बंगाल पहुंचे अमित शाह ने सुवेंदु अधिकारी नहीं, बल्कि इस नेता के लिए बजवाई ताली, कहानी सुनकर आप भी हो जाएंगे भावुक
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार बनने पर अमित शाह ने इसे 100 साल की वैचारिक लड़ाई और लंबे संघर्ष का नतीजा बताया. शाह ने शुभेंदु अधिकारी की तारीफ की और औसग्राम से जीतने वाली कलिता मांझी का जिक्र करते हुए कहा कि बर्तन मांजने वाली महिला का विधानसभा पहुंचना लोकतंत्र की बड़ी ताकत है.
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पश्चिम बंगाल में पहली सरकार की सरकार बन चुकी है. कोलकाता के परेड ग्राउंड में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, योगी आदित्यानाथ समेत तमाम बीजेपी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी के बीच सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. इससे पहले शुक्रवार को अमित शाह ने बतौर पर्यवेक्षक विधायक दल की बैठक के बाद सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया था. इस दौरान उन्होंने बीजेपी के लंबे संघर्ष, कार्यकर्ताओं की कुर्बानी और वैचारिक यात्रा को याद किया. इस दौरान शाह ने एक नेता के लिए विशेष तौर पर ताली बजवाई.
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि 2015 में जहां बीजेपी का बंगाल में मुश्किल से खाता खुला था, वहीं 2026 आते-आते पार्टी 207 सीटों तक पहुंच गई. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि यह जीत आसान नहीं थी और इसके पीछे वर्षों की मेहनत और सैकड़ों कार्यकर्ताओं का बलिदान शामिल है. अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के 321 कार्यकर्ताओं ने जान गंवाई, तब जाकर पार्टी इस मुकाम तक पहुंच सकी. उन्होंने इस जीत को सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं बल्कि विचारधारा की जीत बताया. शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के समय शुरू हुई वैचारिक यात्रा अब जाकर बंगाल में सत्ता तक पहुंची है.
सुवेंदु अधिकारी की तारीफ में क्या बोले अमित शाह?
अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने मुख्यमंत्री बनने जा रहे सुवेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि सुवेंदु ने बंगाल में बीजेपी को मजबूत करने के लिए लगातार संघर्ष किया और जनता के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत बनाई. शाह ने यह भी कहा कि बंगाल की जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है और अब राज्य में नई राजनीतिक शुरुआत होने जा रही है. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार बनने के बाद राज्य में घुसपैठ और गौतस्करी पर पूरी तरह रोक लगेगी. शाह ने कहा कि अब ‘गंगोत्री से गंगासागर’ तक बीजेपी की सरकार है और यह पार्टी के लिए ऐतिहासिक पल है.
कलिता मांझी के लिए ताली बजाओ: अमित शाह
अमित शाह के भाषण का सबसे भावुक पल तब आया जब उन्होंने औसग्राम सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचीं कलिता मांझी का जिक्र किया. शाह ने मंच से कहा, ‘कलिता मांझी के लिए ताली बजाओ.’ इसके बाद पूरा सभास्थल तालियों से गूंज उठा. शाह ने कहा कि कलिता मांझी उन लाखों गरीब महिलाओं की उम्मीद बनकर उभरी हैं जो कठिन हालात में जिंदगी बिताती हैं. उन्होंने कहा कि कभी दूसरों के घरों में बर्तन मांजने वाली महिला आज विधानसभा पहुंच गई है. यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है.
बर्तन मांजने से विधानसभा तक का सफर
जानकारी देते चलें कि कलिता मांझी की कहानी इस चुनाव की सबसे चर्चित कहानियों में शामिल हो गई है. बेहद गरीब परिवार से आने वाली कलिता 2014 में बीजेपी की बूथ एजेंट थीं. धीरे-धीरे मेहनत और समर्पण के दम पर उन्होंने पार्टी में अपनी पहचान बनाई. 2021 में उन्हें पहली बार टिकट मिला था लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार जनता के बीच काम करती रहीं. इस बार उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 वोटों से हराकर जीत दर्ज की. खास बात यह रही कि पार्टी की जिला महासचिव होने के बावजूद वह लंबे समय तक घरेलू सहायिका का काम करती रहीं. कलिता ने खुद बताया कि टिकट मिलने के एक हफ्ते बाद तक भी वह लोगों के घरों में बर्तन मांजने जाती थीं. बाद में चुनाव प्रचार की व्यस्तता के चलते उन्होंने काम छोड़ा.
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बहरहाल, पश्चिम बंगाल में बीजेपी की यह जीत सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि कई संघर्षों, राजनीतिक बदलावों और जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत की कहानी बन चुकी है. शुभेंदु अधिकारी से लेकर कलिता मांझी तक, इस चुनाव ने कई ऐसे चेहरे सामने ला दिए हैं जिन्होंने राजनीति की पारंपरिक तस्वीर बदल दी है.
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