जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

महाराष्ट्र: भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत ढही, 8 लोगों की मौत, मलबे में कई के दबे होने की आशंका

गुरुवार देर रात महाराष्ट्र भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई. जिसमे करीब 8 लोगों की मौत की खबर आ रही है तो वही कई लोगों के मलबे में दबे होने की भी ख़राब है.

Author
31 Jul 2026
( Updated: 31 Jul 2026
10:49 AM )
महाराष्ट्र: भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत ढही, 8 लोगों की मौत, मलबे में कई के दबे होने की आशंका
Image Credit: IANS
Advertisement

एनडीआरएफ के अनुसार, महाराष्ट्र भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी दो से तीन लोग फंसे हो सकते हैं और घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है.  

इमारत गिरने से 8 लोगों की मौत

इमारत गुरुवार देर रात अचानक से गिर गई. खतरा भांपकर वहां काम कर रहे कई मजदूरों ने इमारत खाली कर दी थी. बताया जा रहा है कि उस समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे माना जा रहा है कि गिरने के समय अंदर लोगों की संख्या कम थी.

घटना में बचे दीपक कुमार यादव ने आईएएनएस को बताया, "पास की एक इमारत के खंभों पर मरम्मत का काम चल रहा था. रात के खाने के बाद हम सो गए थे, तभी अचानक हमें इमारत गिरने की जोरदार आवाज सुनाई दी. जब हम बाहर भागे, तो हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी. अपनी जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से कूद गया."

“मेरे पति रंजीत सिंह हादसे के बाद से लापता हैं”

Advertisement

हादसे के बाद अपने पति की तलाश कर रही स्थानीय निवासी नेहा सिंह ने कहा, "वे यह कहकर नीचे गए थे कि उन्हें कुछ चेक करना है. उनके नीचे जाने के ठीक 10 मिनट बाद ही इमारत गिर गई. यह घटना रात करीब 11:30 बजे हुई. वहां कुछ काम चल रहा था. मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं ऊपर ही रुकी हुई थी. मेरे पति रंजीत सिंह हादसे के बाद से लापता हैं. उनका फोन बज रहा है, लेकिन वह जवाब नहीं दे रहे हैं."

एक अन्य पीड़िता संगीता प्रजापति ने कहा, "मैं पार्किंग एरिया में खड़ी थी, तभी मुझे इमारत के चटकने की आवाज सुनाई दी. मैंने भागने की कोशिश की, लेकिन भागते समय ही इमारत गिर गई. इस घटना में मुझे चोटें आईं."

यह भी पढ़ें

अभय कुमार यादव ने बताया, "हम रात के खाने के बाद अपने कमरे में थे, तभी हमें जोर की आवाज सुनाई दी. हमने तुरंत बाहर भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर निकलने का कोई साफ रास्ता नहीं था, इसलिए मैं पहली मंजिल से कूद गया. इससे मेरे पैर में फ्रैक्चर हो गया. बाद में कुछ स्थानीय लोग सीढ़ी लेकर आए और बाकी लोग सुरक्षित नीचे उतर पाए. उस समय इमारत के अंदर लगभग 25 से 30 लोग थे. इमारत में करीब 45 कमरे हैं."

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें