यूपी राइज 2026: युवाओं को 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बना रही योगी सरकार
मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना और यूपी स्किल मिशन जैसी महत्वाकांक्षी नीतियों के बारे में विस्तार से बताया. साथ ही, महिला सामर्थ्य योजना और फ्री टैबलेट योजना के माध्यम से मिलने वाली वित्तीय सहायता पर भी प्रकाश डाला गया, ताकि युवा अपने बिजनेस मॉडल को सफल बना सकें.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन को धरातल पर उतारने और युवाओं को उद्यमिता के प्रति प्रेरित करने के लिए बुधवार को राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में 'यूपी राइज 2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. इस वृहद आयोजन में हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ प्रतिभाग किया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं की मानसिकता में बदलाव लाकर उन्हें केवल नौकरी तलाशने वाला (जॉब सीकर) न बनाकर, स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' बनाना है. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जाने-माने कंटेट क्रिएटर मुख्य अतिथि हिमेश मदान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
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सरकारी योजनाओं की मिली विस्तृत जानकारी
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में नवाचार (इनोवेशन) और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रही है. कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना और यूपी स्किल मिशन जैसी महत्वाकांक्षी नीतियों के बारे में विस्तार से बताया. साथ ही, महिला सामर्थ्य योजना और फ्री टैबलेट योजना के माध्यम से मिलने वाली वित्तीय सहायता पर भी प्रकाश डाला गया, ताकि युवा अपने बिजनेस मॉडल को सफल बना सकें.
छात्रों ने प्रस्तुत किए एक से बढ़कर एक नवाचार
आयोजन में छात्रों ने 20 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए, जिनमें से 15 शॉर्टलिस्ट हुए. इनमें हर्बल फार्मेसी, रैक्सर (रोबोटिक्स सिमुलेशन), कैम्पसनेस्ट (छात्र आवास), प्रीमियम मखाना ब्रांड, यूवी स्टेरिलाइजेशन (नोटों के लिए), कृषि अपशिष्ट से अपशिष्ट जल उपचार, काली खाद (बायोचार), 3डी कास्टिंग स्मृति चिन्ह, एग्रो-टूरिज्म, आरोहन ग्रुप ऑफ कंपनीज (डिजिटल सर्विसेज), हर्बल सनस्क्रीन, ICBIEAAM (मल्टी-सेक्टर प्लेटफॉर्म) और अवध डिजिटल मीडिया जैसे नवाचार शामिल रहे. पर्यावरण के अनुकूल 'पोर्टेबल दाह संस्कार प्रणाली' भी चर्चा का केंद्र रही, जो लकड़ी की खपत को 30% तक कम करती है.
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'ग्रीन ग्रो ऑर्गेनिक फार्मिंग' रही विजेता
प्रतियोगिता में प्रत्येक टीम को प्रस्तुति के लिए 7 मिनट का समय दिया गया. शानदार प्रदर्शन के बल पर 'टीम ग्रीन ग्रो ऑर्गेनिक फार्मिंग' (कुशीनगर) ने प्रथम स्थान हासिल कर 25,000 रुपये का पुरस्कार जीता. वहीं, 'पोर्टेबल क्रिमेशन सेंटर' ने दूसरा स्थान प्राप्त किया. टीम रैक्सर और 'ग्रेवाटर ट्रीटमेंट विद एग्रो वॉटर बायोचार' का कार्य भी उल्लेखनीय रहा. मेंटर के रूप में ज्योति तिवारी और ईशा शाह ने छात्रों का मार्गदर्शन किया. युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखाने वाला यह 'यूपी राइज' कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाना है.