रक्षाबंधन पर महिलाओं को मोहन सरकार देगी तोहफा, शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर इस सेवा का प्रतीकात्मक शुभारंभ किया जाएगा, जबकि इसके चरणबद्ध विस्तार के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है.
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रक्षाबंधन से पहले मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद यात्रा की सौगात देने जा रही है. राज्य सरकार आगामी रक्षाबंधन के अवसर पर 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' (मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा) शुरू करने की तैयारी में है, जिसका विशेष उद्देश्य महिलाओं को राज्य संचालित बसों में सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है.
रक्षाबंधन पर महिलाओं को तोहफा
इस योजना का उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की कमी को दूर करना है, जहां लोगों को अक्सर क्षमता से अधिक भरे निजी वाहनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ता है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर इस सेवा का प्रतीकात्मक शुभारंभ किया जाएगा, जबकि इसके चरणबद्ध विस्तार के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है.
उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था कमजोर हुई थी. अब गांवों में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार के बाद प्रभावी बस सेवा को फिर से मजबूत करने का समय आ गया है.
राज्य सरकार शुरू करेगी 'मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा'
यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी. पहले चरण में अधिक मांग वाले मार्गों को प्राथमिकता दी जाएगी. मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और केंद्र सरकार की पीएम ई बस सेवा के तहत बसों का संचालन जुलाई से सबसे पहले इंदौर संभाग में शुरू होगा.
इंदौर संभाग में बस संचालन की जिम्मेदारी अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड को सौंपी गई है.
प्रारंभिक चरण में इंदौर से तीन श्रेणियों की बसें संचालित होंगी. इनमें मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले 121 अंतरजिला मार्गों पर 608 बसें, इंदौर शहर और उपनगरीय क्षेत्रों के 28 मार्गों पर बसें तथा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले 101 अंतरराज्यीय मार्गों पर 276 बसें शामिल हैं.
इंदौर शहर में चलाई जाएंगी150 इलेक्ट्रिक बसें
इसके अलावा, पीएम ई-बस सेवा के तहत जुलाई से इंदौर शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसें भी चलाई जाएंगी.
राज्य स्तर पर सात संभागीय मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले 620 मार्गों की पहचान की गई है, जहां 2,432 बसों का संचालन होगा. वहीं पूरी योजना के तहत सातों संभागों में कुल 1,164 मार्गों पर 5,206 बसें चलाने की तैयारी है.
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सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं की आवाजाही को आसान बनाएगी, प्रदेश में संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेगी और संगठित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देगी. सुरक्षित यात्रा विकल्प उपलब्ध कराकर सरकार रक्षाबंधन के अवसर को बहनों के लिए और अधिक यादगार बनाना चाहती है.
श्रीमान, क्या आपके न्यूज़ चैनल में रिपोर्टर बनने के लिए पत्रकारिता की डिग्री अनिवार्य नहीं है? वर्तमान में चल रहे इंटरव्यू में कई ऐसे अभ्यर्थी दिखाई दे रहे हैं जिनके पास न तो पत्रकारिता की डिग्री है और न ही हिंदी भाषा का पर्याप्त ज्ञान। कृपया इस विषय पर स्पष्ट जानकारी देने की कृपा करें। आशा है कि आप मेरी बात का आशय समझेंगे। धन्यवाद।