‘अगला अमेठी ना बन जाए...’, केरल में CM नाम पर घमासान के बीच वायनाड में पोस्टर के जरिए राहुल-प्रियंका को दी गई वॉर्निंग
केरल चुनाव में जीत के बावजूद कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री चेहरा तय नहीं कर पाई है. तीन बड़े दावेदारों के बीच खींचतान जारी है. इस बीच वायनाड में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ पोस्टर लगने से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है.
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देश की राजनीति में लंबे समय से मुश्किल दौर से गुजर रही कांग्रेस को हाल ही में केरल से बड़ी राहत मिली. विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सत्ता में वापसी की. लेकिन जीत के बाद अब पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है. चुनाव परिणाम आने के नौ दिन बाद भी कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. इस देरी के चलते वायनाड में सांसद प्रियंका गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ पोस्टर लगे हैं.
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन बड़े नाम सबसे आगे चल रहे हैं. इनमें एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशान और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला शामिल हैं. पार्टी आलाकमान लगातार बैठकों और चर्चाओं के जरिए किसी एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है.
राहुल और प्रियंका के खिलाफ लगे पोस्टर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच वायनाड में लगे कुछ पोस्टरों ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को खुलकर सामने ला दिया है. इन पोस्टरों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सीधे निशाने पर लिया गया है. पोस्टरों में चेतावनी दी गई है कि अगर के सी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया गया तो केरल की जनता आलाकमान को माफ नहीं करेगी. कुछ पोस्टरों में तो यहां तक लिखा गया कि वायनाड 'अगला अमेठी' बन सकता है. पोस्टरों में वेणुगोपाल को राहुल गांधी का करीबी बताते हुए विरोध प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी गई है. इन पोस्टरों ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर गंभीर मतभेद मौजूद हैं.
#WATCH वायनाड, केरल | कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की जीत के बाद केरल के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस जारी है, इसी बीच वायनाड ज़िला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के पास कांग्रेस सांसदों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा, और पार्टी आलाकमान को निशाना बनाने वाले पोस्टर दिखाई दिए। pic.twitter.com/ka0ww09BUy
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 13, 2026Advertisement
दिल्ली में बैठकों का दौर तेज
मुख्यमंत्री चयन को लेकर जारी मंथन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों के साथ अहम बैठक की. इस बैठक में राज्य के राजनीतिक हालात, जनता की अपेक्षाओं और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर विस्तार से चर्चा हुई. दिल्ली बुलाए गए वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री पद को लेकर अपनी-अपनी राय राहुल गांधी के सामने रखी. बताया जा रहा है कि आलाकमान अब ऐसा चेहरा सामने लाना चाहता है जो संगठन और सरकार दोनों को संतुलित तरीके से चला सके. कांग्रेस नेतृत्व को यह भी चिंता है कि फैसला लेने में ज्यादा देरी पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा सकती है.
पार्टी कभी भी कर सकती है CM के नाम का ऐलान
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष के. मुरलीधरन ने संकेत दिए कि बुधवार तक मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है. वहीं वरिष्ठ नेता वी. एम. सुधीरन ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के साथ केरल की जनता के मूड और राजनीतिक हालात पर चर्चा की है. पार्टी उम्मीद कर रही है कि ऐसा फैसला लिया जाए जो जनता की भावना के अनुरूप हो और संगठन को मजबूत बनाए.
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गौरतलब है कि पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी. कांग्रेस के खुद के 63 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी दलों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया. इतनी बड़ी जीत के बावजूद मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला न हो पाना पार्टी के लिए असहज स्थिति बनाता दिख रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सरकार गठन से ज्यादा संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने की है. अगर फैसला जल्द नहीं हुआ तो जीत की खुशी पर अंदरूनी विवाद भारी पड़ सकता है.
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