सुवेंदु अधिकारी ने क्यों नहीं की आजतक शादी? कौन हैं वो तीन लोग, जिनकी वजह से बंगाल के CM ने ली इतनी बड़ी ‘प्रतिज्ञा’
सुभेंदु अधिकारी अधिकारी ने सीएम पद की पथ ले ली है. कोलकाता का परेड बिग्रेड मैदान आज उनके शपथ ग्रहण का साक्षी बना. 2020 में ममता की टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी अब बंगाल के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं. लेकिन सक्सेसफुल होने के बाद भी आख़िर शुभेंदु ने आज तक शादी क्यों नहीं की.
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बंगाल में अब भगवा की सरकार चलने वाली है, बीजेपी पहली बार बंगाल में अपनी सरकार चलाएगी. इस बार दीदी की नही दादा का सत्ता चलाएंगे. बीजेपी ने 55 साल के सुवेंदु अधिकारी को बंगाल का नया सीएम घोषित किया है. ख़ास बात ये है कि उनको बंगाल में बीजेपी का पहला सीएम होने का सौभाग्य मिला है.
सुवेंदु अधिकारी ने ली सीएम पद की शपथ
सुवेंदु अधिकारी अधिकारी ने सीएम पद की पथ ले ली है. कोलकाता का परेड बिग्रेड मैदान आज उनके शपथ ग्रहण का साक्षी बना. 2020 में ममता की टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारी अब बंगाल के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं.
सुवेंदु ने क्यों लिया शादी नहीं करने का फैसला?
सुवेंदु अधिकारी बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर की रसूखदार परिवार से ताल्लुक़ रखते हैं. पिता कांग्रेस से सांसद रहे, भाई TMC से सांसद रहे, ख़ुद TMC में मंत्री रहे, इतना बड़ा परिवार और अब ख़ुद भी बंगाल के सीएम बन गए हैं. अब हर किसी के ज़हन में यही सवाल उठ रहा है कि इतने सक्सेसफुल होने के बाद भी आख़िर सुवेंदु ने आज शादी क्यों नहीं की.जब कुछ महीनों पहले ही उनके भाई सौमेंदु ने भी शादी की थी, लेकिन उन्होंने ख़ुद कभी शादी नहीं. साल 2021 के चुनाव के दौरान एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने इस खुलासा भी किया था आख़िर आजतक उन्होंने शादी क्यों नहीं की.
किसके नक्शे कदम पर चलते हुए शादी ना करने का लिया प्रण
बंगाल के नए सीएम ने कहा है कि वो 1987 से छात्र राजनीति से जुड़े रहे. धीरे-धीरे उन्होंने ख़ुद को राजनीति को ही पूरी तरह से समर्पित कर दिया. शादी न करने के सवाल पर उन्होंने अपने इलाके के तीन स्वतंत्रता सैनानियों का जिक्र किया. सतीश सामंतो, सुशील धारा, और अजय मुखर्जी. सुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि ये तीनों बहुत ही बढ़िया ही स्वंतत्रता सैनानी थे और तीनों ने ही शादी नहीं की थी. उन्होंने आगे बताया है कि इन तीनों के नक्शे क़दम पर चलते हुए शादी ना करने का फैसला लिया और ख़ुद को जनता को समर्पित कर दिया. वो अपना पूरा समय जनता को देना चाहते हैं.
‘शादी नहीं हुई तो काम करने के लिए समय ज्यादा है’
सुवेंदु ने अनमैरिड होने पर कहा है कि ये बहुत ही अच्छा साइन है, शादी नहीं हुई तो काम करने के लिए समय ज्यादा है. पीछे कोई जिम्मेदारी भी नहीं. माता-पिता हैं, वो स्वस्थ रहें. ख़ुश रहें. ये उनकी जिम्मेदारी है. वो पावर का ग़लत इस्तेमाल भी नहीं करते हैं.
किसके नक्शे कदम पर चल रहे हैं सुवेंदु
सुवेंदु अधिकारी से हल्दिया की एक रैली में जब पूछा गया की उन्होंने शादी क्यों नहीं की. तो उन्होंने कहा है कि उनके आदर्श सतीश सामंतों, सुशील धारा कहते थे कि समाज के लिए सब न्योछावर करना पड़ता है. वो भी उनके ही नक्शे कदम पर चल रहे हैं.
पिता ने शादी ना करने पर सुवेंदु को लगाई थी डांट
सुवेंदु के पिता ने शिशिर अधिकारी ने एक बेटे की शादी को लेकर इंटरव्यू में बताया था कि बेटे के शादी नहीं करने से फैसले से वो नाराज़ थे.उन्होंने गुस्से में उनको डाँट भी लगाई थी, हालांकि बाद में बुरा भी लगा था. उनको लगा रहा था कि अगर परिवार ही नहीं होगा. उन्हें लग रहा था कि अगर परिवार ही नहीं होगा तो इस दौलत, पैसा और इज़्ज़त का क्या होगा.
ममता बनर्जी को सुवेंदु ने कितने वोटों से दी मात?
बता दें कि नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी ने TMC के पवित्र कर को 9,665 वोटों से हराया है. इस चुनाव में चौंकाने वाला मोड़ तब सामने आया,जब सीएम और TMC की प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से सुवेंदु अधिकारी से 15,105 वोटों से हार गईं. जहां अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि बनर्जी को 58,812 वोट मिले थे. वहीं माकपा के श्रीजीव बिस्वास काफी पीछे रहे.
किस पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं?
EC के आकड़ों की मानें तो 294 सीटों में से बीजेपी ने 206 सीटें जीती हैं. वहीं TMC ने 81 सीटें जीती. और एक सीट पर गिनती जारी है. कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं, जबकि हुमायूं कबीर की एजेूपी को भी 2 सीटे मिली हैं. वहीं माकपा केवल एक ही सीट जीत पाई.
बंगाल में कितने चरणों में हुए चुनाव
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बंगाल में दो चरणों में चुनाव हुए थे. पहले चरण के मतदान 23 अप्रैल को हुए थे, जबकि दूसरे चरण के मतदान 29 अप्रैल को हुए थे. वहीं 4 मई को नतीजे घोषित हुए थे. जिसमें बीजेपी ने बंपर जीत हासिल कर ममता की TMC को मात दे दी.
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