राज्य सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, इस दूर्गा पूजा में एक अभूतपूर्व नजारा देखने को मिलेगा. इन प्रस्तावित समारोहों का मकसद दुनियाभर के दर्शकों के सामने बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को पेश करना और त्योहारों के मौसम में राज्य में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करना है.दूर्गा पूजा में ड्रोन शो एक अलग प्रकार की अनुभूति प्रदान करेंगे.
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धर्म ज्ञान05 Sep, 202604:53 PMअंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुर्गा पूजा के लिए पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा प्लान, सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
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धर्म ज्ञान05 Sep, 202606:15 AM5 सितंबर का पंचांग: राहुकाल से दिशाशूल तक, जानें आज क्या करें और किस समय से रहें सावधान
5 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रात 9:53 बजे तक रहेगी, फिर दशमी शुरू होगी. शनिवार को शनि देव और हनुमान जी की पूजा कर सिंदूर व चोला अर्पित करना शुभ माना जाता है.
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धर्म ज्ञान04 Sep, 202606:00 AMजन्माष्टमी के दिन कब है शुभ मुहूर्त, कब रहेगा राहुकाल? जानें 4 सितंबर का पंचांग
आज शुक्रवार 4 सितंबर जन्माष्टमी के दिन अष्टमी तिथि रात 12:13 बजे तक रहेगी. निशीथ काल में रात 11:57 से 12:43 बजे तक श्रीकृष्ण की पूजा होगी। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:50 बजे तक रहेगा, जबकि राहुकाल सुबह 10:52 से दोपहर 12:25 बजे तक रहेगा.
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धर्म ज्ञान03 Sep, 202609:51 AMजन्माष्टमी की पूजा में इन बातों का रखें खास ध्यान, तुलसी से लेकर कपड़ों तक सबकुछ जरूरी; जानें व्रत के नियम
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी इस बार 4 सितंबर को मनाई जाएगी. इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर मध्यरात्रि में बाल-कृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं. पूजा और व्रत के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी माना जाता है.
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धर्म ज्ञान03 Sep, 202607:00 AM3 सितंबर 2026 पंचांग: कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि पर बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ-अशुभ समय
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करते हैं. पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना और भगवान विष्णु को पीले फूल या भोग अर्पित करना धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है.
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धर्म ज्ञान29 Aug, 202601:15 PMकब है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी? 4 सितंबर को बनेगा रोहिणी नक्षत्र का संयोग, जानें पूजा का शुभ समय
इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी. भगवान कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में माना जाता है, इसलिए 4 सितंबर की रात मुख्य पूजा होगी. हालांकि, कुछ संप्रदायों में 5 सितंबर को भी जन्माष्टमी मनाई जा सकती है. आइए अपनी इस रिपोर्ट में पूजा विधि से लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है.