दिल्ली पुलिस का खुलासा: ISI और अंडरवर्ल्ड से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा,पांच शहर थे निशाने पर
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है. आठ आरोपी गिरफ्तार, हथियार और हैंड ग्रेनेड बरामद.
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों ने दावा किया है कि आईएसआई और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर पांच भारतीय शहर थे. अधिकारियों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के समन्वय से चलाए गए एक अभियान में स्पेशल सेल ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और हथियार, विस्फोटक और हथगोले बरामद किए हैं.
ISI और अंडरवर्ल्ड से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा
जांचकर्ताओं के अनुसार, इस नेटवर्क को कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित चार हैंडलर चला रहे थे, जिनकी पहचान मुन्ना जिगाड़ा, यावर खान, शहजाद भट्टी और आमिर जट्ट के रूप में हुई है. यह मॉड्यूल कथित तौर पर दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सुरक्षाकर्मियों पर हमले की योजना बना रहा था.
आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर थे पांच शहर
स्पेशल सेल के अधिकारियों ने बताया कि विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसके परिणामस्वरूप पुणे से कथित शार्पशूटर विजय डॉन उर्फ विजय शूटर को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर, एक अन्य आरोपी को झारखंड के साहिबगंज से पकड़ा गया.
जांचकर्ताओं ने बताया कि दोनों आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर शहजाद भट्टी के सीधे संपर्क में थे. आगे की जांच में मुंबई से तौकीर और अरबाज खान को गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान मुन्ना और यावर खान सहित नेटवर्क से जुड़े अन्य नामों का भी खुलासा हुआ.
आरोपियों ने किया बड़ा खुलासा
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने खुलासा किया कि एक बड़े आतंकी हमले की तैयारियां उन्नत स्तर पर थीं. उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मी और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान लक्षित ठिकानों में शामिल थे.
पुलिस ने आरोपियों से दिल्ली और मुंबई के कई रणनीतिक स्थानों के जासूसी वीडियो भी बरामद किए हैं. फुटेज में कथित तौर पर मुंबई का दादर रेलवे स्टेशन, प्रमुख पुल और पार्क जैसी जगहें शामिल हैं. दिल्ली में वे रक्षा या सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले की तैयारी कर रहे थे. सुरक्षा एजेंसियां बरामद सामग्री की जांच कर रही हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है.
मुन्ना जिगाड़ा है इस नेटवर्क का प्रमुख सदस्य
जांचकर्ताओं ने मुन्ना जिगाड़ा को इस नेटवर्क का प्रमुख सदस्य बताया है. सूत्रों के अनुसार, जिगाड़ा विदेश में जेल की सजा काटने के बाद कथित तौर पर पाकिस्तान लौट आया था और कराची से अपना काम संचालित कर रहा था.
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने चार हथगोले बरामद किए, जिन्हें बाद में एनएसजी ने सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि बरामदगी में पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री द्वारा निर्मित 25 जिंदा कारतूस और दो ग्लॉक पिस्तौल भी शामिल हैं.
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जांचकर्ताओं को संदेह है कि ये हथियार सीमा पार नेटवर्क का उपयोग करके ड्रोन के जरिए भारत में गिराए गए थे. अतिरिक्त ऑपरेटरों की पहचान करने, फंडिंग चैनलों का पता लगाने और कथित साजिश की पूरी जानकारी जुटाने के लिए आगे की जांच जारी है.