दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में 6 मौतें, 12 लोग बचाए गए... पुरानी इमारत और बेसमेंट की खुदाई ने खड़े किए बड़े सवाल
दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने से अब तक छह लोगों की मौत हो गई है. रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 12 लोगों को बचाया गया. मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है और बचाव अभियान जारी है.
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देश की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को बहुमंजिला इमारत गिरने से अब तक छह लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि रातभर चले अभियान के दौरान एक और व्यक्ति के शव को मलबे से निकाला गया. फिलहाल, 11 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका है.
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद रातभर राहत और बचाव अभियान जारी रहा. सोमवार सुबह भी दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें अभियान में जुटी हैं। मलबे उठाने का काम भी जारी है.bअधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी भी कई लोगों, जिनमें अधिकतर छात्र हैं, के फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं.
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बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
बता दें कि यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे हुआ. उस समय तहखाने में मरम्मत का काम चल रहा था. अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई कि भारी बारिश भी इस घटना का कारण हो सकती है. लगभग 40-50 साल पुरानी इस इमारत में एक तहखाना और पांच ऊपरी मंजिलें थीं. इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी के तौर पर किया जा रहा था, जिनमें से कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस में पढ़ाई कर रहे थे. पुलिस ने बताया कि परिसर में लगभग 40 लोगों के ठहरने के कमरे थे.
CM रेखा गुप्ता ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
वहीं, रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बहुमंजिला इमारत के ढहने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए. घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इमारत गिरने के कारणों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया और इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया. सीएम रेखा गुप्ता कहती हैं ने कहा कि 'यह बहुत दुखद घटना है. जब से हमें इमारत गिरने की खबर मिली है, तभी से कार्रवाई चल रही है. सभी एजेंसियां काम कर रही हैं. इस समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता उन बच्चों की जान बचाना है जो शायद अभी भी अंदर फंसे हों. ग्यारह लोगों को बचाया गया है. मैं अस्पताल जा रही हूं. हमें बचाए गए सभी लोगों की हालत के बारे में जानना होगा. मैं कह सकती हूं कि इसके लिए जो भी जिम्मेदार होगा, चाहे वह इमारत का मालिक हो या कोई अधिकारी, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा, क्योंकि इमारत पुरानी थी और कुछ निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था. बेसमेंट में खुदाई का काम हो रहा था, जिसकी वजह से पिलर खिसक गया और पूरी इमारत गिर गई.'
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जानकरी देते चलें कि मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा, 'इस गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा और कानून के कड़े प्रावधानों के तहत उनसे निपटा जाएगा.' पुलिस के अनुसार, कथित मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने मामले के दर्ज होने की पुष्टि की.
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बताते चलें कि राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुई घटना ने फिर एक बार प्रशासनिक सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. दुखद बात तो ये ही है हर बार ये सवाल जस के तस क्यों बने रहते हैं. फिर वही लापरवाही और प्रशासन की नाकामी सामने आती है, कार्रवाई के नाम पर क्या होता है? कुछ लोगों पर FIR, जेल और फिर जमानत, लेकिन सिस्टम की खामी में सुधार के लिए कोई कार्रवाई नहीं होती. सवाल हॉस्टल संचालकों पर भी उठता है जो सुविधाओं के नाम पर छात्रों को कुछ नहीं देते लेकिन मोटा किराया जरूर वसूलते हैं. अभी जांच होगी, कमेटी बनेगी, कई अधिकारी इधर से उधर होंगे, हो सकता है कई इमारतों पर एक्शन के नाम पर बुलडोजर भी चल जाए, लेकिन फिर वही ढपली वही राग.