इस दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है. देवी कूष्मांडा की पूजा करने से आयु, यश, बल और स्वास्थ्य बढ़ता है. मां कुष्मांडा की आठ भुजाएं हैं, जिसके कारण इन्हें 'अष्टभुजा देवी' भी कहते हैं. इनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल का पुष्प, अमृत से भरा कलश, चक्र, गदा और जप की माला है. मां की सवारी सिंह (बाघ) है.
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धर्म ज्ञान14 Oct, 202607:00 AM14 अक्टूबर का पंचांग: मां के चौथे स्वरूप कूष्मांडा की पूजा करने से बढ़ता है आयु, यश और बल, रात 8:38 बजे तक रहेगा आयुष्मान योग
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धर्म ज्ञान13 Oct, 202602:29 PMनवरात्र स्पेशल : रहषु भगत के दर्शन के बिना मां थावे वाली की पूजा मानी जाती है अधूरी, राजा मनन की जिद ने कर दिया था साम्राज्य का विनाश
बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित 'थावे भवानी मंदिर' को लेकर एक एक बेहद रहस्यमयी कहानी जुड़ी है. गोपालगंज शहर से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर कोई साधारण मंदिर नहीं बल्कि इसे एक 'जाग्रत शक्तिपीठ' माना जाता है.
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धर्म ज्ञान13 Oct, 202601:16 PMनवरात्र का तीसरा दिन : मां चंद्रघंटा की होगी पूजा-अर्चना; घंटानाद से दुष्ट शक्तियों का होता है नाश, क्या करने से भक्तों पर मां की कृपा बनी रहती है
मां के स्वरूप में चंद्रमा शांति और शीतलता का प्रतीक माना जाता है, जबकि घंटा नाद शक्ति, जागृति और नकारात्मक शक्तियों के विनाश का संदेश देता है. माता का यह स्वरूप भक्तों को यह प्रेरणा देता है कि जीवन में शांति और धैर्य बनाए रखते हुए अन्याय तथा बुराई के विरुद्ध साहस के साथ खड़ा होना चाहिए.
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धर्म ज्ञान13 Oct, 202606:00 AMAaj Ka Panchang: आज मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें अभिजीत मुहूर्त और दिशाशूल
मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.
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धर्म ज्ञान12 Oct, 202601:00 PMनहाने के बाद भी पूजा में बैठते ही क्यों छिड़का जाता है जल? जानें क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं
हिंदू धर्म में पूजा से पहले स्नान करने के बावजूद जल के छींटे क्यों दिए जाते हैं? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह परंपरा शरीर, पूजा सामग्री और पूजा स्थल के शुद्धिकरण से जुड़ी है. इस दौरान 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा' मंत्र का जाप किया जाता है.
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धर्म ज्ञान12 Oct, 202607:00 AM12 अक्टूबर का पंचांग: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करना फलदाई, सुबह 11:50 से दोपहर 12:36 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है. इस दिन मां ब्रह्मचारिणी (दुर्गा जी के दूसरे स्वरूप) की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. इसके साथ ही यह दिन सोमवार होने के कारण भगवान शिव और चंद्र दर्शन (आश्विन शुक्ल द्वितीया) के लिए भी शुभ है.
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धर्म ज्ञान11 Oct, 202606:00 AM11 अक्टूबर का पंचांग : शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, घटस्थापना के साथ की जाएगी मां शैलपुत्री की पूजा
11 अक्टूबर 2026 (आश्विन शुक्ल प्रतिपदा) को शारदीय नवरात्र का पहला दिन है, इस दिन माँ शैलपुत्री (मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप) की पूजा की जाएगी। इसके अलावा घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाएगी.
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धर्म ज्ञान09 Oct, 202603:19 PMनवरात्रि के पहले दिन कैसे करें घटस्थापना? जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और जरूरी सामग्री
इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी। इसी दिन कलश स्थापना की जाएगी. इसके लिए सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है. वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही मां दुर्गा की पूजा और नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी.
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धर्म ज्ञान09 Oct, 202601:25 PMNavratri 2026: दुर्गा सप्तशती पाठ के क्या हैं फायदे? जानें पूजा की सही विधि और जरूरी नियम
श्री दुर्गा सप्तशती पाठ की पुस्तक को हमेशा लाल कपड़े से ढकी चौकी पर रखें. पाठ के दिनों में मांसाहारी भोजन, शराब, लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए. पाठ के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य और शारीरिक व मानसिक पवित्रता का पालन करें. सप्तशती पाठ करते समय किसी के प्रति बुरे भाव न रखें.
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धर्म ज्ञान08 Oct, 202605:16 PMNavratri 2026: दुर्गा पूजा में कैसे सजता है बंगाल? जानिए क्यों लाल-पाड़ वाली सफेद साड़ी है खास
दुर्गा पूजा की तैयारियों में महालया का विशेष महत्व है. इस अवसर से जुड़ी परंपराओं में देवी दुर्गा की प्रतिमा की आंखें बनाने की रस्म को चक्षु दान कहा जाता है. दुर्गा प्रतिमाओं के निर्माण में मिट्टी के साथ बांस और कपड़े जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल भी पारंपरिक रूप से किया जाता है.
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धर्म ज्ञान08 Oct, 202604:53 PMशारदीय नवरात्रि 2026: किस दिन किस देवी की पूजा करें? जानें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का महत्व
भक्त इन नौ दिनों में व्रत रखते हैं, माता की आराधना करते हैं और घर-परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं. हर दिन मां के एक विशेष स्वरूप को समर्पित होता है और उस स्वरूप की अपनी अलग धार्मिक मान्यता है.
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धर्म ज्ञान07 Oct, 202604:32 PMकब से शुरू हो रहे हैं शारदीय नवरात्र? जानिए कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त, मां दुर्गा की पूजा करने से पूरी होगी मनोकामनाएं
इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 रविवार से हो रही है. इसी दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना यानी घट स्थापना की जाएगी. मान्यता है कि विधि-विधान से कलश स्थापना करने के बाद ही मां शक्ति के नौ स्वरूपों की पूजा का दौर शुरू होता है.
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धर्म ज्ञान07 Oct, 202601:05 PMकार्तिक स्वामी मंदिर का रहस्य, यहां मूर्ति नहीं शिला रूप में होती है भगवान कार्तिकेय की पूजा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में क्रोंच पर्वत के शिखर पर स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित एक प्रसिद्ध और पवित्र धार्मिक स्थल को लेकर एक पौराणिक कथा प्रचलित है.