नेपाल से नागपुर तक कैसे फरार रही श्रद्धा दुबे? अब मददगार भी पुलिस के रडार पर, कई को हिरासत में लेकर हो रही पूछताछ
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को 11 दिन बाद नागपुर से गिरफ्तार किया गया है. लखनऊ पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की. अब पुलिस फरारी के दौरान तीनों को पनाह देने और मदद करने वालों की तलाश में जुटी है.
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश की गिरफ्तारी के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है. करीब 11 दिन तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे तीनों आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया है. अब पुलिस उन लोगों की तलाश में जुटी है, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें फरारी के दौरान पनाह दी और भागने में मदद की. इस मामले में लखनऊ से लेकर नेपाल, आगरा और नागपुर तक कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
नागपुर में कैसे पकड़े गए तीनों आरोपी?
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने मंगलवार शाम नागपुर में कार्रवाई करते हुए श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को गिरफ्तार किया. शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर को हुई मौत के बाद से तीनों फरार थे. पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार के मुताबिक, तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ लाया जा रहा है. पुलिस अब उनसे पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों और फरारी के दौरान उनके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी.
नेपाल से आगरा और फिर नागपुर तक पहुंची तलाश
पुलिस की जांच में सामने आया है कि फरार होने के बाद तीनों सबसे पहले नेपाल गए थे. इसके बाद वे लखनऊ लौटे और फिर आगरा की ओर निकल गए. यहां से उनका अगला ठिकाना नागपुर बना. पुलिस ने लोकेशन और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर उनकी तलाश आगे बढ़ाई. इस पूरे घटनाक्रम ने जांचकर्ताओं के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर इतने दिनों तक तीनों किन लोगों के संपर्क में रहे? उन्हें अलग-अलग शहरों में ठहरने की व्यवस्था किसने कराई? पुलिस अब इन सवालों के जवाब तलाश रही है.
श्रद्धा के मददगारों पर भी शिकंजे की तैयारी
तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन लोगों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है, जिन पर उन्हें शरण देने या फरारी में सहायता करने का संदेह है. जानकारी के मुताबिक, कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है. संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की जा रही है, ताकि उनके संपर्कों और गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा सकें. हालांकि, किसी व्यक्ति को पनाह देने या मदद करने के संदेह मात्र से उसका अपराध साबित नहीं होता. पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी.
आगरा के होटल का वीडियो भी चर्चा में
इस मामले में एक और अहम पहलू सामने आया है. जानकारी के अनुसार, श्रद्धा रविवार को लखनऊ आई थी. वह यहां करीब चार से पांच घंटे रुकी और एक समाचार एजेंसी को साक्षात्कार दिया. बताया गया कि वह अपने किसी अधिवक्ता से भी मिली थी. इसके बाद वह आगरा एक्सप्रेसवे के रास्ते पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर चली गई. इसी बीच आगरा के ओम पैलेस होटल का एक वीडियो भी चर्चा में आया, जिसमें कथित तौर पर श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर दिखाई दिए. बताया जा रहा है कि तीनों वहां एक दिन रुके थे. इस घटनाक्रम के बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी. मामले में कार्रवाई के तहत डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया, जबकि हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया. एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी पद से हटा दिया गया.
क्या है पूरा मामला?
शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर को लखनऊ के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी. वह मॉडल श्रद्धा दुबे के फ्लैट में थे और उस समय उनके शरीर पर केवल अंडरवियर होने की बात सामने आई थी. शिवा की मां रंजना ने श्रद्धा, उसकी बहन समेत चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी और उसे प्रताड़ित भी किया जाता था.
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बताते चलें कि शिवा करीब एक साल से श्रद्धा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. फिलहाल, मौत की परिस्थितियों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है. तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने घटना की कड़ियां जोड़ने, अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच करने और सच्चाई सामने लाने की चुनौती है.