बंगाल चुनाव का एग्जिट पोल देख हिला बांग्लादेश, रोने लगा सांसद, बोला- BJP जीती तो.....,Video Viral
Bangladesh MP Viral Video: अख्तर हुसैन का डर यही है कि अगर ऐसा हुआ, तो बांग्लादेश पर अचानक बहुत बड़ा बोझ आ जाएगा, जिसे संभालना आसान नहीं होगा. उन्होंने इसे संभावित शरणार्थी संकट के रूप में देखा और अपने देश को पहले से सतर्क रहने की सलाह दी..
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Bangladesh MP Viral Video: बांग्लादेश के सांसद अख्तर हुसैन ने अपने देश की संसद में एक ऐसी बात कही, जिसने दोनों देशों के बीच चल रही सवेंदनशील बहस को और तेज कर दिया. उनका कहना है कि अगर पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार बनती है , तो वह अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्यवाई कर सकती है.. इस कार्यवाई का मतलब यह हो सकता है कि बड़ी संख्या में लोगों को भारत से वापस बांग्लादेश भेज दिया जाए.. अख्तर हुसैन का डर यही है कि अगर ऐसा हुआ, तो बांग्लादेश पर अचानक बहुत बड़ा बोझ आ जाएगा, जिसे संभालना आसान नहीं होगा. उन्होंने इसे संभावित शरणार्थी संकट के रूप में देखा और अपने देश को पहले से सतर्क रहने की सलाह दी..
बांग्लादेश की चिंता - क्यों बढ़ रहा है डर
अख्तर हुसैन की बातों में एक डर साफ झलकता नजर आ रहा है ,उन्होंने कहा कि बांग्लादेश पहले ही सीमित संसाधनों के साथ कई चुनौतियों से जूझ रहा है, चाहे वह रोजगार का मुद्दा हो, आर्थिक दबाव हो या आबादी का बढ़ता बोझ.. ऐसे में अगर लाखों लोग अचानक वापस आते हैं, तो हालात बिगड़ सकते हैं.. “प्रवासियों का सैलाब” शब्द का इस्तेमाल उन्होंने इसलिए किया, क्योंकि यह सिर्फ कुछ हजार लोगों की बात नहीं, बल्कि संभावित रूप से बहुत बड़ी संख्या की बात है..उनका मानना है कि इस स्थिति में न सिर्फ सरकार पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि आम लोगों की जिंदगी भी प्रभावित होगी- रोजगार कम होंगे, सुविधाएं सीमित पड़ जाएंगी और सामाजिक तनाव भी बढ़ सकता है..
निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) को निशाने पर लिया
इस बयान के बाद भारत में भी राजनीति तेज हो गई.. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) को निशाने पर लिया.. उन्होंने कहा कि अब धीरे-धीरे सच्चाई सामने आ रही है और अवैध घुसपैठ का मुद्दा वास्तविक है. उनके मुताबिक, अगर भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो वह इस समस्या को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगी. उन्होंने यह भी इशारा किया कि कुछ राजनीतिक ताकतें इस मुद्दे पर चुप रही हैं या उसे नजरअंदाज करती रही हैं. इस तरह, यह मुद्दा सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत की आंतरिक राजनीति का भी बड़ा हिस्सा बन गया है..
एग्जिट पोल का असर
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इस पूरे विवाद के पीछे एक बड़ी वजह एग्जिट पोल भी हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल में संभावित राजनीतिक बदलाव के संकेत दिए हैं. कुछ सर्वेक्षणों में भाजपा को मजबूत स्थिति में दिखाया गया है, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी TMC को अपेक्षाकृत पीछे बताया गया है. इन अनुमानों ने ही इस तरह की चर्चाओं को और हवा दी है, क्योंकि अगर सत्ता बदलती है, तो नीतियों में भी बदलाव आ सकता है. हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि एग्जिट पोल हमेशा सही नहीं होते, असली तस्वीर चुनाव परिणाम आने के बाद ही साफ होती है...
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