जगन्नाथपुरी हिंदू धर्मों के चार धामों में से एक है, इस वजह से भी यहां बहने वाली भार्गवी नदी के तट पर लोग बड़ी संख्या में तर्पण करते हैं.
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धर्म ज्ञान25 Sep, 202607:00 AMपितृ पक्ष में क्यों पहुंचते हैं लोग जगन्नाथ पुरी? भार्गवी नदी के तट पर पिंडदान का महत्व
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धर्म ज्ञान24 Sep, 202608:13 PMब्रह्मा का एक मात्र मंदिर, पुष्कर सरोवर पितरों के मोक्ष का स्थान, जहां भगवान राम ने पिता दशरथ का किया था श्राद्ध
पुष्कर की धार्मिक महत्ता केवल ब्रह्मा मंदिर तक सीमित नहीं है. पुष्कर सरोवर के किनारे पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. मान्यता के अनुसार, यहां श्रद्धा के साथ किए गए श्राद्ध और तर्पण से पितरों को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
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धर्म ज्ञान23 Sep, 202601:14 PMपितृ पक्ष में कौवों को ही क्यों खिलाया जाता है श्राद्ध का भोजन? जानें धार्मिक मान्यता और पौराणिक कथा
कौवे को भोजन अर्पित करने की प्रक्रिया भी एक विशेष विधि के अनुसार की जाती है. उड़द की दाल, चावल और गुड़ का प्रसाद तैयार किया जाता है. इसे तर्पण स्थल पर रखा जाता है और कौवे को यह भोजन दिया जाता है.
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धर्म ज्ञान09 Sep, 202602:46 PMपितृपक्ष 2026 कब से शुरू होगा? जानिए पूरी श्राद्ध तिथियां और धार्मिक मान्यताएं
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पितृपक्ष की शुरुआत होती है. इस अवधि को श्राद्ध पक्ष भी कहते हैं. इस दौरान पितरों की आत्मशांति और तृप्ति के लिए घरों में श्राद्ध कर्म किए जाते हैं. इस दौरान पिंडदान का भी विशेष महत्व है.
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