इस दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी. महर्षि कात्यायन की तपस्या और उनके यहां पुत्री के रूप में मां के प्रकट होने के कारण 'कात्यायनी' नाम पड़ा. देवी सिंह (शेर) पर सवारी करती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कात्यायनी मानव शरीर के आज्ञा चक्र की अधिष्ठात्री हैं. इनकी उपासना से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है. विवाह में आ रही बाधाएं भी इनकी कृपा से दूर होती हैं.
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धर्म ज्ञान16 Oct, 202606:00 AM16 अक्टूबर का पंचांग: मां कात्यायनी की पूजा करने से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की होती है प्राप्ति, रात 2:39 से 4:27 बजे तक अमृतकाल
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धर्म ज्ञान15 Oct, 202607:00 AM15 अक्टूबर का पंचांग: ललिता पंचमी पर कब है पूजा का शुभ समय, जानें राहु काल और दिनभर के मुहूर्त
पंचांग हिंदू काल-गणना की एक पारंपरिक पद्धति है, जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर दिन की धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारी दी जाती है.
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धर्म ज्ञान14 Oct, 202607:00 AM14 अक्टूबर का पंचांग: मां के चौथे स्वरूप कूष्मांडा की पूजा करने से बढ़ता है आयु, यश और बल, रात 8:38 बजे तक रहेगा आयुष्मान योग
इस दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है. देवी कूष्मांडा की पूजा करने से आयु, यश, बल और स्वास्थ्य बढ़ता है. मां कुष्मांडा की आठ भुजाएं हैं, जिसके कारण इन्हें 'अष्टभुजा देवी' भी कहते हैं. इनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल का पुष्प, अमृत से भरा कलश, चक्र, गदा और जप की माला है. मां की सवारी सिंह (बाघ) है.
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धर्म ज्ञान11 Oct, 202606:00 AM11 अक्टूबर का पंचांग : शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, घटस्थापना के साथ की जाएगी मां शैलपुत्री की पूजा
11 अक्टूबर 2026 (आश्विन शुक्ल प्रतिपदा) को शारदीय नवरात्र का पहला दिन है, इस दिन माँ शैलपुत्री (मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप) की पूजा की जाएगी। इसके अलावा घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाएगी.
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धर्म ज्ञान09 Oct, 202603:19 PMनवरात्रि के पहले दिन कैसे करें घटस्थापना? जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और जरूरी सामग्री
इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी। इसी दिन कलश स्थापना की जाएगी. इसके लिए सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है. वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही मां दुर्गा की पूजा और नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी.
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धर्म ज्ञान07 Oct, 202606:00 AM7 अक्टूबर का पंचांग : रात 7:18 से 8:52 बजे तक अमृतकाल, सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा अभिजीत मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है. हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा का सूर्य से मित्रता का संबंध माना गया है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हस्त नक्षत्र 13वां नक्षत्र है, जिसका अर्थ 'हाथ' होता है. इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है.
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धर्म ज्ञान02 Oct, 202604:13 PMजितिया व्रत कब है? शिप्रा सचदेव से जानिए नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय और महत्व
व्रत का मुख्य दिन 3 अक्टूबर को है. इस दिन माताएं पूरे 24 घंटे से भी अधिक समय तक निर्जला उपवास रखती हैं. शिप्रा सचदेव के अनुसार, इस दिन सुबह उठकर व्रत का संकल्प लिया जाता है. उसके बाद संपूर्ण दिन अन्न और जल का पूरी तरह से त्याग किया जाता है.
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धर्म ज्ञान29 Sep, 202606:00 AM29 सितंबर 2026 का पंचांग: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति
सोमवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस अशुभ दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.
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धर्म ज्ञान28 Sep, 202605:49 PMगया के बाद बोधगया क्यों पहुंचते हैं श्रद्धालु? जानिए पिंडदान और तर्पण का धार्मिक महत्व
पितृपक्ष के दौरान बोधगया का धार्मिक वातावरण पूरी तरह बदल जाता है. सुबह से शाम तक मंदिर परिसर और आसपास के घाटों पर वैदिक मंत्रोच्चार गूंजता रहता है. विभिन्न राज्यों से आए पुरोहित श्रद्धालुओं को विधि-विधान के अनुसार पिंडदान और तर्पण कराते हैं.
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धर्म ज्ञान27 Sep, 202607:27 PM28 सितंबर का पंचांग: पूर्वजों के निमित्त द्वितीया पर करें तर्पण और पिंडदान, सुबह 11:53 से दोपहर 12:41 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है. हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा का सूर्य से मित्रता का संबंध माना गया है.
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धर्म ज्ञान23 Sep, 202607:00 AM23 सितंबर का पंचांग: वामन जयंती पर भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करना फलदाई, शाम 4:27 बजे तक रहेगा सुकर्मा योग
बुधवार को वामन जयंती मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के पांचवें वामन रूप की पूजा करने से सुख-समृद्धि मिलती है और बाधाएं दूर होती हैं.
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धर्म ज्ञान17 Sep, 202606:00 AM17 सितंबर 2026 पंचांग: आज षष्ठी तिथि, अनुराधा नक्षत्र, जानें अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
17 सितंबर को दिशाशूल दक्षिण दिशा में रहेगा. पारंपरिक मान्यता के अनुसार, यदि इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करनी हो तो यात्रा से पहले दिशाशूल का ध्यान रखा जाता है.
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धर्म ज्ञान16 Sep, 202612:35 PMकब है विश्वकर्मा पूजा? तारीख से लेकर शुभ मुहूर्त और विधि तक जानें सब कुछ
धार्मिक मान्यताओं में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के दिव्य निर्माणकर्ता के रूप में वर्णित किया गया है. उन्हें शिल्प, निर्माण और वास्तुकला का अधिष्ठाता देव माना जाता है.