×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

'आप चुनाव आयुक्त नहीं, मुस्लिम आयुक्त थे…', निशिकांत दुबे ने पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी को घेरा

गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगा दिया. उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में घुसपैठियों को आपके कार्यकाल में वोटर बनाया गया.

Author
20 Apr 2025
( Updated: 10 Dec 2025
09:51 PM )
'आप चुनाव आयुक्त नहीं, मुस्लिम आयुक्त थे…', निशिकांत दुबे ने पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी को घेरा
Advertisement
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस. वाई. कुरैशी पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने कुरैशी के वक़्फ़ कानून की आलोचना वाले बयान पर पलटवार किया और उनके कार्यकाल के दौरान कथित रूप से अवैध घुसपैठियों के वोटर कार्ड बनाए जाने को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. इससे पहले दुबे ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर भी टिप्पणी की थी जिस से पार्टी और जेपी नड्डा ने किनारे करते हुए सिरे से ख़ारिज कर दिया था.

 कुरैशी के दौर में बने घुसपैठियों के वोटर आईडी, दुबे का बड़ा आरोप

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस. वाई. कुरैशी पर मुस्लिम आयुक्त होने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया है. दुबे ने अपने पोस्ट में कुरैशी के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कुरैशी ने वक्फ कानून को सरकार की ऐसी योजना बताया था, जो मुस्लिम जमीनों को हड़पने के लिए बनाई गई है. दुबे ने कुरैशी पर झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में उनके कार्यकाल के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता बनाने का आरोप लगाया.

कुरैशी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए क्या कहा था?

Advertisement

17 अप्रैल को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त कुरैशी ने एक 'एक्स' पोस्ट में लिखा था, "यह वक्फ कानून निश्चित रूप से मुस्लिमों की जमीन हड़पने की सरकार की एक बहुत बुरी साजिश है. मुझे पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट इसे गलत बताएगा. शरारती प्रचार तंत्र ने भी गलत जानकारी फैलाकर अपना काम अच्छे से कर दिया है."

दुबे ने कुरैशी पर किया पलटवार!

कुरैशी के इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए 20 अप्रैल को निशिकांत दुबे ने लिखा, "आप चुनाव आयुक्त नहीं, मुस्लिम आयुक्त थे. झारखंड के संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोटर सबसे ज्यादा आपके कार्यकाल में ही बनाया गया. इस्लाम धर्म भारत में 712 में आया, उसके पहले तो यह जमीन हिंदुओं की या उस आस्था से जुड़ी आदिवासी, जैन या बौद्ध धर्मावलंबियों की थी."

उन्होंने देश को जोड़ने की अपील करते हुए पोस्ट में आगे लिखा, "मेरे गांव विक्रमशिला को बख्तियार खिलजी ने 1189 में जलाया. अतिश दीपांकर के तौर पर विक्रमशिला विश्वविद्यालय ने दुनिया को पहला कुलपति दिया. इस देश को जोड़ो, इतिहास पढ़ो. तोड़ने से पाकिस्तान बना, अब बंटवारा नहीं होगा?"

Advertisement

दुबे के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिले. कुछ यूजर्स ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि देश को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो सच बोलने की हिम्मत रखते हों.

सुप्रीम कोर्ट पर बरसे थे निशिकांत दुबे

इससे पहले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट की चल रही सुनवाई के संदर्भ में न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल उठाए थे. उन्होंने न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा था कि यदि सुप्रीम कोर्ट ही कानून बनाएगा, तो संसद को बंद कर देना चाहिए. दुबे के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान से किनारा करते हुए इसे नेता की व्यक्तिगत राय करार दिया और ऐसी टिप्पणियों से बचने का निर्देश जारी किया.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें