वाराणसी और लखनऊ में पेयजल-सीवरेज की सात परियोजनाओं को मंजूरी, 8.22 लाख को मिलेगा शुद्ध पेयजल
सातों परियोजनाओं के लिए केंद्रांश के रूप में 696.42 करोड़ रुपये, राज्यांश के रूप में 1866.40 करोड़ रुपये, निकायांश के रूप में 222.85 करोड़ रुपये और सेंटेज के रूप में 113.95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन-2.0 (अमृत-2.0) के तहत वाराणसी और लखनऊ में सीवरेज एवं पेयजल से जुड़ी 7 परियोजनाओं के व्यय प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इन परियोजनाओं के पूरा होने से दोनों शहरों में लाखों लोगों को सीवरेज और शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलेगी. परियोजनाओं से जुड़े क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को शत-प्रतिशत कवरेज देने का लक्ष्य है.
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वाराणसी में 8.52 लाख लोगों को मिलेगी सीवरेज सुविधा
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि वाराणसी में सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुराने ट्रांस वरुणा क्षेत्र के डिस्ट्रिक्ट-2बी और 2सी जोन सहित नवविस्तारित क्षेत्रों में परियोजनाएं प्रस्तावित हैं. इनमें लहरतारा और चितईपुर जोन में सीवरेज व्यवस्था का विस्तार भी शामिल है. इन परियोजनाओं से वाराणसी में लगभग 8 लाख 52 हजार लोगों को सीवरेज सुविधा का लाभ मिलने का अनुमान है.
पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वाराणसी के पुराने ट्रांस वरुणा क्षेत्र के डिस्ट्रिक्ट-2बी और 2सी जोन में पेयजल विस्तार एवं सुधार की योजना बनाई गई है. इसके अलावा नवविस्तारित लहरतारा और चितईपुर जोन में भी पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इन परियोजनाओं के पूरा होने पर वाराणसी में लगभग 8 लाख 22 हजार लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा.
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लखनऊ के 1.56 लाख लोगों को पेयजल की सुविधा
लखनऊ में अमृत-2.0 के तहत पेयजल डिस्ट्रिक्ट-डी के तहत ऐशबाग, आलमनगर और केशरीखेड़ा वार्ड में पेयजल से संबंधित परियोजना शामिल है. इससे लगभग 1 लाख 56 हजार लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलेगी. परियोजना से जुड़े क्षेत्र को पेयजल व्यवस्था से शत-प्रतिशत आच्छादित करने का लक्ष्य है.
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केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी खर्च
सातों परियोजनाओं के लिए केंद्रांश के रूप में 696.42 करोड़ रुपये, राज्यांश के रूप में 1866.40 करोड़ रुपये, निकायांश के रूप में 222.85 करोड़ रुपये और सेंटेज के रूप में 113.95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराना है.