जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

Aaj Ka Panchang: आज मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें अभिजीत मुहूर्त और दिशाशूल

मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.

Aaj Ka Panchang: आज मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें अभिजीत मुहूर्त और दिशाशूल
Image Credits: AI Generated
Advertisement

हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 

13 अक्टूबर 2026 का पंचांग 

13 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रात 11:28 बजे तक रहेगी. इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी. मंगलवार को सुबह 6:26 बजे सूर्योदय और शाम 5:59 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 8:40 बजे चंद्रोदय और शाम 7:37 बजे चंद्रास्त होगा.

Advertisement

13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को शारदीय नवरात्र का तीसरा दिन है. इस दिन मां चंद्रघंटा (दुर्गा जी के दूसरे स्वरूप) की पूजा की जाती है. मां की पूजा करना अत्यंत फलदायी रहेगा.

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का मित्र माना जाता है. सूर्य और मंगल के इस मेल से व्यक्ति के भीतर गजब का आत्मविश्वास, साहस, पराक्रम और ऊर्जा बढ़ती है. नौकरीपेशा लोगों के काम की उच्च अधिकारियों द्वारा सराहना होती है. प्रशासन, उच्च पदों या प्रबंधन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ, नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकते हैं.

मंगलवार को रात 8:23 बजे तक प्रीति योग रहेगा. वैदिक ज्योतिष में प्रीति योग 27 नित्य योगों में से दूसरा अत्यंत शुभ योग माना जाता है. 'प्रीति' का अर्थ प्रेम, स्नेह, लगाव और मित्रता होता है. जब सूर्य और चंद्रमा की गतियों के योग से बनने वाली खगोलीय दूरी 13 अंश 20 कला से 26 अंश 40 कला के बीच होती है, तब प्रीति योग का निर्माण होता है. इस योग के देवता या स्वामी भगवान विष्णु को माना गया है, जो प्रेम और पालन के प्रतीक हैं.

13 अक्टूबर 2026 के शुभ मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवाँ मुहूर्त) होता है. माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है.

Advertisement

मंगलवार को शाम 4:13 से 5:56 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ माना गया है.

13 अक्टूबर 2026 को राहुकाल का समय


इस दिन राहुकाल दोपहर 3:06 बजे से 4:32 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.

मंगलवार को गुलिक काल और यमगंड काल

मंगलवार को गुलिक काल दोपहर 12:13 से 1:39 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को 'विषैला समय' भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, जिसे अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है. जो काम बार-बार करने हों, वे इस काल में किए जा सकते हैं. बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है.

Advertisement

शारदीय नवरात्र का तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा की पूजा

इस दिन यमगंड काल सुबह 9:19 से 10:46 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए.

मंगलवार को सूर्य देव कन्या राशि में स्थित रहेंगे. जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन, कामकाज और बौद्धिक क्षमता पर विशेष रूप से पड़ता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी माना जाता है.

Advertisement

कन्या राशि में सूर्य और तुला राशि में चंद्रमा

इस दिन चंद्रमा तुला राशि में रहेगा. ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा के तुला राशि में होने का मतलब है कि जातक के आंतरिक मन, भावनाओं और स्वभाव पर शुक्र ग्रह और वायु तत्व का गहरा प्रभाव है. ऐसे लोग झगड़े और विवाद से दूर रहना चाहते हैं. ये जीवन के हर पहलू में संतुलन और न्याय की तलाश करते हैं. इनका स्वभाव मिलनसार, विनम्र और कूटनीतिक होता है. ये अपनी मीठी वाणी और समझदारी से दूसरों का दिल आसानी से जीत लेते हैं.

यह भी पढ़ें

मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें