पति के तीन टुकड़े किए, फिर प्रेमी के ऑटो रिक्शा में रखकर जंगल में फेंका, 11 महीने बाद हुआ हत्या का खुलासा
महाराष्ट्र के नवी मुंबई में करीब 11 महीने पहले हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। यहाँ पत्नी सुनीता ने अपने पति बलीराम के तीन टुकड़े करके उन्हें अलग-अलग बोरियों और चादर में लपेटकर प्रेमी राहुल के ऑटो रिक्शा से गवली देव पहाड़ी के जंगल में ले जाकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया.
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महाराष्ट्र के नवी मुंबई जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. नवी मुंबई की रबाले एमआईडीसी पुलिस ने ऐरोली के यादव नगर में करीब 11 महीने पहले हुई एक सनसनीखेज हत्या का खुलासा करते हुए मृतक बलीराम सूर्यनाथ कुशवाह (50) की पत्नी सुनीता कुशवाह (40) और उसके प्रेमी राहुल दशरथ प्रजापति (30) को गिरफ्तार किया है.
प्रेमी के प्यार में पत्नी ने रची खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने अवैध संबंधों में बाधा बन रहे बलीराम की गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव के तीन टुकड़े किए, उन्हें अलग-अलग बोरियों और चादर में लपेटकर राहुल के ऑटो रिक्शा से गवली देव पहाड़ी के जंगल में ले जाकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया. अदालत ने दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
पुलिस के अनुसार, बलीराम अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ यादव नगर में रहते थे. इसी दौरान सुनीता के घणसोली निवासी रिक्शा चालक राहुल प्रजापति से प्रेम संबंध हो गए. जब बलीराम को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया. इसके बाद दोनों ने मिलकर बलीराम की हत्या की साजिश रची. योजना के तहत पहले बच्चों को दो दिन के लिए रिश्तेदार के घर भेज दिया और 9 अगस्त 2025 की रात घर में सो रहे बलीराम की गला दबाकर हत्या कर दी गई. हत्या के बाद शव के तीन टुकड़े कर उन्हें जंगल में ठिकाने लगा दिया गया.
आठ महीने बाद हुआ हत्या का खुलासा
घटना के बाद सुनीता ने यादव नगर का मकान किराए पर दे दिया और दोनों बच्चों के साथ राहुल के घर घणसोली में रहने लगी. करीब आठ महीने तक उसने परिवार को यह कहकर गुमराह किया कि बलीराम घर छोड़कर चले गए हैं. अप्रैल 2026 में रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई. इस दौरान दोनों आरोपियों ने मोबाइल और सिम कार्ड बदल दिए, लेकिन कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआआर), तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आए विरोधाभासी बयानों के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया. अलग-अलग पूछताछ में दोनों टूट गए और हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली.
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आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गवली देव पहाड़ी क्षेत्र में मृतक के अवशेषों की तलाश शुरू कर दी है. हालांकि घटना को 11 महीने बीत जाने के कारण अवशेष बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. मामले की आगे की जांच रबाले एमआईडीसी पुलिस कर रही है.