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कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ... राज्यपाल ने स्वीकार किया सिद्धारमैया का इस्तीफा, अब डीके शिवकुमार की ताजपोशी तय?

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार करते हुए उनकी मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया है. बता दें मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले ही इस्तीफ़ा दिया था.

कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ... राज्यपाल ने स्वीकार किया सिद्धारमैया का इस्तीफा, अब डीके शिवकुमार की ताजपोशी तय?
Image Source: IANS
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कर्नाटक की राजनीति में सत्ता परिवर्तन का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक दिन पहले ही लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल के निजी सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया, क्योंकि उस समय राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु से बाहर थे. हालांकि इस्तीफा सौंपे जाने के बाद भी इसे लेकर असमंजस बना हुआ था कि राज्यपाल इसे मंजूरी देंगे या नहीं. अब इस पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट हो गई है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. साथ ही नई सरकार के गठन तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालते रहने को कहा गया है.

राज्यपाल ने भंग की सिद्धारमैया मंत्रिपरिषद

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है. राज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपा था, जिसे 29 मई 2026 को स्वीकार कर लिया गया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया को लिखे पत्र में कहा, 'मैंने आपके द्वारा प्रस्तुत इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक आप कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहें.'

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मुख्य सचिव को भेजा गया आधिकारिक पत्र

कर्नाटक सरकार की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को भेजे गए पत्र में राज्यपाल के विशेष सचिव आर. प्रभु शंकर ने कहा कि संबंधित अधिसूचना के तहत सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और उनकी मंत्रिपरिषद भंग कर दी गई है. राज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सिद्धारमैया तब तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहेंगे, जब तक नए मुख्यमंत्री के चयन और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती.

नए मुख्यमंत्री को लेकर तेज हुई सियासत

सिद्धारमैया के इस्तीफा देने के बाद कर्नाटक में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस विधायक दल की बैठक जल्द बुलाए जाने की संभावना है, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही खींचतान इस घटनाक्रम की एक प्रमुख वजह मानी जा रही है. कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाईकमान की सलाह पर सिद्धारमैया ने इस्तीफा सौंपा है. अब नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला दिल्ली में पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए जाने की संभावना है। हालांकि, डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है.

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बहरहाल, कर्नाटक की राजनीति में सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले पर टिकी है. अब देखना होगा कि पार्टी नए मुख्यमंत्री के रूप में किस चेहरे पर अंतिम मुहर लगाती है.

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