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सनातन को खत्म करने चले थे स्टालिन… अब घर में ही मिला जवाब, मां ने इस प्रसिद्ध मंदिर में करवाया अनुष्ठान

उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म के उन्मूलन के आह्वान वाले बयान को लेकर चल रहे विवाद के बीच, उनकी मां दुर्गा स्टालिन मां निमिशंबा मंदिर पहुंची.

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02 Jun 2026
( Updated: 02 Jun 2026
05:48 PM )
सनातन को खत्म करने चले थे स्टालिन… अब घर में ही मिला जवाब, मां ने इस प्रसिद्ध मंदिर में करवाया अनुष्ठान
Source- IANS
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तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन सनातम के खिलाफ अक्सर जहर उगलते हैं. कभी राम मंदिर पर विवादित टिप्पणी तो कभी सनातम को खत्म करने की मांग करते हैं, लेकिन उनके इस सनातन विरोधी रुख को न केवल जनता बल्कि खुद उनके परिवार ने ही खारिज कर दिया. 

उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म के उन्मूलन के आह्वान वाले बयान को लेकर चल रहे विवाद के बीच, उनकी मां दुर्गा स्टालिन मां निमिशंबा मंदिर पहुंची. यह मंदिर मैसूर के पास स्थित है. खास बात ये है कि दुर्गा स्टालिन ने यहां बेटे उदयनिधि के लिए विशेष पूजा-अर्चना भी करवाई. 

लोगों ने निशाने पर लिया 

सोशल मीडिया पर दुर्गा स्टालिन की मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए. जिन्हें देख कई यूजर्स ने उदयनिधि स्टालिन की पहले की टिप्पणियों और परिवार के मंदिर दौरे के बीच के स्पष्ट विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाया. 

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वहीं, कुछ लोगों ने उदयनिधि स्टालिन को ‘मूर्ख बालक’ बताया. एक यूजर ने लिखा, बेटे की गलती के लिे मां ही माफी मांगती है. एक शख्स ने लिखा, ‘सनातन धर्म को कोई चाहकर भी अपने घर से नहीं निकाल सकता, देश से मिटाना तो बहुत दूर की बात है. राजनीति अपनी जगह है, लेकिन महादेव की महिमा के आगे हर किसी को झुकना ही पड़ता है. सत्य सनातन धर्म की हमेशा विजय होती है.’

इस दौरे ने राजनीतिक गलियारों में सबका ध्यान खींचा है, क्योंकि सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों ने देश भर में एक बहस छेड़ दी थी और कई हिंदू संगठनों और राजनीतिक दलों की आलोचना का सामना करना पड़ा था. 

दुर्गा स्टालिन सोमवार को अपने परिवार के सदस्यों के साथ मांड्या जिले की श्रीरंगपट्टनम तालुका में स्थित गंजम के निमिशंबा मंदिर पहुंचीं. उनके साथ जेडी(एस) विधायक जीटी देवेगौड़ा, उनकी बेटी और दामाद भी थे. 

मुहूर्त और विशेष पूजा की चर्चा 

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सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा शुभ पूर्णिमा के दिन हुई. दुर्गा स्टालिन ने देवी की पारंपरिक 'उडी सेवा' की और देवी को रेशमी साड़ी, चूड़ियां, फूल, फल और नारियल चढ़ाए. 

उन्होंने एमके स्टालिन, उदयनिधि और अपने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर विशेष पूजा-अर्चना भी करवाई. मंदिर के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने देवी के सामने प्रार्थना करते हुए लगभग 30 मिनट बिताए. ये अनुष्ठान मंदिर के मुख्य पुजारी, सूर्य नारायण भट्ट द्वारा संपन्न कराए गए. 

धार्मिक समारोहों में कुमकुमार्चन, दुर्गा सप्तशती का पाठ और महा मंगला आरती शामिल थे, जिसके बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया गया. 

यह भी पढ़ें- साउथ में शाह के ‘सिंघम’ ने छोड़ी पार्टी, अन्नामलाई का BJP से इस्तीफा, नितिन नबीन से मुलाकात कर बताई मन की बात

मुख्य मंदिर में पूजा-पाठ की रस्में पूरी करने के बाद दुर्गा स्टालिन ने मंदिर परिसर के भीतर स्थित मौक्तिकेश्वर, लक्ष्मीनारायण स्वामी, सूर्य नारायण स्वामी, गणपति और अंजनेय स्वामी को समर्पित मंदिरों में भी प्रार्थना की. मंदिर के कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने परिसर के भीतर काफी समय बिताया और पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया. उनके इस दौरे ने मंदिर में मौजूद भक्तों और दर्शनार्थियों का ध्यान अपनी ओर खींचा. ।

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हिंदू और सनातन विरोधी बयान देते रहे हैं उदयनिधि स्टालिन 

गौरतलब है कि उदयनिधि स्टालिन ने एक विवादित बयान देते हुए सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी. उनका तर्क था कि यह धर्म भेदभाव और सामाजिक असमानता को बढ़ावा देता है. उनके इस रुख के कारण पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया हुई और उन्हें कानूनी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा. 

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तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर अपने पहले भाषण में उन्होंने एक बार फिर सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, जो लोगों को बांटता है, उसे निश्चित रूप से खत्म किया जाना चाहिए. उन्होंने साफ किया कि उनका यह रुख जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ है, न कि धार्मिक मान्यताओं या मंदिर में पूजा-पाठ के खिलाफ, लेकिन वे भूल गए कि धार्मिक मान्यताएं, पूजा-पाठ, मंदिर अनुष्ठान सनातन का ही हिस्सा हैं. इसलिए सनातन को खत्म करने की मंशा रखने वाले उदयनिधि स्टालिन को अब उनकी मां ने ही आईना दिखा दिया. 

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टिप्पणियाँ 2
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Guest (अतिथि)
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Rajeev G
1 month ago

वामपंथी लोग सनातन का मज़ाक़ बनाते हैं लेकिन अपने स्वार्थ के लिए सनातन की पूजा का लाभ भी लेते हैं. ये बड़े दोगले होते हैं, इनके उपर भूल कर भी भरोसा न करें

A
Arvind Namdeo
1 month ago

जो अहिंसा का समर्थन करते हैं वह सारे पंथ सनातन हैं।

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