ने 27 जून से 29 जून तक तीन दिन के दौरे की घोषणा की थी, जिसमें वे उन चुनाव क्षेत्रों का दौरा करेंगे जहां से पार्टी के सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे.