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थलापति विजय के CM बनते ही PM मोदी ने किया एक बड़ा वादा, लेकिन कांग्रेस को लेकर दे डाली चेतावनी

Tamil Nadu Politics: प्रधानमंत्री मोदी ने विजय को राजनीतिक पारी की शुरुआत पर विकास में सहयोग का वादा करते हुए बधाई दी, साथ ही कांग्रेस को लेकर चेतावनी भी दी. जानिए उन्होंने क्या कहा.

थलापति विजय के CM बनते ही PM मोदी ने किया एक बड़ा वादा, लेकिन कांग्रेस को लेकर दे डाली चेतावनी
Image Source: IANS/R Parthibhan/PMO
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय को बधाई दी और जनता के फायदे के लिए प्रभावी सहयोग की उम्मीद जताई. शुभकामनाएं देते हुए पीएम मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, "तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर थिरु सी. जोसेफ विजय को बधाई. उनके आगे के कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं. केंद्र सरकार लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी”. 

थलापति विजय ने ली CM पद की शपथ

विजय ने रविवार को शपथ ली, जो राज्य में एक ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव का प्रतीक है. इसके साथ ही, डीएमके और एआईएडीएमके के बीच लगभग छह दशकों से चली आ रही बारी-बारी से सत्ता संभालने की परंपरा का भी अंत हो गया.

राज्यपाल ने दिलाई गोपनीयता की शपथ

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने यहां जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. उनके साथ-साथ नौ अन्य मंत्रियों ने भी नए मंत्रिपरिषद के हिस्से के तौर पर शपथ ली.

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राहुल गांधी समेत कई दिग्गज पहुंचे

इस कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, फिल्मी हस्तियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और हजारों समर्थकों सहित कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक नेताओं ने शिरकत की. इसके चलते अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े.

कांग्रेस को लेकर PM मोदी ने क्या कहा?

कर्नाटक के एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “तमिलनाडु की मौजूद स्थिति को देखा. वहां पर पिछले पच्चीस से तीस वर्षों तक कांग्रेस और डीएमके के बीच घनिष्ठ संबंध रहे. डीएमके के साथ गठबंधन ने कई बार कांग्रेस को संकटों से उबारा. वास्तव में, 2014 से पहले दस वर्षों तक कांग्रेस का जो शासन चला, वह काफी हद तक डीएमके के समर्थन के कारण ही कायम रहा. लेकिन जैसे ही राजनीतिक हवा ने रुख बदला, कांग्रेस पार्टी ने डीएमके को धोखा दे दिया. सत्ता की लालसा में चूर कांग्रेस ने पहले ही मौके पर डीएमके को छुरा घोंपा. अब कांग्रेस को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने के लिए एक और पार्टी की जरूरत है, जिसके सहारे वह आगे बढ़ सके”. 

बहुमत के साथ TVK की सरकार बनी

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चेन्नई शहर की पुलिस ने समारोह से पहले स्टेडियम के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात किया, वाहनों की सघन जांच की और प्रवेश पर कड़े नियंत्रण के उपाय लागू किए. विजय ने तब सत्ता संभाली, जब टीवाके के नेतृत्व वाले गठबंधन को 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन हासिल हो गया. इस तरह, गठबंधन ने सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 विधायकों के बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर लिया.

कांग्रेस, VCK, IUML सहित लेफ्ट पार्टियों का मिला साथ

हालांकि, हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी, लेकिन उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया था. इसके चलते पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक स्तर पर गहन बातचीत का दौर चल रहा था. यह अनिश्चितता आख़िरकार शनिवार शाम को तब समाप्त हुई, जब 'विदुथलाई चिरुथाइगल कजगम' (TVK) और 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' (IUML) ने विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी. इससे पहले, कांग्रेस, सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी टीवीके का समर्थन किया था, जिससे अभिनेता से राजनेता बने विजय सरकार बनाने का दावा पेश कर सके.

1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ सरकार

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विजय का शपथ ग्रहण तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ है, क्योंकि 1967 के बाद पहली बार राज्य में कोई गैर-द्रविड़ पार्टी सत्ता में आई है. राजनीतिक पर्यवेक्षक इस घटनाक्रम को राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं, जिस पर लंबे समय से डीएमके और एआईएडीएमके का वर्चस्व रहा है. 

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